उपनिवेशवाद क्या है ?

उपनिवेशवाद का अर्थ उपनिवेशवाद का अर्थ है – किसी समृद्ध एवं शक्तिशाली राष्ट्र द्वारा अपने विभिé हितों को साधने के लिए किसी निर्बल किंतु प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण राष्ट्र के विभिé संसाधनों का शक्ति के बल पर उपभोग करना। उपनिवेशवाद में उपनिवेश की जनता एक विदेशी राष्ट्र द्वारा शासित होती है, उसे शासन में काइेर् राजनीतिक …

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यूरोप में वैज्ञानिक क्रांति

आधुनिक युग के प्रारंभ के नवोत्थान-जनित प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति का पुन: विकास, सुदूरस्थ भौगोलिक खोजों, लोकभाषाओं एवं राष्ट्रीय साहित्य के सृजन की भांति ही समानरूप से महत्वपूर्ण एवं युगांतरकारी विशेशता वैज्ञानिक अन्वेशण तथा वैज्ञानिक उन्नति मानी जाती है। वस्तुत: सोलहवीं सदी का यूरोप न केवल, अपने महान कलाकारों, विद्वानों एवं मानववादियों के कारण ही, वरन् …

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कृषि क्रांति

बारहवीं सदी में कृषि तकनीक के क्षेत्र में काफी परिवर्तन हुए। पुराने हल्के हल का स्थान भारी हल ने ले लिया जो कि गहरार्इ तक जमीन में जुतार्इ कर सकता था। पहले जुए को बैल के सींगों पर बाँधा जाता था, परंतु अब हल के जुए को सींगों के स्थान पर बैल के कंधों पर बाँधा …

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औद्योगिक क्रांति क्या है ?

18वीं सदी के उत्तरार्द्ध में इंग्लैण्ड में अज्ञात और सतत रूप से अनेक अंग्रेज मंित्रयों, अन्वेषकों और वैज्ञानिकों द्वारा वस्तु-उत्पादन, खेती, यातायात और शिल्प उद्योगों के साधनों और पय्र ासों में जो नवीन, मौलिक और क्रांतिकारी परिवर्तन हुए, उनसे उत्पादन-व्यवस्था और व्यापार व्यवस्था बिल्कुल बदल गयी, जिनके फलस्वरूप आधुनिक काल में अनेक वर्गीय तथा अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष …

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अमेरिकी क्रान्ति (1776 र्इ.) के कारण, घटनायें एवं प्रभाव

1776 की अमेरिकी क्रान्ति के कारण 1. अमेरिकी उपनिवेशों का विद्राहे व तत्जनित अमेरिकी स्वतंत्रा-युद्ध उन परिस्थितियों का परिणाम था जो सप्तवर्षीय युद्ध के कारण उपस्थित हुर्इ। 1763 र्इ. में सप्तवर्षीय युद्ध की समाप्ति होने पर इंग्लैण्ड एक विस्तृत औपनिवेिशक साम्राज्य का अधिपति था। अमेरिका के 13 उपनिवेशों में अंग्रेजों की प्रधानता थी व वहाँ इंग्लैण्ड …

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1789 की फ्रांसीसी क्रांति- कारण, विकास एवं प्रभाव

18वीं शताब्दी के आरंभ में 1715 र्इ. में लुर्इ चतुर्दश की मृत्यु उपरांत उसका पुत्र लुर्इ पंद्रहवें के नाम से फ्रांस के राज्य सिंहासन पर बैठा। उसके शासनकाल में दिन प्रतिदिन देश का पतन होता चला गया। जिसके कारण लुर्इ पंद्रहवें का शासनकाल अराजकता, अव्यवस्था, अशांति ओर अभावों का युग कहलाता है। उस समय फ्रांस में …

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नेपोलियन का इतिहास

1789 र्इ. में फ्रासं में क्रांति हुर्इ। इस क्रांति ने एक विश्व पुरूष को जन्म दिया जिसे नेपोलियन बोनापार्ट के नाम से जाना जाता है। नेपोलियन ने अपने साहस एवं कार्यों से फ्रांस के प्रधान सेनापति का पद प्राप्त किया। तत्पश्चत् वह डायरेक्ट्री के शासन में चयनित हुआ। तत्पश्चात् नेपोलियन के समर्थित सदस्यों ने डायरेक्ट्री शासन …

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क्रीमिया का युद्ध (1854 र्इ.-1856 र्इ.) के कारण एवं परिणाम

क्रीमिया युद्ध के कारण 1. नेपोलियन की महत्वाकांक्षा-  1848 र्इ. में नेपालेयन तृतीय ने फ्रासं के गणतंत्र का अंत करके अपने को सम्राट बना लिया। उसका विश्वास था कि वह अपनी शक्तिशाली विदेश नीति का अनुसरण करके किसी महान युद्ध में विजयी हो सकता था। इसका अवसर उसने पूर्वी समस्या में देखा जिसके संबंध में रूस और …

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नेपोलियन तृतीय की गृह नीति

लुर्इ नेपोलियन इस युग के यूरोपीय राजनीतिज्ञों में लुर्इ नेपोलियन सबसे अद्भुत था। उसके जीवन चरित्र तथा उसके साम्राज्य की कथा का उन्नसवीं शताब्दी के इतिहास में केन्द्रीय स्थान है। उसका जन्म 1808 में पेरिस में के राजमहल में हुआ था। उसका शैशव बड़े लाड़-प्यार ओर वैभव में बीता, परंतु जब 1815 में फ्रांस में बूर्बो-वंश की …

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चार्टिस्ट आंदोलन

चार्टिस्ट-आंदोलन ग्रेट ब्रिटेन के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना है। रानी विक्टोरिया के शासन के प्रारंभिक वर्षों में वहाँ एक श्रमिक-आंदोलन हुआ, जिसे चार्टिस्ट-आंदोलन का नाम दिया गया। यह आर्थिक कठिनार्इयों पर आधारित एक राजनीतिक-आंदोलन था, जिसका अंतिम लक्ष्य समाज में परिवर्तन लाना था। देश में होने वाली औद्योगिक-क्रांति ने देश के सामाजिक और आर्थिक ढाँचे …

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