ऋग्वैदिक कालीन सभ्यता और संस्कृति

ऋग्वैदिक काल भारतीय संस्कृति के इतिहास में वेदों का स्थान अत्यन्त गौरवपूर्ण है । वेद भारत की संस्कृति की अमूल्य सम्पदा है । आर्यो के प्राचीनतम ग्रन्थ भी वेद ही है । भारतीय संस्कृति में वेदो का अत्यधिक महत्व है, क्योंकि हिन्दुओं के आचार विचार, रहन सहन, धर्म कर्म की विस्तृत जानकारी इन्ही वेदो से ही …

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वेदों का महत्व

वैदिक लोगों के आर्थिक और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहे थे । पशु-चारण व्यवस्था धीरे-धीरे कृषि अर्थव्यवस्था द्वारा विस्थापित होती जा रही थी, जो नियमित खेती और शिल्प तथा व्यापार के विकास पर आधारित थी । जनजातियों का बटवारा हुआ और वस्तुत: हमें एक सम्पूर्ण वर्ण-व्यवस्था देखने को मिलती है । इस समय में …

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फारसी यूनानी आक्रमण का प्रभाव

फारसी साम्राज्य साइरस महान और टेरियस के नेतृत्व में फारसी या इखमनी साम्राज्य विश्व के सबसे बड़े साम्राज्यों में से एक हो गया । बाद के साम्राज्यों ने इसे अनेक मामलों में आदर्श बनाया । साइरस द्वारा अपनार्इ गर्इ नीति के अनुसार सम्राट की शक्ति लागू करने में है। उसने विजित लोगों का े अपने  रिवाज …

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मौर्य युग

नन्द वंश के पतन के पश्चात मगध में मौर्य वंश की सत्ता स्थापित हुर्इ । मौर्य वंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य (321 र्इ.पू.) था । यूनानी लेखकों ने उसे सेन्ड्रोकोट्स या एण्ड्रोकोट्स कहा है । इस राजवंश का भारतीय इतिहास में विशिष्ट महत्व है । मौर्य शासकों ने छोटे छोटे राज्यों को समाप्त करके एक वृहद …

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ह्वेनसांग का यात्रा वृतांत एवं जीवन परिचय

ह्वेनसांग का यात्रा वृतांत हर्ष के शासन काल में चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत के विभिन्न भागों की यात्रा की और चीन लौटने के पश्चात उसने अपनी यात्रा वृतांत संस्मरणों को लेखबद्ध किया । अतएव उसका विवरण हर्षकालीन इतिहास पर अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रकाश डालता है । ह्वेनसांग का जीवन परिचय  ह्वेनसांग का जन्म चीन के होननफू नामक …

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गुप्तकाल में सांस्कृतिक विकास

गुप्तकाल में सांस्कृतिक विकास 1. ब्राह्मण और बौद्धधर्म का विकास-  गुप्तों के पूर्व शासन काल में बौद्ध धर्म एक प्रमुख धर्म था । गुप्त सम्राट ब्राह्मण धर्म के अनुयायी थे, इस कारण ब्राह्मण धर्म के विकास में सहयोग दिया । हिन्दू धर्म का पुनर्जागरण हुआ। बौद्ध धर्म के विकास में अवरोध उत्पन्न हुआ । गुप्तकाल में ब्राह्मणों …

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भारत में तुर्की शासन की स्थापना

इस काल से संबंधित कुछ विशिष्ट मुद्दों को उठाया है । आप अध्ययन कर निष्कर्ष निकाल सकेंगे कि दोनों ही आक्रमणकारी महमूद गजनबी और मुहम्मद गोरी के आक्रमणों के उद्देश्य अलग थे, इसलिये उनके परिणाम भी अलग हुए । एक ने जन सम्पदा लुटकर भारत को आर्थिक आघात पहुंचाया तो दूसरे ने भारत में स्थायी रूप …

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मुगल साम्राज्य – औरंगजेब के शासनकाल में

उत्राधिकार का युद्ध-  मुगल सम्राट शाहजहां के चार पुत्र थे । दारा शिकोह, भुजा, औरंगजेब और थे । शाहजहां की तीन पुत्रियां भी थी । जहांआरा, रोशनआरा, गौहरआरा । मुसलमान शासकों में उत्तराधिकार के नियमों का आभाव था तलवार के बल पर शासन प्राप्त किया जा सकता था । शेष भाइर्यों की कत्ल कर दिये जाते …

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व्यवसाय की प्रकृति एवं क्षेत्र

दैनिक जीवन में हम विभिन्न पक्रार की क्रियाएँ करते है। आने वाले समय में छात्र डॉक्टर बनना चाहते हैं, इंजीनियर बनना चाहते हैं। चार्टर्ड एकाउण्टेण्ट बनना चाहते हैं या कोर्इ भी अच्छी नौकरी पाना चाहते है। कुछ छात्र अपना व्यवसाय करना चाहते है। प्रश्न उठता हैं कि मनुष्य ये सब क्रियायें क्यों करता हैं? सहज उत्तर …

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व्यावसायिक क्रियाओं का वर्गीकरण

यदि आप अपने आस पास की व्यावसायिक क्रियाओं को देखेंगे तो पायेंगे कि अर्थव्यवस्था में निम्नांकित क्रियाएं होती है- पदार्थो का उत्खनन या निष्कर्षण;  वस्तुओं का विनिर्माण;  एक स्थान से वस्तुए खरीद कर विभिन्न स्थानों में बेचना;  भवन, सड़क एवं पुलों आदि का निर्माण;  वस्तुओं का भण्डारण, परिवहन, बैंिकग, बीमा, विज्ञापन, आदि सेवाएं प्रदान करना;  उपरोक्त …

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