रोम का इतिहास, रोमन गणतंत्र की स्थापना और सैन्य विस्तार

रोम का आरंभिक इतिहास काफी अपर्याप्त ओर बिखरा हुआ है ओर ज्यादातर किंवदतियों
पर आधारित हे। परंतु हमारा मुख्य स्त्रोत इतिहासकार लेवी (64.17 बी सी ई) हैं जिन्होंने
रोम का इतिहास उसकी बुनियाद से लेकर अपने तत्कालीन काल तक लिखा। आरंभिक
रोमन मुख्य रूप से एक पशुपालक समुदाय के लोग थे, जो मवेशी, सुअर, बकरी ओर भेड़
पालते थे और बिखरे हुए गांवों में रहा करते थे, और वे हिंद-यूरोपीय भाषा बोला करते थे
जिसे प्रोटो.लेटिन भी कहा जा सकता है। यह पूरी संस्कृति एक पूर्व.नगरीय चरण में
प्रासंगिक की जा सकती हे। किसी समय में ये बिखरे हुए समुदाय एक बड़ी इकाई में समा
गए, जिसे पहली बार रोम के नाम से जाना गया।

नगर की स्थापना से संबंधित अनेक किंवदंतियां हें। एट्रूस्कन किंवदंती के अनुसार, रोम की
स्थापना दो भाईयों – रोमुलस ओर रेमस – द्वारा 753 बी सी ई में की गई थी। ऐसा कहा
जाता है कि इसका निर्माण तब हुआ जब टाइबर नदी के किनारे बसी बस्तियों को एक दीवार
द्वारा समावृत किया गया। नदी ने रोम शहर को उत्तर की ओर व्यापार मार्ग प्रदान किया
ओर दक्षिण की ओर स्थित इसके ओस्टिया बंदरगाह द्वारा समुद्र तक पहुंच प्रदान की। रोम
दो संस्कृतिओं के मध्य स्थित थाः जिसके एक ओर दक्षिण में स्थित यूनानी बस्तियां थीं ओर
दूसरी ओर उत्तर में स्थित एट्रूस्कन सभ्यता थी। भौगोलिक ओर वास्तविक रूप से रोम
एट्रूस्कन और यूनानी संस्कृतियों के संगम का संधि.स्थल था। ऐसा माना जाता है कि
रोमुलस उन सात शासकों में से पहले शासक थे जिन्होंने रोम पर 753 बी सी ई से लेकर
509 बी सी ई के मध्य शासन किया।

इस समय इटली में सबसे शक्तिशाली लोग एट्रूस्कन थे। एट्रूस्कन ने रोम पर करीब सो साल
से ज्यादा ;616.510 बी सी ईद्ध शासन किया। एट्रूस्कन की उच्च सभ्यता से सम्पर्क में आने
से रोम को नई प्रेरणा मिली। इसने रोम के आरंभिक घटनाक्रम पर गहरा प्रभाव डाला।
एट्रूस्कन शासन ने शहरीकरण का शुभांरभ किया ओर रोम पहली बार व्यापार का एक
महत्वपूर्ण केंद्र बना। इसके अतिरिक्त रोम के लोगों के अभियांत्रिकीय कोशल ने उन्हें
केपिटोलाइन ओर पेलेटाइन पहाड़ों के मध्य स्थित दलदली भूमि को शुष्क कर खेती योग्य
बनाने में सफलता प्रदान की ओर उन्होंने गहन खेती का भी विस्तार किया। रोमन एट्रूस्कन
धार्मिक प्रथाओं से भी प्रभावित थे। उन्होंने मंदिरों ओर उपासना के लिए मूर्तिओं का निर्माण
भी करवाया। अनेक राजनेतिक ओर सैनिक सुधार किए गए जिनमें जनगणना ;भू.सम्पत्ति
पर आधारित सैन्य सेवा का दायित्वद्ध ओर एक नयी राजनीतिक सभा, काॅमिटा सेंचुरिआटा,
की स्थापना शामिल था।

पुरातात्विक साक्ष्य इटली में एट्रूस्कन सत्ता के छटी शताब्दी में पतन होने की ओर संकेत
करते हें। ऐसा माना जाता हे कि रोम में आखरी एट्रूस्कन शासक को निर्वासित कर 509
बी सी ई में गणतंत्र की स्थापना की गई थी।

