निवेश की परिभाषा एवं माध्यम

परिभाषा- हमारी बचत का ऐसा उपयोग जिससे इसमें वृद्धि होती है निवेश कहलाता है। उदाहरण के लिए-आपने 5,000 की बचत की है। यदि आप इस धन को घर में ही रखते हैं तो यह 5000 ही रहेगा। पर यदि आप इसे बैंक में जमा करते हैं तो इस पर ब्याज लगेगा और यह बढ़ेगा जितनी अधिक अवधि …

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पेट्रोलियम की उत्पत्ति एवं संरक्षण

ऊर्जा के संसाधनों में पेट्रोलियम (Petra = ,शैल, Oleum = तेल) अर्थात् खनिज तेल का महत्व बहुत अधिक व्यापक है। कोयले की अपेक्षा पेट्रोलियम हल्का होता है, तथा इसमें ताप देने की शक्ति कोयले से कर्इ गुना अधिक होती है। इसलिए मोटर गाड़ियों, रेल के इंजनों, जलपोतों और वायुयानों में पेट्रोल ही चालक शक्ति होता है। …

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वस्त्र परिसज्जा क्या है ?

परिसज्जा द्वारा किसी वस्त्र को अधिक चमकीला मजबूत तथा धोने पर न सिकुड़ने वाला बनाया जा सकता है क्योंकि वस्त्र जब करघे पर मशीनों पर बुन कर आता है तो वह खुरदुरा, गंदा तथा दाग धब्बे वाला होता है उसका परिष्करण आवश्यक होता है तभी वह उपयोग के लायक होता है अत: कहा जा सकता है …

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ऊर्जा संरक्षण के उपाय

हमें ज्ञात है कि पारिस्थितिक तंत्र एवं जीवधारियों के जीवन को सुचारू रूप से चलाने के लिये ऊर्जा की आवश्यकता होती है। यह ऊर्जा हमें मुख्यत: सूर्य से प्राप्त होती हैं। पौधे सौर ऊर्जा का उपयोग करके इसे अन्य रूपों में पौधों के शरीर एवं जीवाश्मीय र्इधनों में संचित करते हैं। हमें विभिन्न कार्यो के संपादन …

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राष्ट्र और राज्य

आधुनिक राष्ट्र और राज्य को राजनीतिक संगठन के रूप में बदलने में बहुत लम्बा समय लगा। प्राचीन समय में मानव समुदायों में रहता था। स्वभावत: मानव एक सामाजिक प्राणी है जो अकेला नहीं रह सकता। वह समाज का अभिन्न अंग होता हैं अत: अपने जीवन में मानव को कुछ नियमों का पालन करना होता है और …

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किशोरावस्था का अर्थ, परिभाषा एवं समस्याएं

किशोरावस्था एडोलसेन्स नामक अंग्रेजी शब्द का हिन्दी रूपान्तरणर है। जिसका अर्थ है परिचक्वता की ओर बढ़ना इस समय बच्चे न छोटे बच्चो की श्रेणी में आतें है और न ही बड़े या अपने शब्दो में कहे तो ये छोटे से बडे बनने की प्रक्रिया की समयावधि से गुजरते है। जर्सिल्ड नामक मनोवैज्ञानिक ने किशोरावस्था का अर्थ …

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राज्य और समाज

जैसे कि आप जानते है, राज्य एक राजनीति समाज है, जिसके चार घटक है- जनसंख्या, निश्चित भू-भाग, सरकार, संप्रभुता। आप जानते है कि राज्य कानून के माध्यम से स्वाभाविक रूप से दमनकारी शक्ति का प्रयोग करके सामाजिक आचार-विचार को नियंत्रित रखता है। एक संकल्पना के रूप में समाज एक संगठन भी है और सामाजिक संबंधों की …

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राज्य और राष्ट्र

जैसा कि आप जानते हैं कि राष्ट्र का अर्थ है ऐतिहासिक रूप से गठित लोगों का वह समुदाय जो एक समान भाषा, भू-भाग, अर्थव्यवस्था और मनोवैज्ञानिक विचार के करण एक ही संस्कृति में अभिव्यक्त है। ब्लंटशली के अनुसार – ‘‘राष्ट्र लोगों का वह समूह है जो विशेषत: भाषा, रीति-रिवाजों और समान सभ्यता के कारण आपस में …

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गांधीवाद क्या है ?

महात्मा गांधी के विचारो को गांधीवाद कहा जाता है। गांधीवाद के सम्बन्ध मे सर्वप्रथम प्रश्न यह है कि क्या गांधीवाद नाम की कोर्इ वस्तु है तो निश्चित रूप से गांधीवाद जैसी कोई वस्तु नही हे। क्योंकि गांधीजी ने राजनीति सम्बन्धी क्रमबद्ध सिद्धांत प्रस्तुत नही किया है और न किसी वाद का संस्थापन ही किया। गांधी जी ने …

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मौलिक अधिकार का अर्थ, महत्व एवं विशषताएं

मौलिक अधिकार का अर्थ एवं महत्व –  मौलिक अधिकार वे अधिकार होते है जो व्यक्ति के जीवन के लिए मौलिक एवं आवश्यक होने के कारण संविधान के द्वारा नागरिकों को प्रदान किये जाते है। मौलिक अधिकार के महत्व के संबंध में डॉ. अम्बेडकर का यह कथन उल्लेखनीय है- ‘‘यदि मुझसे कोर्इ प्रश्न पूछे कि संविधान का …

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