प्रेस एवं पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1867 के तहत प्रमुख प्रावधान

समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, पुस्तक आदि के प्रकाशन में प्रेस यानि प्रिटिंग मशीन की प्रमुख भूमिका है। इसके साथ ही समाचार पत्र आदि के प्रकाशन में संपादक, प्रकाशक व मुद्रक की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि किसी पत्र पत्रिका में को अवांछित सामग्री प्रकाशित हो जाती है तो ऐसे में प्रेस एवं पुस्तक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1867 के तहत …

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भारतीय विज्ञापन परिषद (advertising standards council of india) द्वारा निर्धारित आचार-संहिता में विस्तृत नियमावली

विज्ञापन कंपनियां विज्ञापन को आकर्षक बनाने की होड़ में क बार नैतिकता की सीमाओं का उल्लंघन करने लगती हैं। विज्ञापन में उत्तेजक और अश्लील दृश्य, अतिकल्पना, असत्य सूचनाओं, द्विअर्थी संवादों आदि का प्रयोग करते हुए उत्पाद को ऐसे आकर्षक, भ्रामक और मोहक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो उसकी वास्तविक प्रकृति से बिल्कुल भिन्न होता …

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जनसंपर्क का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, प्रमुख तत्व

जनसंपर्क का अर्थ है जनता से संपर्क। शाब्दिक रूप से जनसंपर्क दो शब्दों के मिलने से बना है ये शब्द ‘जन’ या ‘लोक’ तथा सम्पर्क, जिससे पता चलता है कि ‘जनता’ से सम्पर्क बनाए रखना ही इसका उदेश्य है।’’ जनसंपर्क की परिभाषा जनसंपर्क की परिभाषा अनेक विचारकों और लेखकों ने जनसंपर्क को अपने-अपने दृष्टिकोण से परिभाषित …

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वैज्ञानिक शोध का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ

वैज्ञानिक शोध का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ जब किसी समस्या या प्रष्न को क्रमबद्ध एवं वस्तुनिष्ठ (Objective) ढ़ंग से सुलझाने का प्रयास किया जाता है तो इस क्रिया केा ही वैज्ञानिक शोध कहते हैं। करलिंगर ने शोध के अर्थ को स्पष्ट करते हुये कहा कि – ‘‘स्वभाविक घटनाओं का क्रमबद्ध, नियंत्रित आनुभाविक एवं आलोचनात्मक अनुसन्धान जो …

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मार्क्सवाद के सिद्धान्त – वर्ग संघर्ष, ऐतिहासिक भौतिकवाद

मार्क्सवाद को सर्वप्रथम वैज्ञानिक आधार प्रदान करने का श्रेय कार्ल मार्क्स व उसके सहयोगी एंजिल्स को जाता है। फ्रांसीसी विचारकों सेण्ट साईमन तथा चाल्र्स फोरियर ने जिस समाजवाद का प्रतिपादन किया था, वह काल्पनिक था। कार्ल मार्क्स ने अपनी पुस्तकों ‘Das Capital’ तथा ‘Comunist Manifesto’ के वैज्ञानिक समाजवाद का प्रतिपादन किया।  कार्ल मार्क्स के सिद्धांत कार्ल मार्क्स …

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मार्क्सवाद क्या हैं ? मार्क्सवाद कि मूल सिद्धांत क्या हैं ?

कार्ल मार्क्स मार्क्सवाद क्या है? जर्मन विचारक कार्ल मार्क्स के समाज, अर्थशास्त्र और राजनीति से संबंधित विचारों को सामूहिक रूप में मार्क्सवाद के नाम से जाना जाता है। मार्क्सवादी विचारधारा के जन्मदाता कार्ल मार्क्स 1818-1883. तथा फ्रेडरिक एन्जिल्स 1820-1895 . है। इन दोनों विचारको ने इतिहास समाजशास्त्र विज्ञान अर्थशास्त्र व राजनीति विज्ञान की समस्याओ पर संयुक्त रूप से …

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कवि बिहारी का जीवन परिचय, रचनाएं, भावपक्ष, कलापक्ष

कवि बिहारी हिन्दी के रीति युग के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि है। इनकी ख्याति का एकमात्र आधार इनकी कृति ‘‘बिहारी सतसई’’ है। सतसई का मुख्य छन्द दोहा है। बीच-बीच में कुछ सोरठे भी मिल जाते है। केवल एक छोटी सी रचना के आधार पर जो यश बिहारी को मिला वह साहित्य क्षेत्र के इस तथ्य की घोषणा …

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सुरक्षा परिषद के संगठन एवं कार्यों का वर्णन

संयुक्त राष्ट्रसंघ का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य विश्व शांति और सुरक्षा को बनाये रखना है। उन महान् दायित्व की पूर्ति के साधन के रूप में सुरक्षा परिषद की स्थापना की गई है। इसलिये संघ के घोषणा-पत्र के अन्तर्गत विश्व-शान्ति और सुरक्षा बनाये रखने का मुख्य दायित्व सुरक्षा परिषद् पर ही डाला गया है।  इस दृष्टिकोण से यह …

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जनतंत्र किसे कहते हैं? अर्थ, परिभाषा, प्रकार

जनतंत्र (डेमोक्रेसी) का साधारण अर्थ है जन+तंत्र या लोक+तंत्र जनता का शासन या शासन पर नियंत्रण, जनतंत्र एक प्रकार से सामाजिक संगठन है, और इसके अर्थ को भी विविध रूपो में लिया जाता है। जनतंत्र का अर्थ जनतंत्र ‘डेमोक्रेसी’ Democracy शब्द का हिन्दी रूपान्तर है । अंग्रेजी के (Democracy) शब्द की उत्पत्ति दो ग्रीक शब्दों – …

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शिक्षा का समाज पर प्रभाव एवं शिक्षा का समाज में स्थान

शिक्षा का समाज पर प्रभाव एवं स्थान इस पर हम बिन्दुवार आगे कुछ विस्तार से देखेंगे- शिक्षा का समाज पर प्रभाव समाज शिक्षा के प्रत्येक पक्ष को प्रभावित करता है तो ठीक उसी प्रकार शिक्षा भी समाज को प्रत्येक पक्ष पर प्रभावित करती है, चाहे आर्थिक, राजनैतिक, सांस्कृतिक स्वरूप हो। इस पर हम बिन्दुवार आगे कुछ …

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