रोमन गणतंत्र की स्थापना और सैन्य विस्तार

रोमन विस्तार का अध्ययन दो चरणों में किया जा सकता हे। पहला चरण आरंभिक
सुदृढ़ीकरण का समय था; जबकि दूसरे चरण में रोम ने भूमध्यसागर के पार अपनी शक्ति
को सुदृढ़ किया।

विजय का पहला चरण

सभी लेखक रोम के राजतंत्र के अंत ओर गणतंत्र की स्थापना को रोमन इतिहास की
आधारभूत घटनाओं में से एक मानते हैं। 509 बी सी ई, में टर्किन्स का एट्रूस्कन वंश रोम से
निष्कासित कर दिया गया जिसने दो काॅन्सलों (ब्वदेनसे) द्वारा शासित गणतंत्र की
स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। समस्त पांचवी शताब्दी बी सी ई के दौरान रोम की राजनीति
का मुख्य उद्देश्य उसकी अपने प्रदेश और लेटियम के मैदानों की अपने सगोत्रीय
कुटुम्ब.जनों के सहयोग से शत्रुओं से रक्षा करना था। इस प्रकार, रोम ने पड़ोस की पहाडि़यां
की तीन खूंखार जनजातियों के लेटिन नगरों (आसपास के प्रदेश लेटियम केंपर इनका
नाम पड़ा) के साथ एक संघ का निर्माण किया। 

406 बी सी ई में रोम ने अपने सबसे बड़े
शत्रु एट्रूस्कन के वेई नगर पर आक्रमण किया ओर अंततः 396 बी सी ई में अंततः उस पर
कब्ज ़ा कर लिया। यह विजय रोम के लिए बहुत निणार्यक सिद्ध हुई क्योंकि इससे रोम को
मध्य इटली के संपन्न संसाधनों की पहुंच मिली। मध्य इटली में अपनी सत्ता स्थापित करने
के पश्चात रोम दक्षिणी इटली की ओर मुड़ा, जो यूनानियों का एक उपनिवेश था। अंततः रोम
ने यूनानियों से कई घमासान लड़ाइयों के पश्चात इस क्षेत्र में अपनी सत्ता स्थापित की। 
266
बी सी ई तक प्रायद्वीपीय इटली पर लंबी ओर दुष्कर विजयों द्वारा रोमन कब्ज़ा पूरी तरह से
स्थापित हो गया। अब, संपूर्ण प्रायद्वीप प्रत्यक्ष ओर अप्रत्यक्ष रूप से रोम के अधीन था।

विजय का पहला चरण

इटली पर नियंत्रण के बाद रोम भूमध्यसागरीय जगत (264.133 बी सी ई) का विजेता बनने
के लिए निकल पड ़ा। तीसरी शताब्दी बी सी ई के मध्य तक रोमन गणतंत्र ने प्यूनिक युद्ध2
के नाम से पहचाने जाने वाले सैन्य अभियानों की श्रृंखला का आरंभ कर दिया था। ये युद्ध
कार्थेज के विरूद्ध लड़े गए, जो कि आधुनिक ट ्यूनीशिया मेंफोनेशियनों द्वारा स्थापित
उपनिवेश था, परिणामस्वरूप इसके वृहद कृषि क्षेत्र ओर सिसली, कोरसिका ओर पूर्वी
आईबेरियन प्रायद्वीप के भागों के व्याव्सायिक संसाधनों पर उनका नियंत्रण कायम हो गया।

तीन प्यूनिक युद्ध लड ़े गए ओर तीसरे प्यूनिक युद्ध के अंत में कार्थेज के साम्राज्य का पूरी
तरह से विनाश हो चुका था ओर उसके प्रदेशों को रोम में मिला लिया गया। जिन प्रदेशों
को प्यूनिक युद्धों के द्वारा साम्राज्य में मिलाया गया था उन्हें रोमन प्रांत सिसली, स्पेन ओर
अफ्रीका के तौर पर पुनर्गठित किया गया।

पूर्व में रोमन गणतंत्र ने मेसिडोनिया ओर अन्य यूनानी राज्यों से युद्ध किया ओर उन्हें अपने
नियंत्रण में ले लिया। रोमन प्रभाव ने एनातोलिया को भी अपने में समाहित किया ओर मिस्र
तकफैल गया। इस प्रकार, रोमन प्रभाव दूसरी शताब्दी बी सी ई के मध्य तक मध्य
भूमध्यसागरीय क्षेत्र में स्थापित हो गया।

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