प्रकाश संश्लेषण क्या है ?

प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में जल एवं कार्बन डाइआक्साइड के संयोग से कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं तथा इस प्रक्रिया में उत्पाद के रूप में ऑक्सीजन निर्मुक्त होती है। 6CO6 + 12H2O === C6H12O6 + 6H2O + CO2 प्रकश संश्लेषण में CO2 का स्थिरीकरण (अथवा अपचयन) कार्बोहाइड्रेटस (ग्लूकोज C6H12O6 ) …

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भूगोल का अर्थ, परिभाषा एवं अध्ययन विधियां

भूगोल का अर्थ – भूगोल दो शब्दों से मिलकर बना है- भू + गोल हिन्दी में ‘भू’ का अर्थ है पृथ्वी और ‘गोल’ का अर्थ गोलाकार स्वरूप। अंग्रेजी में इसे Geography कहते हैं जो दो यूनानी शब्दों Geo (पृथ्वीं) और graphy (वर्णन करना) से मिलकर बना है। भूगोल का शाब्दिक अर्थ ‘‘वह विषय जो पृथ्वी का …

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शैल के प्रकार एवं आर्थिक महत्व

शैल के प्रकार शैल अपने निर्माण की क्रिया द्वारा तीन प्रकार की होती है- आग्नेय शैल  अवसादी शैल  रूपान्तरिंत शैल 1. आग्नेय शैल आग्नेय शैल जैसा कि नाम से ही स्पष्ठ है कि इस शैल की उत्पत्ति अग्नि से हुर्इ होगी इसी आधार पर इसका नाम आग्नेय शैल रखा गया है यह अति तप्त चट्टानी तरल …

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अपक्षय क्या है ?

अपक्षय एक स्थानीय प्रक्रिया हैं, इसमें शैलो का विघटन और अपघटन मूल स्थान पर ही होता है विघटन तापमान में परिवर्तन और पाले के प्रभाव से होता हैं। इस प्रक्रिया में शैल टुकड़ों में बिखर जाते हैं अपघटन की प्रक्रिया में शैलों के अन्दर रासायनिक परिवर्तन होते है शैलों में विभिन्न प्रकार के खनिज कण एक …

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मृदा अपरदन क्या है ?

मृदा को अपने स्थान से विविध रासायनिक, भौतिक एवं जैविक क्रियाओं द्वारा हटाया जाना मृदा अपरदन कहलाता हैं। मृदा अपरदन से मृदा की अनेक समस्यायें उतपन्न हो जाती हैं। उर्वरा शक्ति का ह्रास, नाइट्रोजन की कमी, अत्याधिक पशुचारण, अम्लीय क्षारीय जल का बढ़ना, कॉस खरपतवार का बढ़ना एवं मरूस्थलीय रेत का प्रसार आदि मुख्य हैं। मृदा …

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मृदा संरक्षण के उपाय

मृदा संरक्षण से तात्पर्य उन विधियों से है ,जो मृदा को अपने स्थान सें रोकता है।  मृदा संरक्षण के उपाय- फसल चक्र का उपयोग करना चाहिये।  प्रत्येक स्थान पर वृक्षारोपण करना चाहिये।  मिट्टी के रासायनिक परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जायें।  वृक्षों की कटार्इ एवं अनियंत्रित पशुचारण पर रोक लगार्इ जायें।  तटबांध का निर्माण किया जाना …

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भूकंप के कारण और प्रभाव

भू-पृष्ठ के हिलने या कांपने को भूकम्प कहते है। ये हल्के से कम्पन से लेकर भवनों को तेज हिलाकर रख देने वाले होते है। भूकम्प लहरों की गति की ऊर्जा का एक रूप है जो पृथ्वी की धरातलीय परत से संप्रेषित होती है। सभी भूकम्प समान तीव्रता वाले नहीं होते इनमें से कुछ भूकम्प बहुत भयंकर …

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जीवोम क्या है ?

जीवोम का अर्थ –  ‘‘जीवोम’’ शब्द घर का संक्षिप्त रूप है।। जहॉं तक जीवोम की परिभाषा एवं वर्गीकरण का संबंध हैं, वैज्ञानिक इस संदर्भ में एकमत नहीं हैं। जीवोम को एक वृहत् प्राकृतिक पारितंत्र के रूप में परिभाषित किया जा सकता हैं। जिससे हम पौधो औ र जानवरों के समुदायों के कुल संकलन का अध्ययन करते …

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भारत का भौतिक स्वरूप

प्राचीन काल से भारत सोने की चिड़िया व दूध की नदियों का देश कहा जाता था और अब वह दिन दूर नहीं जब कि वह पूर्ण विकसित होकर पुन: धन धान्य की स्थिति प्राप्त कर लेगा। वर्तमान में केवल भारत वर्ष तथा इंडिया शब्द संवैधानिक रूप से अधिकृत है। आकार की दृष्टि से भारत संसार का …

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मृदा संसाधन क्या है ?

मृदा या मिट्टी चट्टानों द्वारा ही निर्मित होती हैं। पृथ्वी की उत्पत्ति से लेकर आज तक एवं भविष्य में परिवर्तनकारी शक्तियां कार्यरत हैं। जो धरातल पर भौतिक तथा रासायनिक परिवर्तन भी करती हैं। इसके साथ ही अपक्षय एवं अपरदन की शक्तियां भी कार्यरत हैं। मृदा की परिभाषा-  ‘‘मृदा भूमि की वह ऊपरी परत हैं जिसका निर्माण …

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