भारत की प्रमुख नदियां कौन कौन सी हैं?

भारत की प्रमुख नदियां भारतीय नदियाँ न केवल सिचाई ही करती है वरन् इनके मार्गों में बनने वाले जलप्रपातों द्वारा जलविद्युत शक्ति भी पैदा की जाती है । उत्तर प्रदेश की गंगा नदी तथा कर्नाटक की कावेरी नदी इसके मुख्य उदाहरण हैं । नदियाँ आवागमन के प्रमुख साधन हैं । प्राचीन काल में इन्हीं नदियों द्वारा …

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हिमालय की उत्पत्ति के सिद्धांत और हिमालय पर्वत से लाभ

हिमालय को संसार का सर्वोच्च पर्वत होने का श्रेय प्राप्त है। इसकी लंबाई लगभग 2,414 किमी. है जबकि चौड़ाई 240 से लेकर 320 किमीतक है।  हिमालय की उत्पत्ति प्राचीनम पैंजिया (Pangea) महाद्वीप के विदीर्ण हो जाने पर अंगारालैण्ड तथा गोंडवाना लैण्ड नाम के महाद्वीपों के बीच एक विशाल समुद्र का निर्माण हुआ जो जिब्राल्टर से सुदूर-पूर्व …

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भारत के प्रमुख द्वीपों के नाम

  भारत के प्रमुख द्वीपों के नाम 1. पश्चिमी तट के द्वीप – पश्चिमी तट के द्वीप  हैं-  (1) लक्ष द्वीप – यह लगभग 10° से 12° उत्तरी और 72° पूर्वी देशान्तर पर मालाबार तट से 288 किमी. दूरी पर फैला हुआ है। ये सभी प्रवाल द्वीप हैं। (2) ट्राॅम्बे द्वीप – यह मुम्बई नगर के के पास स्थित है।  …

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भारत के पूर्वी तट और पश्चिमी तट का विस्तार से वर्णन

भौगोलिक दृष्टि से किसी भी देश की तटरेखा का अध्ययन अत्यन्त महत्वपूर्ण होता है। आधुनिक व्यापारिक युग में तो इसके अध्ययन का महत्व और भी बढ़ गया है।  भारत की तटरेखा की लंबाई केवल 6,100 (अण्डमान, निकोबार, लक्षद्वीप को छोड़कर) किमी लम्बी है। 32.8 लाख वर्ग किमी. क्षेत्र में विस्तृत इस विशाल देश को देखते हुए …

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मालवी भाषा के कवि

malvi bhasha ke kavi मालवी भाषा के कवि संत पीपा, आनंदराव दुबे, हरीश निगम, बालकवि बैरागी और नरहरि पटेल है। मालवी भाषा के कवि मालवी भाषा के कवि संत पीपा, आनंदराव दुबे, हरीश निगम, बालकवि बैरागी और नरहरि पटेल है। 1. संत पीपा संत पीपा प्रतापराव खीची राजपूत थे। संत पीपा जी के जन्मकाल के संबंध …

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मालवी भाषा का परिचय, प्रमुख उपबोलियां, सीमा क्षेत्र

मालवी भारत के मालवा क्षेत्र की भाषा है। मालवा क्षेत्र का भू-भाग अत्यंत विस्तृत है। पूर्व दिशा में बेतवा नदी, उत्तर-पश्चिम में चम्बल और दक्षिण में पुण्य सलिला नर्मदा नदी के बीच का प्रदेश मालवा है। मालवा क्षेत्र मध्यप्रदेश और राजस्थान के लगभग बीस जिलों में विस्तार लिए हुए हैं। इन क्षेत्रों के दो करोड़ से …

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भारत के प्रमुख राष्ट्रीय राजनीतिक दल

निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों के मान्यता संबंधी नियमों में परिवर्तन के लिए 1968 के चुनाव चिह्न (आरक्षण एवं आबंटन) आदेश में संशोधन करते हुए 1 दिसम्बर, 2000 को अधिसूचना जारी की है। नए नियमों के तहत राष्ट्रीय स्तर के दल का दर्जा प्राप्त करने के लिए संबंधित राजनीतिक दल की लोकसभा चुनाव अथवा विधानसभा चुनावों …

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लोकतंत्र का बहुलवादी सिद्धांत की व्याख्या

लोकतंत्र का बहुलवादी सिद्धांत पिछले 20-30 वर्षों में ही लोकप्रिय हुआ है। यह सिद्धांत लोकतंत्र के परंपरागत सिद्धांत के विचार, कि सभी शक्ति जनता के पास होती है, और लोकतंत्र के विशिष्ट वर्गीय सिद्धांत के इस विचार को भी नकारता है कि राज्य में शक्ति एक विशिष्ट वर्ग में होती है। इन दोनों सिद्धांतों के विपरीत …

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स्वतंत्रता का अर्थ, परिभाषा, प्रकार

‘स्वतंत्रता’ का अंग्रेजी अनुवाद ’लिबर्टी’ है जिसकी उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द ’लिबर’ से हुई है। ‘लिबर’ का शाब्दिक अर्थ है- सभी प्रकार के बंधनों का अभाव। इस प्रकार शब्द की उत्पत्ति के आधार पर स्वतंत्रता का अर्थ है मनुष्य की इच्छा और कार्य पर किसी प्रकार की कोई रुकावट न हो। परंतु यह स्वतंत्रता का …

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आदर्श नागरिकता के तत्व एवं बाधाएं

आदर्श नागरिकता व्यक्ति की उस स्थिति को कहा जा सकता है जिसमें व्यक्तियों के द्वारा आदर्श नागरिकों के रूप में जीवन व्यतीत किया जाता है। आदर्श नागरिकों के लिए यह आवश्यक माना जाता है कि उनके द्वारा अधिकारों का ठीक प्रकार से उपयोग किया जाए, कर्तव्यों का ठीक प्रकार से पालन किया जाए और वह सार्वजनिक …

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