भारत में लाख उत्पादन क्षेत्र और लाख का उपयोग
लाख (Shellac) – इस प्रकार के कीडे जो लैसिफ़र लक्का (Lacciferlacca) या लैक – बैग (Lac bag) जाति के होते हैं, कुछ पेड़ों के रसको चूसकर लाख बनाते हैं। ये कीड़े कुसुम, पलास, गूलर, बरगद, खैर, रीठा, पीपल तथा बबूल पेड़ों की नरम डालों के रस को चूस कर लाख बनाते हैं। यह कीड़ा 305 मीटर …