सुमेरियन सभ्यता का इतिहास

मैसोपोटामिया की सभ्यता एवं नगर राज्यों का विकास दजला एवम् फरात नदियों के मध्य क्षेत्र में विकसित हुआ। इस क्षेत्र में यह विकास नवपाषाण काल में प्रारंभ हुआ और मेसोपोटामिया के उतरी क्षेत्र में उतरी सीरिया के निचले घास के मैदान तथा दूसरा क्षेत्र दक्षिणी मैसोपोटामिया था, जो ऊपरी हिस्सा कहलाता था। यहां निचले क्षेत्र में …

Read more

ताम्र पाषाण काल की विशेषता

नवपाषाण काल में कृषि की शुरूआत के साथ ही मानव के जीवन में स्थायित्व आ गया था और साथ ही उसने पशुपालन की भी शुरूआत कर दी थी। इस काल का मानव अब खाद्य संग्रहकर्ता से खाद्य-उत्पादनकर्ता बन गया था। कृषि कर्म में प्राय: स्त्रियां संलिप्त रहती थी तथा शिकार मे पुरूष संलग्न थे। हांलाकि कृषिकर्म …

Read more

भाषा संरचना क्या है?

भाषा संरचना का मूलाधार संरचनात्मक पद्धति है जिस प्रकार भवन रचना में ईट, सीमेंट, लोहा, शक्ति अर्थात् मजदूर और कारीगर की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार भाषा संरचना में ध्वनि, शब्द, पद, वाक्य, प्रोक्ति और अर्थ की अपनी-अपनी भूमिका होती है। ध्वनि संरचना दो या दो से अधिक वस्तुओं के आपस में टकराने से वायु में …

Read more

नवपाषाण काल की विशेषताएँ

नवपाषाण शब्द उस काल को सूचित करता है जब मनुष्य को धातु के बारे में जानकारी नहीं थी। परन्तु उसने स्थायी निवास, पशु-पालन, कृषि कर्म, चाक पर निर्मित मृदभांड बनाने शुरू कर दिए थे। इस काल की जलवायु लगभग आज कल के समान थी इसलिए ऐसे पौधे पैदा हुए जो लगभग आज के गेंहू तथा जौ …

Read more

विक्रय बजट क्या है विक्रय बजट बनाने के प्रमुख उद्देश्य

कार्यानुसार बजट, वह बजट है जो किसी व्यवसाय के एक विशेष कार्य से सम्बन्धित होता है, जैसे उत्पादन बजट, विक्रय बजट आदि। कार्यानुसार बजट प्रत्येक कार्य के आधार पर तैयार किये जाते हैं। इसके पश्चात सभी बजटों का समन्वय करके मास्टर बजट तैयार किया जाता है। विक्रय बजट, बजट अवधि की कुल बिक्री की भविष्यवाणी या …

Read more

विक्रय कोटा या विक्रय अभ्यंश क्या है?

प्रत्येक उपक्रम या व्यावसायिक उपक्रम अपने संगठन के विस्तृत उद्देश्य निर्धारित करता है। जिनमें से अधिकतम विक्रय भी एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य होता है। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए उपक्रम के प्रबन्धकों द्वारा विक्रेताओं के तथा विक्रय क्षेत्रों के लिए विक्रय लक्ष्य निर्धारित किये जाते हैं। इन विक्रय लक्ष्यों की प्राप्ति का एक प्रभावी उपाय विक्रय …

Read more

वैयक्तिक विक्रय का अर्थ, वैयक्तिक विक्रय की विशेषताएं

वैयक्तिक विक्रय विक्रयकला से विस्तृत अवधारणा है। यह विपणन के अन्य तत्त्वों जैसे मूल्य निर्धारण, विज्ञापन, उत्पाद विकास तथा अनुसन्धान तथा वस्तुओं के भौतिक वितरण को लागू करने का एक साधन है। विक्रय कला वैयक्तिक विक्रय का एक पहलू है। यह वैयक्तिक विक्रय में प्रयोग की जाने वाली कला कौशल है। स्टिल एवं कनडिफ के अनुसार, …

Read more

विक्रय कला का अर्थ, परिभाषा, प्रकृति एवं विशेषताएँ

‘विक्रय-कला’ शब्द दो शब्दों के योग से बना है- (i) विक्रय और (ii) कला। विक्रय का अर्थ किसी वस्तु के स्वामित्व का हस्तान्तरण होने से है, अर्थात् ‘‘विक्रेता किसी मूल्य के प्रतिफल स्वरूप अपनी वस्तु के स्वामित्व का हस्तांतरण उस मूल्य देने वाले क्रेता को करता है जिसे हम ‘विक्रय’ कहते हैं।’’ अगर इसका व्यापक अर्थ …

Read more

विक्रय प्रबंध का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ

प्रारम्भ में, ‘विक्रय-प्रबंध’ का अर्थ विक्रेताओं के निर्देशन अथवा पर्यावेक्षण’ से लगाया जाता था। किन्तु बाद में विक्रय-प्रबंध में प्रबंध के अन्य पहलु भी शामिल किये जाने लगे तथा 20वीं सर्दी में प्रबंध का अर्थ अत्यंत रूप से व्यापक हो गया जिसमें विज्ञापन, विपणन, अनुसंधान, विक्रय-संवर्धन, कीमत निर्धारण, भौतिक वितरण उत्पादन नियोजन को भी विक्रय-प्रबंध में …

Read more

खाद्य परिरक्षण क्या है

खाद्य परिरक्षण वह है जिसके द्वारा खाद्य पदार्थों को उनकी सही तथा अच्छी अवस्था में ही काफी लम्बे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। एक अति सरल उदाहरण लें-दूध का उबलना। हम दूध क्यों उबालते हैं? इसे लम्बे समय तक सुरक्षित रखने के लिए। आप जानते हैं कि दूध को उबाल देने से दूध लम्बे …

Read more