मथुरा कला शैली की प्रमुख विशेषताएं

कुषाण काल की कला का दूसरा केंद्र मथुरा था। सहिष्णुता इस काल की एक खास विशेषता थी। यही कारण था कि इस कला शैली में जैन, बौद्ध तथा ब्राह्मण तीनों धर्माें के देवताओं की मूर्तियां बनाई गई।  मथुरा – शैली की मूर्तियों में विविधता है। ये मूर्तियां सफेद चित्तीदार पत्थर पर बनाई गई हैं। इस शैली में …

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