माध्यम भाषा किसे कहते हैं

माध्यम भाषा उसे कहते हैं, जो ‘माध्यम’ में प्रयुक्त होती है । जिस भाषा के द्वारा शिक्षण-प्रशिक्षण औ पठन-पाठन की व्यवस्था की जाती है, उसे ‘माध्यम भाषा’ कहते हैं । माध्यम भाषा का यह सामान्य अर्थ है माध्यम भाषा को अंग्रेजी में ‘Medium Language’ कहते हैं । भारत में उच्च स्तर पर ज्ञान-विज्ञान, तकनीकी मॅनेजमेंट आदि …

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सृजनात्मक भाषा किसे कहते हैं?

दैनिक जीवन व्यवहार में बोलचाल की भाषा का प्रयोग होता है । जब बोलचाल की भाषा में कल्पना, नूतनता एवं मुहावरे आदि का प्रयोग होता है, तो सर्जनात्मक भाषा का रूप विकसित होता है । कुछ विद्वानों का मत है कि, भाषा में होने वाले नए प्रयोग या परिवर्तन को सर्जनात्मक कहा (Creative language) जाता है …

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भारत में कितनी भाषाएँ बोली जाती हैं?

1971 की जनगणना के अनुसार भारत में 1652 प्रकार कि भाषाओं का उपयोग होता था। अधिकांश भाषाएं उत्तर भारत में बोली जाती थी। भाषाओं की यह बहुलता भारत में पहले से जाति और वंश के आधार पर विभाजित जनसंख्या में नई सामाजिक दरार पैदा करती है और देश के अन्दर संचार के कार्य को मुश्किल बनाती …

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बुंदेली भाषा का इतिहास और क्षेत्र

बुंदेली भी एक बोली है जो एक निश्चित क्षेत्र में बोली जाती है। बुंदेली भाषा का इतिहास बुंदेली भाषा का समृद्ध इतिहास है। यह भाषा शौरसेनी अपभ्रंश के ‘मध्यदेशीय’ से विकसित पश्चिमी हिन्दी की एक प्रमुख बोली है। यह तथ्य सर्वविदित है कि हिन्दी की लोकभाषाओं का उदय मध्यदेशीय शौरसेनी अपभ्रंश से माना गया है। शौरसेनी …

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मालवी भाषा के कवि

malvi bhasha ke kavi मालवी भाषा के कवि संत पीपा, आनंदराव दुबे, हरीश निगम, बालकवि बैरागी और नरहरि पटेल है। मालवी भाषा के कवि मालवी भाषा के कवि संत पीपा, आनंदराव दुबे, हरीश निगम, बालकवि बैरागी और नरहरि पटेल है। 1. संत पीपा संत पीपा प्रतापराव खीची राजपूत थे। संत पीपा जी के जन्मकाल के संबंध …

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भाषा के कार्य क्या है ?

भाषा क्या है? “भाषा वह साधन है जिसके माध्यम से हम अपने विचारों को दूसरों पर व्यक्त करते हैं या सोचते हैं।” इस प्रकार भाषा मुंह से उच्चारित ध्वनियों द्वारा अभिव्यक्ति के साथ-साथ मौन चिंतन का साधन एवं सांकेतिक अभिव्यक्ति भी है। परंतु यदि हम थाडे ़ी गहराई में जाकर समझें तो भाषा केवल अभिव्यक्ति का …

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