रूसी क्रांति (1905 र्इ. एवं 1917 र्इ.)

1905 र्इ. की रूसी क्रांति 1905 की रूसी क्रांति के कारण रूस की 1905 की क्रांति के कारण उसकी राजनीतिक, सामाजिक परिस्थितियों में निहित थे। जापानी युद्ध ने केवल उत्प्रेरक का कार्य किया। युद्ध में पराजय के कारण रूस की जनता का असंतोष इतना बढ़ गया था कि उसने राज्य के विरूद्ध विद्रोह कर दिया। इस क्रांति …

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पेरिस शांति सम्मेलन

11 नवम्बर, 1918 र्इ. को प्रथम महायुद्ध की विराम संधि पर मित्र राष्ट्रों के सेनापति मार्शल फॉच एवं जर्मन प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये। प्रथम विश्वयुद्ध में एक ओर अत्यधिक आर्थिक हानि हुर्इ तो दूसरी ओर भारी संख्या में नरसंहार हुआ। इस कारण विश्व के सभी देश शांति स्थापना की ओर अग्रसर हुए। जर्मनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति …

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इटली में फासीवाद के उदय के कारण

1. इटली की जनता में असंतोष प्रथम विश्वयुद्ध प्रारंभ होने के समय इटली की सरकार ने तटस्थ रहने का निश्चय किया था, किन्तु कालान्तर में उसने अपनी नीति में परिवर्तन करके मित्रराष्ट्रों के पक्ष में युद्ध में भाग लिया। युद्ध में सम्मिलित होने से पूर्व सन् 1915 में इटली ने मित्रराष्ट्रों के साथ लंदन की संधि …

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मुसोलिनी का परिचय एवं नीति

फासीवाद के सिद्धातं के प्रणेता बेनिटो मुसोलिनी का जन्म एक लुहार परिवार में सन् 1883 में हुआ था। उसका पिता समाजवादी विचारधारा का समर्थक था, इसलिए मुसोलिनी भी अपने पिता के विचारों से प्रभावित हुआ था। उसकी माता अध्यापनकार्य करती थीं। उनकी प्रेरणा से मुसोलिनी ने भी एक छोटे स्कूल में अध्यापन प्रारंभ कर दिया। कालान्तर …

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हिटलर का परिचय एवं नीति

एडोल्फ हिटलर का जन्म 20 अप्रैल, 1889 में आस्ट्रिया के एक गांव के सामान्य परिवार में हुआ था। उसके पिता चुंगी-विभाग में एक साधारण कर्मचारी थे। निर्धनता के कारण हिटलर विधिवत् रूप में उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर सका। उसके पिता की यह आकांक्षा थी कि उसका पुत्र किसी सरकारी सेवा में स्थान ग्रहण करे किन्तु …

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चीन-जापान युद्ध (1894 र्इ.)

युद्ध के कारण कोरिया में जापान का स्वार्थ जापान ने अपने साम्राज्यवाद का मुख्य लक्ष्य चीन को बनाया और सर्वप्रथम कोरिया में उसने चीन के साथ अपनी शक्ति का प्रयोग किया। कोरिया अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से जापान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। इसलिए कोरिया प्रायद्वीप में जापान की बहुत रूचि …

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रूस-जापान युद्ध (1905 र्इ.)

युद्ध के कारण रूस की विस्तारवादी नीति 1894-95 र्इ. के चीन-जापान युद्ध में विजय के फलस्वरूप चीन के मामले में जापान की रूचि अत्यधिक बढ़ गर्इ। उधर चीन की निर्बलता का पद्रर्शन हुआ, जिसने पश्चिमी देशों को चीन की लूट-खसोट की और पे्ररित किया। इस कार्य में सबसे अधिक अगस्र र रूस था, जो किसी-न-किसी बहाने …

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द्वितीय विश्व युद्ध – कारण, घटनाए एवं प्रभाव

द्वितीय विश्व-युद्ध के कारण लगभग बीस वर्षों की ‘शांति’ के बाद 1 सितम्बर, 1939 के दिन युद्ध की अग्नि ने फिर सारे यूरोप को अपनी लपटों में समेट लिया और कुछ ही दिनों में यह संघर्ष विश्वव्यापी हो गया। विगत दो शताब्दियों के इतिहास के अध्ययन के बाद यह प्रश्न स्वाभाविक है कि शांति स्थापित रखने …

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कुपोषण से होने वाली बीमारियां

(1) क्वाशियोरकर-  यह रोग प्रोटीन नामक पोषक तत्वों की कमी से होता है। इसमें लक्षण दिखार्इ देते हैं। क्वाशियोरकर यह रोग प्राय: 1-5 वर्ष तक उम्र के बच्चों में पाया जाता है दूसरा बच्चा जन्म ले लेने के कारण पहले बच्चे को दूध अथवा प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ नहीं मिल पाते जिससे प्रोटीन की कमी हो …

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प्रथा का अर्थ एवं परिभाषा

समाज से मान्यता प्राप्त, पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तान्तरित होने वाली सुव्यवस्थित, दृढ़ जनरीतियां ही ‘प्रथाएं’ कहलाती हैं। प्रथा वास्तव में सामाजिक क्रिया करने की, स्थापित व मान्य विधि है; और लोग इसे इसलिए मानते हैं कि समाज के अधिकतर लोग उसी विधि के अनुसार बहुत दिनों से कार्य या व्यवहार करते आ रहे हैं। इस प्रकार ‘प्रथा’ ‘जनरीति’ …

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