धर्म किसे कहते हैं धर्म की कुछ मौलिक विशेषताएं?

धर्म आध्यात्मिक शक्ति में विश्वास पर आधारित एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें प्रथाएं एवं पवित्रता से सम्बद्ध मूल्य पाये जाते हैं। यह अलौकिक इकाइयों एवं शक्तियों से सम्बन्धित होता है, जिन्हें मानव समूहों सांसारिक अस्तित्व का अन्तिम लक्ष्य माना जाता है। मनुष्य ने अपने दैनिक जीवन को संचालित करने के लिए कई क्रिया-तन्त्रों का विकास किया …

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वैष्णव धर्म के सिद्धांत एवं विचार

वैष्णव धर्म का विकास भागवत धर्म से हुआ। मान्यता के अनुसार इसके प्रवर्तक वृष्णि (सत्वत) वंशी कृष्ण थे जिन्हें वसुदेव का पुत्र होने के कारण वासुदेव कृष्ण कहा गया। छान्दोग्य उपनिषद में उन्हें देवकी-पुत्र कहा गया है तथा घोर अंगिरस का शिष्य बताया गया है। कृष्ण के अनुयायी उन्हें भगवत् कहते थे। अतः उनके द्वारा प्रवर्तित …

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शैव धर्म क्या है शैव धर्म के सम्प्रदाय एवं विश्वास

शैव धर्म शिव से सम्बद्ध धर्म को शैव धर्म कहा जाता है जिसमें शिव को इष्टदेव मानकर उनकी उपासना की जाती है। संभवतः शैव धर्म भारत का प्राचीनतम धर्म था। सैन्धव सभ्यता की खुदाई में मोहनजोदड़ों से एक मुद्रा पर पद्मासन में विराजमान एक योगी का चित्र मिलता है। योगी के सिर पर त्रिशूल जैसा आभूषण …

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