सुभाष चन्द्र बोस का जीवन परिचय

सुभाषचंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी, 1897 र्इ. को उड़ीसा में हुआ था। इनके पिता का नाम जानकी नाथ बोस था और माता प्रभावती थी। इनके पिता वकील थे। सुभाषचंद्र अपने चौदह भार्इ बहिनों में छठें पुत्र और नवीं संतान थे। इनका परिवार एक मध्यमवर्गीय परिवार था। इनके माता-पिता अनुशासन प्रिय थे जिसे सुभाष ने भी …

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भारत की जलवायु

वायुमंडलीय दशायें तापमान, वायुदाब, हवाये, आर्द्रता, वर्षा तथा मेघ मुख्य तथ्य एवं परिस्थितियां हैं। वायुमंडलीय अल्पकालिक या क्षणिक दशाओं को मौसम कहते हैं। मौसम की दीर्घकालिक औसत वायुमंडलीय दशाओं को जलवायु कहते हैं। तापमान  भारत का विस्तार उत्तरी गोलार्द्ध में उष्ण एवं शीतोष्ण दोनो कटिबंधों में हैं। भूमध्य रेखीय भागों में औसत दिनरात की लम्बार्इ बराबर …

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भारत की प्राकृतिक विपदाएं

पश्चिम प्राकृतिक विपदाये इतनी विकराल प्राकृतिक घटनायें हैं जो मानव को काल के गाल में समा लेती हैं। मनुष्य  प्रकृति पर अपना कब्जा करता जा रहा हैं। वह एक से बढ़कर एक वैज्ञानिक उपलब्धियां प्राप्त करता जा रहा हैं। लेकिन जब प्राकृतिक विपदायें अपना रौद्र रूप धारण करती हैं तो पलक झपकते ही विनाश के बादल …

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सामाजिक मनोविज्ञान क्या है ?

सामाजिक मनोविज्ञान में हम जीवन के सामाजिक पक्षों से सम्बन्धित अनेकानेक प्रश्नों के उत्तरों को खोजने का प्रयास करते हैं। इसीलिए सामाजिक मनोविज्ञान को परिभाषित करना सामान्य कार्य नही है। राबर्ट ए. बैरन तथा जॉन बायर्न (2004:5) ने ठीक ही लिखा है कि, ‘सामाजिक मनोविज्ञान में यह कठिनार्इ दो कारणों से बढ़ जाती है : विषय …

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दिनचर्या का अर्थ, परिभाषा, आवश्यकता एवं महत्व

दिनचर्या का अर्थ – दिनचर्या शब्द दिन चर्या दो शब्दों से मिलकर बना है। दिन का अर्थ है दिवस तथा चर्या का अर्थ है। चरण अथवा आचरण से हैं। अर्थात् प्रतिदिन की चर्या को दिनचर्या कहते हैं। दिनचर्या एक आदर्श समय सारणी है जो प्रकृति की क्रमबद्धता को अपनाती है, तथा उसी का अनुसरण करने का …

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आहार का अर्थ, परिभाषा, महत्व एवं आवश्यकता

आहार का अर्थ आहार का अर्थ है भीतर लेना। मुँह से खाना, पीना, नाक से श्वांस लेना, त्वचा से वायु का- धूप का ग्रहण करना, आदि को भी आहार के अन्तर्गत ही समझना चाहिए। जन्म के पहले माँ के रक्त द्वारा बालक को पोषण होता है, जन्म के बाद माँ का स्तन-पान ही उसका आहार है। …

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आहार के कार्य

आहार के संबंध में आपने अब तक जितना अध्ययन किया है, उससे आप इस बात का अनुमान तो आसानी से लगा सकते हैं कि आहार का कार्यक्षेत्र अत्यन्त विस्तृत है अर्थात् आहार के कार्यों का दायरा केवल शरीर तक ही सीमित नहीं है, वरन् यह प्राणी के समग्र विकास में सहायक है।  आहार के प्रमुख कार्य …

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आहार के स्रोत

मानव आहार प्राणी आहार माँस,मछली, अण्डा, दूध वनस्पति आहार अनाज, दाल, शर्करा, सब्जियाँ, फल, सूखेफल, मसाले आपके मन में यह जानने की जिज्ञासा उत्पन्न हो रही होगी कि आहार के स्रोत से हमारा क्या आशय है? वस्तुत: आहार के स्रोत से हमारा आशय यह है कि हमें आहार कहाँ-कहाँ से प्राप्त होता है। जिन भी पदार्थों …

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आहार का पाचन

सर्वप्रथम भोजन को मुँह से चबाते है तत्पश्चात निगलते है भोजन अमाशय में नलीनुमा संरचना (ग्रासनली) द्वारा जाता है , फिर छोटी आंत एवं बडी आंत में पहुंचता है। मुख्य रूप से छोटी आंत में भोजन का पाचन होता है एवं शरीर के लिये उपयेागी सरल पोषक तत्त्वों को आहार से यकृत में प्रतिहारिणी शिरा द्वारा …

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संतुलित आहार, परिभाषा, महत्व एवं घटक

संतुलित आहार की अवधारणा अथवा संतुलित आहार क्या है? संतुलित आहार वह भोजन है, जिसमें विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ ऐसी मात्रा व समानुपात में हों कि जिससे कैलोरी खनिज लवण, विटामिन व अन्य पोषक तत्वों की आवश्यकता समुचित रूप से पूरी हो सके। इसके साथ-साथ पोषक तत्वों का कुछ अतिरिक्त मात्रा में प्रावधान हो ताकि …

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