निबंध का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएँ

निबंध से तात्पर्य उस रचना से है, जिसे अच्छी तरह से बाँधा जाता है या जिसमें विचारों अथवा घटनाओं को सही क्रम देकर, गूँथ कर लिखा जाता है। निबंध गद्य में लिखा जाता है। उपन्यास, कहानी, संस्मरण आदि के समान यह भी गद्य की एक महत्त्वपूर्ण विधा है। निबंध आकार में छोटा भी हो सकता है …

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मापन क्या है? मापन की आवश्यकता

माना कि आपको एक खेल के मैदान की लम्बाई नापने के लिए कहा जाता है तो आप क्या करेंगे? सम्भवत: आप मैदान के एक सिरे से दूसरे सिरे तक चलकर अपने कदमों की संख्या को नापेंगे। एक अन्य सम्भावना है कि आप किसी मापक फीता या किसी मीटर पैमाने की व्यवस्था करें और फिर उसकी सहायता …

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मानव अधिवास का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

यदि परिभाषित करें तो अधिवास मानवीय बसाहट का एक स्वरूप है जो एक मकान से लेकर नगर तक हो सकता है। अधिवास से एक और पर्याय का बोध होता है-क्योंकि अधिवास में बसाहट एक सामाजिक प्रक्रिया है जिसके अन्तर्गत पूर्व में वीरान पड़े हुए क्षेत्र में मकान बना कर लोगों की बसाहट शुरू हो जाना आता …

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मानव विकास सूचकांक क्या है?

मानव विकास सूचकांक एक संयुक्त सूचकांक है जिसके द्वारा किसी देश के मानव विकास की औसत उपलब्धियों को मानव विकास के तीन आधारभूत आयामों के आधार पर माप सकते हैं। ये तीन आधारभूत आयाम हैं: (i) दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन, (ii) ज्ञान प्राप्त करना तथा (iii) एक शिष्ट और शालीन जीवन जीना। इन तीनों आयामों को …

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प्रवास का अर्थ, परिभाषा एवं कारण

व्यक्तियों के एक स्थान से दूसरे स्थान में जाकर बसने की क्रिया को प्रवास कहते हैं। इसके कई प्रकार हो सकते हैं। किसी दूसरे स्थान में आकर बसावट की प्रकृति के आधार पर इस प्रवास को (i) स्थाई अथवा (ii) अस्थाई कह सकते हैं। स्थाई प्रवास मेंं आए हुए व्यक्ति बसावट करने के बाद वापस अपने …

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भारत में आधुनिक औद्योगिक विकास का प्रारंभ

भारत में आधुनिक औद्योगिक विकास का प्रारंभ मुंबई में प्रथम सूती कपड़े की मिल की स्थापना (1854) से हुआ। इस कारखाने की स्थापना में भारतीय पूंजी तथा भारतीय प्रबंधन ही मुख्य था। जूट उद्योग का प्रारंभ 1855 में कोलकाता के समीप हुगली घाटी में जूट मिल की स्थापना से हुआ जिसमें पूँजी एवं प्रबंध-नियन्त्रण दोनों विदेशी …

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जल संभर प्रबंधन क्या है जल संभर प्रबंधन से लाभ?

वह भूमि जिसका जल प्रवाहित एक ही झील या नदी में आता है, वह एक जल संभर कहलाती है। जल संभर का अभिप्राय एक ऐसे क्षेत्र से है जिसका जल एक बिन्दु की ओर प्रवाहित होता है। इस जल का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग अच्छे परिणाम देने वाला बन सकता है। संबंधित क्षेत्र एक इकाई के …

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भारत के प्रमुख खनिज संसाधन

भारत में विभिन्न प्रकार के खनिजों का भंडार है। प्रायद्वीपीय पहाड़ियों में अधिकतम कोयले की खदानें, धातु खनिज एवं कुछ अन्य अधातु खनिज पाए जाते हैं। पश्चिमी एवं पूर्वीय प्रायद्वीपों की तलछटी चट्टानों विशेषत: गुजरात तथा असम में पैट्रोलियम पदार्थ अधिक पाए जाते हैं। राजस्थान के प्रायद्वीपीय चट्टानों में ग़ैर-लौह खनिज का भंडार है। यदि हम …

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राष्ट्रीय जल नीति क्या है?

जल राष्ट्रीय अमूल्य निधि है। सरकार द्वारा जल संसाधनों की योजना, विकास तथा प्रबंधन के लिए नीति बनाना आवश्यक है, जिससे पृष्ठीय जल और भूमिगत जल का न केवल सदुपयोग किया जा सके, अपितु भविष्य के लिए भी जल सुरक्षित रहे। वर्षा की प्रकृति ने भी इस ओर सोचने के लिए विवश किया है। इसी संदर्भ …

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वर्षा जल संग्रहण का सामान्य अर्थ || वर्षा जल संग्रहण की विधियाँ

वर्षा जल संग्रहण का सामान्य अर्थ वर्षा के जल को एकत्रित करने से है। विशेष अर्थों में यह भूमिगत जल के पुनर्भरण बढ़ाने की तकनीक है। इस तकनीक में जल को बिना प्रदूषित किए स्थानीय रूप से वर्षा जल को एकत्रित करके जल को भूमिगत किया जाता है। इससे स्थानीय घरेलू मांग को, अभाव वाले दिनों …

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