औद्योगिक नीति 1985 क्या है?

देश में आर्थिक विकास की प्रक्रिया को गतिमान करने, औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि करने तथा राष्ट्रीय संसाधनों के उच्चतम प्रयोग की दृष्टि से वर्ष 1985 में महत्वपूर्ण घोषणाएँ एवं निर्णय किये गये। इस दशक के प्रारम्भ से ही सरकार ने औद्योगिक नीति को अत्यन्त विवेकपूर्ण बनाने का प्रयास किया है। इस औद्योगिक नीति के प्रमुख लक्ष्य …

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औद्योगिक नीति 1977 क्या है?

इस नीति की चर्चा करने से पूर्व 1970 और 1973 की घोषणाओं को स्पष्ट करना आवश्यक हो जाता है। 1956 से लेकर 1973 तक अनेक महत्वपूर्ण घटनाएँ घटित हुई और कुछ ऐसी आर्थिक दशाएँ उत्पन्न हो गयी जिसके कारण यह आवश्यक हो गया कि सरकार अपनी पूर्व घोषित (1956) औद्योगिक नीति के व्यावहारिक स्वरूप में परिवर्तन …

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मुद्रास्फीति का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, कारण एवं प्रभाव

मुद्रास्फीति शब्दकोष के अनुसार अंग्रेजी भाषा के Inflation शब्द का अर्थ है फैलाव, या वृद्धि जब फुटबाल के ब्लैडर में हवा भरी जाती है तो वह ‘इन्फ्लैट’ होता जाता है। अर्थात फैल जाता है। इस प्रकार कीमत स्तर के सम्बन्ध में ‘इन्फ्लेशन’ का अर्थ है कीमतों में होने वाली निरन्तर वृद्धि। कीमत स्तर में होने वाली …

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क्षेत्रीय असमानता क्या है भारत में असमानता के कारण

भारत में असमानता का एक महत्वपूर्ण रूप क्षेत्रीय असमानता है। क्षेत्रीय असमानता का अभिप्राय है देश के विभिन्न राज्यों के आर्थिक तथा प्रति व्यक्ति आय के स्तर में पाई जाने वाली असमानता। देश के कुछ राज्यों जैसे पंजाब, गोवा, हरियाणा, महाराष्ट्र, गुजरात आदि के आर्थिक विकास की दर एवम् प्रति व्यक्ति आय बहुत अधिक है। इसके …

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भारत में आर्थिक असमानता की प्रकृति एवं विस्तार

आर्थिक असमानता अथवा आय तथा सम्पत्ति के असमान वितरण से अभिप्राय अर्थव्यवस्था की उस परिस्थितियों से है जिसमें कि राष्ट्र के कुछ लोगों की आय, राष्ट्र की औसत आय से बहुत कम होती है। आय तथा सम्पत्ति के असमान वितरण की समस्या का सम्बन्ध मुख्य रूप से व्यक्तिगत आय के वितरण में विषमताओं से होता है। …

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बेरोजगारी का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं प्रभाव

बेरोजगारी एक ऐसी अवस्था से लेते हैं जिसमें व्यक्ति वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने को तैयार है परन्तु उन्हें काम नहीं मिलता। किसी देश में बेरोजगारी की अवस्था वह अवस्था है जिसमें देश में बहुत से काम करने योग्य व्यक्ति हैं तथा वे वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने के लिए तैयार हैं …

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भारत में गरीबी के मुख्य कारण

गरीबी की समस्या के समाधान के लिए नीति बनाने से पूर्व यह जानना आवश्यक है कि गरीब “कौन” है। गरीबों का वर्ग आधार क्या है। गरीबों में अधिकतर भाग निम्नलिखित लोगों का है :- खेतिहर मजदूरों के परिवार जिनके पास भूमि बिल्कुल नहीं है और जो कुल खेतिहर मजदूरों के परिवारों का लगभग 60 प्रतिशत है। …

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विश्व की भाषाएँ तथा भाषा परिवार

विश्व में कई भाषाएँ बोली जाती है। इंग्लैंड में अंग्रेज़ी, फ्रांस में फ्रांसीसी, रूस में रूसी। भारत में भी हिंदी, पंजाबी, गुजराती, मराठी, कन्नड़ आदि भाषाएँ बोली जाती हैं। विश्व में कुल कितनी भाषाएँ बोली जाती हैं। अनुमान है विश्व में 6,000 से ऊपर भाषाएँ बोली जाती हैं। और भारत में हिंदी 61 प्रतिशत की मातृभाषा …

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भारत की प्राचीन लिपि के नाम

भारत की प्राचीन लिपि भारत के पुराने शिलालेखों और सिक्कों पर दी लिपियां 1. ब्राह्मी, 2. खरोष्ठी मिलती हैं। पर पुस्तकों में और अधिक लिपियों के नाम मिलते है। जैनों के पत्रावणासूत्रा में 18 लिपियां- 1. बंभी, 2. जवणालि, 3. दीसापुरिया, 4. खरोष्ठी, 5. पुक्खरसारिया, 6. भोगवइया, 7. पहाराइया, 8. उपअन्तरिक्खिया, 9. अक्खरपिट्ठिया, 10. तेवणइया, 11. …

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सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि की उत्पत्ति

भारत में लिखने की कला का ज्ञान लोगों को अत्यन्त प्राचीन काल से है। इसके प्राचीनतम नमूने सिंधु घाटी (पंजाब के मांटगोमरी जिले के हड़प्पा तथा सिंध के लरकाना जिले के मोहन-जो-दड़ो में प्राप्त सीलों पर) में मिले हैं। हेरास, लैंग्डन, स्मिथ, गैड तथा हंटर ने इसे समझने और पढ़ने का प्रयास किया है, किन्तु अभी …

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