संविधानवाद का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं तत्व विकास

संविधानवाद का इतिहास भी उतना ही पुराना है, जितना राजनीतिक संस्थाओं का इतिहास। राजनीतिक संस्थाओं और राजनीतिक शक्ति के प्रादुर्भाव ने मानव को इनकी निरंकुशता के बारे में सोचने को बाध्य किया है। शक्ति मनुष्य को भ्रष्ट करती है और जब इसका सम्बन्ध राजनीतिक संस्थाओं या राजनीति से जुड़ जाता है तो इसके पथभ्रष्ट व दुरुपयोग …

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राजनीतिक संस्कृति का अर्थ, परिभाषा, प्रकार , प्रकृति व विशेषताएं

राजनीतिक संस्कृति की अवधारणा राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में बिल्कुल नई संकल्पना है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि समान राजनीतिक संरचनात्मक ढांचे वाली राजनीतिक व्यवस्था में अन्तर क्यों आ जाता है तथा राजनीतिक विकास की दिशाएं भी अलग-अलग क्यों हो जाती है। इसके लिए राजनीतिक विश्लेषकों …

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राजनीतिक समाजीकरण का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएं

विश्व की राजनीतिक व्यवस्थाओं का अवलोकन करने से जो महत्वपूर्ण बात हमारे सामने आती है, वह राजनीतिक व्यवहार की विभिन्नता है। इसका प्रमुख कारण राजनीतिक संस्कृतियों में पाए जाने वाले अन्तर को माना जाता है। राजनीतिक संस्कृति की विभिन्नता के कारण ही भारत और ब्रिटेन में संसदीय व्यवस्थाओं का कार्य-व्यवहार आपस में काफी प्रतिकूल है। राजनीतिक …

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राजनीतिक संचार का अर्थ, परिभाषा, अभिकरण व संरचनाएं

संचार साधनों के विकास ने मनुष्य को न केवल सामाजिक बल्कि राजनीतिक मानव भी बना दिया है। संचार साधनों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर ही राजनीति विज्ञान में राजनीतिक संचार की संकल्पना का विकास किया गया है। आज राजनीतिक संचार राजनीति विज्ञान की वह महत्वपूर्ण अवधारणा बन चुका है जिसके बिना किसी राजनीतिक व्यवस्था के …

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राजनीतिक दल का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं

दलीय व्यवस्था लोकतन्त्र की आत्मा है। आज विश्व के सभी लोकतन्त्रीय शासन व्यवस्थाओं वाले देशों में राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुनरो ने तो स्वतन्त्र राजनीतिक दलों के शासन को ही लोकतन्त्रीय शासन कहा है। आज लोकतन्त्र और राजनीतिक दल एक दूसरे के पूरक हैं। लोकतन्त्र में जनता का ही शासन होता है और राजनीतिक …

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कानून के शासन का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं विचार

कानून का शासन कानून की अवधारणा पर आधारित है। कानून सम्प्रभु का आदेश होता है जो सभी को मान्य होता है, क्येांकि वह सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित होता है। इसी कारण सभी लोग कानून की आज्ञा का पालन करते हैं। जिस राजनीतिक समाज में कानून को उचित महत्व दिया जाता है। वहीं पर कानून …

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प्रतिनिधित्व का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं सिद्धान्त

कोई भी समूह या गुट आज आवश्यक निर्णय लेने तथा आवश्य बातचीत के लिए अपने बड़े आकार के कारण प्रत्येक अवसर पर अपने सभी सदस्यों को एकत्रित नहीं कर सकते। इसके लिए वे अपने कुछ प्रतिनिधि सदस्यों का चुनाव कर लेते हैं, जो भविष्य में प्रत्येक निर्णय में भागीदार बनते हैं और समूह या गुट का …

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राजनीतिक अभिजन का अर्थ, प्रकृति, प्रकार एवं सिद्धान्त

राजनीतिक अभिजन की अवधारणा राजनीति विज्ञान की आधुनिक व प्रमुख धारणा है, यद्यपि इस धारणा के बीज प्लेटो व अरस्तु के समय में भी मौजूद थे। यह धारणा इस मान्यता पर आधारित है कि शासन करने के गुण थोड़े से व्यक्तियों में ही होते हैं। इसी कारण इसे सामाजिक डार्विनवाद का रूप माना जाता है। अभिजन …

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