सहिष्णुता का अर्थ एवं आवश्यकता

सहिष्णुता है-असहयोग। विरोधी के साथ न प्रवृत्ति करो, न निवृत्ति करो, किन्तु उपेक्षा करो। क्रोध करने वाले के साथ क्रोध नहीं, उसकी उपेक्षा करो। सहिष्णुता का एक अर्थ है-सहन करके सुधार के लिए अवसर देना। किसी व्यक्ति की तुच्छता को सहन करना उसको बिगाड़ना नहीं, वरन् उसे सुधरने का अवसर देना है। प्रश्न है कि क्या …

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स्वास्थ्य शिक्षा का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, महत्व, एवं सिद्धांत

स्वास्थ्य शिक्षा वह अभियान है जो जन-साधारण को ऐसे ज्ञान व आदतों के सीखने में सहायता प्रदान करता है जिससे वे स्वस्थ रह सकें। स्वास्थ्य शिक्षा से, जन-साधारण जीवन की बदलती हुर्इ अवस्थाओं में स्वस्थ रहकर समस्याओं का धैर्य से सामना करना सीखता है। कोर्इ भी कार्य जो जन-साधारण को स्वास्थ्य के विषय में नया सिखाये …

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हिंसा का अर्थ, रूप एवं प्रकार

हिंसा क्या है? इस प्रश्न के समाधान में कहा जा सकता है कि किसी प्राणी को प्राण-विहीन करना, दूसरे से प्राण विहीन करवाना या किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा किसी प्राणी को प्राण-विहीन करते हुए देखकर उसका अनुमोदन करना, किसी प्राणी पर शासन करना, दास बनाना, किसी भी प्रकार की पीड़ा देना, सताना या अशांत करना …

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अहिंसा का अर्थ, रूप, विशेषता एवं आवश्यकता

अहिंसा का सामान्य अर्थ है-अ + हिंसा। यानि हिंसा का अभाव। किसी प्राणी का घात न करना, अपशब्द न बोलना तथा मानसिक रूप से किसी का अहित न सोचना, एक शब्द में यदि कहा जाए तो दुर्भाव का अभाव तथा समभाव का निर्वाह। मुख्य रूप से अहिंसा के दो प्रकार होते है-1. निषेधात्मक तथा 2. विधेयात्मक। …

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मृदुता का अर्थ एवं प्रकार

मृदुता का अर्थ है-शिष्ट एवं विनम्र व्यवहार, मधुर व्यवहार। मृदुता वैयक्तिक मूल्य होते हुए भी सामाजिक जीवन की सफलता का सूत्र है। इसके द्वारा व्यक्ति के जीवन में सरसता रहती है। मृदु स्वभाव वाला व्यक्ति अपनी वाणी की, व्यवहार की मृदुता से सर्वत्र समायोजन बना लेता है। अर्थात् वह वातावरण को अपने अनुकूल बना लेता है। …

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अभय का अर्थ

अभय का अर्थ है-भय रहित होना, भय न होना, अनिष्ट की आशंका न होना। मनोविकास का आदि बिन्दु है-अभय। अर्थात् मानसिक विकास के लिए अभय का होना आवश्यक है। अत: अहिंसा के विकास का भी यह आदि बिन्दु रहता है। व्यक्ति हिंसा तब करता है जब वह भयभीत होता है। जो भी भय रहित होता है, …

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लागत अंकेक्षण क्या है ?

सन् 1965 मे भारतीय कम्पनी अधिनियम मे एक क्रांतिकारी परिवर्तन करके लागत अंकेक्षण (cost Audit) के सम्बन्ध मे धारा 233 (B) जोडी गर्इ। इस प्रकार भारतवर्श विश्व मे ऐसा देश बन गया जहॅं लागत अंकेक्षण को सर्वप्रथम वैधानिक मान्यता दी गर्इ। इससे जहॉं विश्व में इसका गौरव बढा है, वहीं स्वदेश में भी लेखा व्यवसाय को …

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लागत लेखांकन की प्रकृति, क्षेत्र, प्रविधियाँ

लागत लेखांकन के बढते हुए महत्व को ध्यान में रखते हुए सन 1994 मे दी इन्स्टीटयूट ऑफ कॉस्ट एण्ड वक्र्स एकाउण्टेण्टस ऑफ इण्डिया (ICWA) की स्थापना की गर्इ। इसकी स्थापना गारण्टी द्वारा सीमित कम्पनी कम्पनी के रूप में की गर्इ थी। इसका प्रमुख उदेश्य लागत लेखांकन का प्रशिक्षण देना, परीक्षा लेना तथा प्रमाण पत्र जारी करना था। …

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बैंकिंग के कार्य एवं बैंकिंग खाते के प्रकार

सामान्य सोच के अनुसार बैंक धन जमा हेतु एक भरोसेमंद संस्था है। बैंक आपकी मूल्यवान वस्तुएं, सुरक्षित जमाहेतु स्वीकार करते हैं एवं वापसी का विश्वास देते हैं, यह बैंकों का गौण कार्य है। सामान्यत: बैंक में गहने, मूल्यवान प्रतिभूति, वस्तुएं सुरक्षा के लिए बैंक में जमा की जाती है। लेकिन बैंकों द्वारा एक निक्षेपग्रहीता एवं ट्रस्टी …

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वित्तीय विवरण का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य एवं प्रकार

वित्तीय विवरण विवरण से आशय उन प्रपत्रों से है जिनमें किसी संस्था से सम्बन्धित आवश्यक वित्तीय सूचनाओं का वर्णन किया गया हो। हॉवर्ड तथा अप्टन के मतानुसार, “यद्यपि ऐसा औपचारिक विवरण जो मुद्रा मूल्यों में व्यक्त किया गया हो, वित्तीय विवरणों के नाम से जाना जा सकता है, लेकिन अधिकतम लेखांकन एवं व्यावसायिक लेखक इसका उपयोग …

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