बजट का अर्थ, परिभाषा स्वरूप, एवं सिद्धांत

‘बजट’ शब्द फ्रांसीसी भाषा के शब्द ‘बूजट’ (Bougette) से लिया गया है, जिसका अर्थ है चमड़े का बैग या थैला। आधुनिक अर्थ में इस शब्द का प्रयोग सबसे पहले इंग्लैण्ड में 1733 ई0 में किया गया जबकि वित्तमंत्री ने अपनी वित्तीय योजना को लोकसभा के सम्मुख प्रस्तुत किया तो पहली बार व्यंग के रूप में यह …

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चिरस्थायी विकास क्या है? चिरस्थायी विकास के सामने चुनौतियाँ

साधारण तौर पर Sustainable Development से तात्पर्य विकास की एक ऐसी प्रक्रिया से है जो न केवल Eco-friendly है बल्कि पर्यावरण के अनुरूप बदलाव लाकर मानवीय जीवन में गुणात्मक सुधार को बढ़ावा देती है। Brundtland Commission के अनुसार Sustainable Development वह “विकास है जो आज की पीढ़ी के उद्देश्यों की प्राप्ति, जिससे आने वाली पीढ़ियों की …

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प्रशासनिक विकास क्या है?

साधारण शब्दों में प्रशासनिक विकास का तात्पर्य विकासात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु प्रशासन की परम्परागत को कमियों दूर करना तथा उसमें प्रशसनिक कुशलता एवं क्षमता का विकास करके, उसे नवीन व परिवर्तित परिस्थितियों के अनुरूप बनाना है। जे. एन. खोसला के अनुसार, “प्रशासनिक विकास में नौकरशाही की नीतियों, कार्यक्रमो, क्रियाविधियो, कार्य पद्धतियों, संगठनात्मक संरचनाओं, भर्ती प्रतिमानों, विभिन्न …

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विकास प्रशासन का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ एवं क्षेत्र

‘विकास प्रशासन’ दो शब्दों ‘विकास’ तथा ‘प्रशासन’ के योग या मेल से बना है। ‘ कम वांछित परिस्थिति से अधिक वांछित परिस्थितियों की ओर अग्रसर होने की प्रक्रिया’ को विकास की संज्ञा देते हैं जबकि ‘प्रशासन सरकार का कार्यात्मक पहलू है जिसका अभिप्राय सरकार द्धारा लोक-कल्याण तथा जन-जीवन को व्यवस्थित करने हेतु किये गये प्रयासों से …

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कंपनी अंकेक्षक की नियुक्ति कैसे होती है?

भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1956 के अन्तर्गत प्रत्येक कम्पनी के लिए अपने लेखों का अंकेक्षण करना अनिवार्य है। यह अंकेक्षण ‘‘वैधानिक अंकेक्षण’’ कहलाता है। जो व्यक्ति इस कार्य के लिए नियुक्त किया जाता है उसे ‘‘वैधानिक अंकेक्षक’’ कहते हैं। भारतीय कम्पनी अधिनियम, 1 अप्रैल 1956 से लागू हुआ। इस अधिनियम की धाराएँ 224 से 233 तक अंकेक्षकों …

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कंपनी के प्रवर्तक कौन होता है?

कम्पनी निर्माण में प्रवर्त्तन पहली सीढ़ी है जिसके आधार पर कम्पनी के निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाती है। प्रवर्त्तन का अर्थ प्रारम्भ से है। कम्पनी का निर्माण प्रारम्भ करने से पूर्व कुछ लोग मिलकर किसी व्यवसाय को शुरू करने की कल्पना करते हैं अर्थात उन लोगों के मन में व्यावसायिक अवसर के बारे में विचार …

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विपत्र के आवश्यक तत्व अथवा परिभाषा का विश्लेषण

धारा 5 के अनुसार, ‘‘विपत्र एक ऐसा लेखपत्र है जिसमें एक शर्तरहित आदेश, इसके लिखने वाले के हस्ताक्षर के अन्तर्गतए किसी विशेष व्यक्ति को एक निश्चित रकम, किसी निश्चित व्यक्ति के आदेशानुसार अथवा विलेख के वाहक को, देने का होता है।’’ विपत्र के आवश्यक तत्व अथवा परिभाषा का विश्लेषण यदि हम उपर्युक्त परिभाषा का विश्लेषणात्मक अध्ययन …

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गिरवी क्या है वैध गिरवी के आवश्यक लक्षण?

भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 172 के अनुसार ‘‘किसी श्रेणी के भुगतान अथवा किसी वचन के निष्पादन के लिये जमानत के रूप में निक्षेप को गिरवी कहते हैं। इस दशा में जो व्यक्ति गिरवी रखता है अर्थात् निक्षेपी को गिरवी रखने वाला (Plege or Pawnee) कहते हैं, एवं जिस व्यक्ति के पास वस्तु रखी जाती है …

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हानि रक्षा अनुबंध क्या है? Sec. 124 के अनुसार ‘हानिरक्षा अनुबंध

Sec. 124 के अनुसार ‘‘हानिरक्षा अनुबंध एक ऐसा अनुबंध है, जिसके अंतर्गत एक पक्षवार दूसरे पक्षवार को स्वयं अथवा किसी दूसरे व्यक्ति के आयरण से होने वाली हानि से बचाता है। या बचाने का वचन देता है।’’ जो व्यक्ति हानिपूर्ति का वचन देता है उसे हानिरक्षण (Indemnifier) तथा जिसको ऐसा वचन दिया जाता है उसे हानिरक्षाधारी …

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सहमति क्या है? Sec. 14 के अनुसार सहमति

सहमति से तात्पर्य केवल स्वीकृति नहीं है। Sec. 13 of Indian Contract Act :- ‘‘अनुबंध के दोनों पक्षकारों में सहमति उस समय मानी जाएगी जबकि दोनों पक्षधार एक ही बात पर एक ही भावना से एक मत हो।’’ यदि दोनों पक्षधारों में एक ही वस्तु के विषय-विचारों में भिन्नता होगी तो यह सहमति मानी जाएगी। स्वतंत्र …

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