भारत में वर्षा के प्रकार
जल वाष्प द्रवीभूत होकर धरातल पर बूँदों के रुप में गिरता है तो उसे वर्षा कहा जाता है। वाष्प के द्रवीभूत होकर धरातल पर बूँदों के रुप में गिरने से पहले अत्य आवश्यक परिवर्तन होते हैं। जैसे- हवा का ठण्डा होकर ओस बिन्दु तक पहुँचना, बादल बनना तथा जल सीकरों का बूँदों में परिवर्तित होना आदि। …