आंग्ल-सिक्ख युद्ध
प्रथम आंग्ल-सिक्ख युद्ध (1845 र्इ.) कारण रानी झिन्दन की कूटनीति-रणजीतसिंह की मृत्यु के बाद सिक्ख सेना के अधिकारियों ने उत्तराधिकारी-युद्ध में और दरबार के षड्यंत्रो में अत्यन्त सक्रियता से भाग लिया। उनकी शक्ति और उच्छृंखलता इतनी बढ़ गयी थी कि शासन और राज परिवार के लागे उनसे आतंकित हो गये थे। उन्हें नियंत्रित करना रानी झिन्दन …