यज्ञ का अर्थ, स्वरूप एवं प्रकार

‘यज्ञ’ का भावार्थ-परमार्थ एवं उदार-कृत्य है। ‘यज्ञ’ शब्द पाणिनीसूत्र ‘‘यजयाचयतविच उप्रक्चरक्षो नड़्’’ में नड़् प्रत्यय लगाने पर बनता है अर्थात् यज्ञ शब्द ‘यज्’ धातु से बना है, यज् धातु के तीन अर्थ हैं- देवपूजन, दान और संगतिकरण। इस प्रकार हवि या हवन के द्वारा देवताओं का पूजन का नाम ‘यज्ञ’ है। र्इश्वरीय दिव्य शक्तियों की आराधना, …

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संगीत चिकित्सा की अवधारणा एवं उपयोगिता

ध्वनि चिकित्सा के जितने भी रूप है, उनमें संगीत चिकित्सा सर्वाधिक लोकप्रिय है। यदि हम गहरार्इ से अनुभव करें तो पायेंगे कि ब्रह्माण्ड की सम्पूर्ण संरचना ही संगीतमय है। सृष्टि के आदि में भी सर्वप्रथम अनाहत नाद अर्थात् ऊँकार की ध्वनि ही उत्पन्न हुयी थी और उसके बाद फिर सृष्टि रचना का क्रम आरींा हुआ। इस …

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पिरामिड चिकित्सा की अवधारणा एवं उपयोगिता

पिरामिड का अर्थ – क्या आप जानते है कि ग्रीक भाषा में पायरा का अर्थ होता है – ‘अग्नि’ तथा मिड का अर्थ है – ‘केन्द्र’ । इस प्रकार पिरामिड शब्द का अर्थ है – ‘केन्द्र में अग्नि वाला पात्र‘। जैसा कि हम सभी जानते है कि प्राचीन काल से ही अग्नि को ऊर्जा का प्रतीक …

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मूत्र चिकित्सा का अर्थ एवं इसके लाभ

शाब्दिक रुप से देखने पर मूत्र चिकित्सा का अर्थ स्वत: ही स्पष्ट हो जाता है-’’ मूत्र द्वारा विविध रोगों की चिकित्सा करना मूत्र चिकित्सा कहलाता है। इसके अन्तर्गत प्रमुख रुप से स्वमूत्र एवं गौमूत्र द्वारा चिकित्सा करने का वर्णन आता है। मूत्र चिकित्सा को प्राचीन शास्त्रों में शिवाम्बु कल्प का नाम देते हुए कहा गया है …

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भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना एवं कार्य

किसी भी राष्ट्र की बैंकिंग व्यवस्था में केन्द्रीय बैंक का एक विशिष्ट स्थान होता है। भारतीय रिजर्व बैंक राष्ट्र का केन्द्रीय बैंक होने के साथ साथ भारतीय मुद्रा बाजार का प्रमुख नियामक प्राधिकर्ता भी है। यह दो प्रमुख अधिनियमों से अपनी शक्तियॉ प्राप्त करता है एक भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 एवं दूसरा बैंकिंग नियमन अधिनियम, …

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जीवन बीमा क्या है?

जीवन बीमा की संविदा से अभिप्राय भविष्य में होने वाली ऐसी विनिर्दिष्ट घटना से संरक्षा प्रदान करना होता है जो अनिश्चित होती हैं। ऐसे विनििदृष्ट घटना से आस्तियों (Asscites) को पहुंचने वाली क्षतियों से संरक्षा प्रदान करना तथा विनिर्दिष्ट घटनाओं से होने वाली हानियों की भरपार्इ करना होता है एवं विनिर्दिष्ट घटनाओं के कारण नष्ट अस्तियों …

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समुद्री बीमा क्या है ?

सामुद्रिक बीमा सबसे प्राचीनतम बीमा का स्वरूप है। व्यापारिक जगत में लोग सामुद्रिक हानि आपस में बाँट लेते हैं। सामुद्रिक बीमा का प्रारम्भ कब, कहां शुरू हुआ इसका निर्णय अभी तक नहीं हो पाया। प्राचीन काल में समुद्री मार्गो से व्यापार करने वाले देशों में समुद्री हानियों से क्षतिपूर्ति प्रदान करने की रीतियां प्रचलित थी। 13वीं …

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अग्नि बीमा क्या है ?

अग्नि बीमा में दावेदार को सिद्ध करना होता है कि हानि अग्नि द्वारा ही हुर्इ है और इसके लिए दो बातों को साबित करना आवश्यक होता है : (1) उस अग्नि में ज्वाला (ignition) प्रकट हुर्इ थी, (2) वह अग्नि आकस्मिक (accidental) थी। अग्नि में यदि ज्वाला नहीं प्रकट हुर्इ हो तब बीमा की संविदा में …

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चोरी बीमा क्या है ?

चोरी बीमा (Burglary or Theft Insurance) :- चोरी बीमा में प्राय: चार प्रकार की जोखिम : (1) निवास स्थान (Residence), (2) व्यापारिक (Commercial), (3) वित्तीय (Financial) और (4) विविध (Miscellaneous) शामिल हैं। इसके अलावा निवास स्थान के बाहर और अन्दर चोरी बीमा, सीमित चोरी बीमा, नकद और प्रतिभूति चोरी बीमा, व्यापारिक स्कन्ध चोरी बीमा, स्टास्कीपर चोरी …

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मूलानुपाती सूत्र और आणविक सूत्र क्या है ?

मूलानुपाती सूत्र या सरल सूत्र किसी यौगिक का वह सूत्र जो उस यौगिक के अणु में उपस्थित तत्वों के परमाणुओं की संख्याओं का सरलतम पारस्परिक अनुपात व्यक्त करता है, मूलानुपाती सूत्र या सरल सूत्र कहलाता है।लेकिन इस सूत्र सें यौगिक के अणु में उपस्थित तत्वों के परमाणुओं के वास्तविक संख्या का ज्ञान नही होता।उदाहरणार्थ- ग्लूकोज का सरल …

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