महादेवी वर्मा का जीवन परिचय

श्रीमती महोदवी वर्मा का जन्म सन् 1907 को फर्रूखावाद में हुआ था। इनके पिताजी श्री गोविन्द प्रसाद तथा और मां का नाम श्रीमती हेमरानी देवी था। महादेवी की मां कवियत्री और नाना जी कवि थे। महादेवी जी की प्रारम्भिक शिक्षा इन्दौर में हुर्इ। इन्होंने बाल्यकाल से ही कविताएं लिखना प्रारम्भ कर दिया था। उनकी प्रारम्भिक रचनाएं …

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मन्नू भंडारी का जीवन परिचय

श्रीमती मन्नू भंडारी नए दौर के कहानीकारों में अग्रणी स्थान रखती है।  जन्म 3 अप्रैल 1931 र्इ. को मानपुरा राजस्थान में हुआ था। आपकी प्रारंभिक शिक्षा अजमेर में हुर्इ। काशी हिन्दु विश्वविद्यालय से आपने हिन्दी में एम.ए. किया और कलकता में अध्यापन कार्य करने लगी। कुछ समय बाद आपकी नियुक्ति दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापिका के पद …

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मीराबाई का जीवन परिचय

मीराबार्इ का जन्म राजस्थान में मेवाड़ के निकट स्थित चौकड़ी ग्राम में सन् 1498 र्इ. के आसपास हुआ था। मीराबार्इ के पिता कानाम रत्नसिंह था और इनका विवाह राणा साँगा के पुत्र भोजराज के साथ हुआ था। भोजराज की मृत्यु अचानक हो जाने से मीरा का जीवन अस्तव्यस्त हो गया। वैसे तो मीरा बाल्यकाल से श्री …

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संत रैदास का जीवन परिचय

संत किसी देश या जाति में नहीं, अपितु पूरे मानव समाज की अमूल्य संपत्ति होते हैं। हमारा दुर्भाग्य है कि हमारे देश के महापुरूष और संत अपने विषय में प्राय: मौन रहे। इससे उनकी गरिमा में सदैव वृद्धि ही हुर्इ। यह संसार क्षण भंगुर है, अत: तू माया मोह के जाल में मत फँस। यह तो …

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रामधारी सिंह दिनकर का जीवन परिचय

ओजस्वी काव्य का सृजन करने वाले कवि श्री रामधारी सिंह दिनकर का जन्म सन् 1908 में बिहार के मुंगेर जिले के सिमरिया धार ग्राम में हुआ था। हिन्दी की सेवाओं पर आपको पद्यभूषण और साहित्य अकादमी और भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। सन् 1974 में आपका स्वर्गवास हुआ। रचनाएँ-  काव्य-रेणुका, हुँकार, रसवन्ती, कलिंग …

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गोस्वामी तुलसीदास का जीवन परिचय

तुलसीदास भक्तिकाल की सगुण काव्य धारा के रामभक्त कवि है। इनका जन्म संवत् 1589 के लगभग बांदा जिले के राजापुर गांव उत्तरप्रदेश मेंं माना जाता है। इनका देहावसान संवत् 1680 मेंं हुआ। रचनाएं- रामचरितमानस (महाकाव्य) कवितावली देाहावली, गीतावाली, विनयपत्रिका । भावपक्ष- तुलसी जी के भक्ति भावना सीधी सरल एवं साध्य है। सभी रचनाओं में भावों की …

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समाज का अर्थ, परिभाषा, सिद्धान्त एवं तत्व

समाज शब्द संस्कृत के दो शब्दों सम् एवं अज से बना है। सम् का अर्थ है इक्ट्ठा व एक साथ अज का अर्थ है साथ रहना। इसका अभिप्राय है कि समाज शब्द का अर्थ हुआ एक साथ रहने वाला समूह। मनुष्य चिन्तनशील प्राणी है। मनुष्य ने अपने लम्बे इतिहास में एक संगठन का निर्माण किया है। …

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शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ, कार्यक्षेत्र एवं महत्व

शिक्षा को अंग्रेजी में Education कहते हैं जो लैटिन भाषा के Educatum का रूपान्तर है जिसका अर्थ है जव bring up together हिन्दी में शिक्षा का अर्थ ज्ञान से लगाया जाता है। गाँधी जी के अनुसार शिक्षा का तात्पर्य व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के समुचित विकास से है। अंग्रेजी का Psychology शब्द दो शब्दों …

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शिक्षा मनोविज्ञान की अध्ययन विधियाँ

अन्त:दर्शन विधि अन्त:दर्शन विधि के माध्यम से व्यक्ति के चेतन मन का अध्ययन किया जाता है। Stout ने अन्त: दर्शन के तीन स्तर बताए है :- व्यक्ति अपने मन का अन्त: निरीक्षण करता है। उसका विश्लेषण करता है।  मानसिक प्रक्रियाओं में सुधार लाने का प्रयास करता है। आलोचना- अन्त: दर्शन सभी व्यक्ति नही कर सकते। जिनमें …

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गृह विज्ञान का अर्थ एवं महत्व

गृह विज्ञान शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है गृह और विज्ञान। गृह से तात्पर्य वह स्थान जहाँ परिवार रहता है और विज्ञान से तात्पर्य उस ज्ञान से है जो वास्तविक सिद्धान्तों व नियमों पर आधारित है। दोनों शब्दों को मिलाकर इस प्रकार परिभाषित कर सकते है। ‘‘गृह विज्ञान का अर्थ घर व पारिवारिक जीवन को …

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