होटल के प्रकार

होटल, एक आधुनिक शब्द है, एक प्रतिष्ठान है जो यात्रियों और पर्यटकों के लिए आवास, भोजन और अन्य सेवाएं प्रदान करता है। भारत में यात्रियों के लिए आवास का इतिहास प्राचीन काल में धर्मशालाओं के साथ शुरू होता है, जो पर्यटकों के आराम करने और सोने के लिए स्थान थे। मध्यकाल के दौरान, मुसाफिरखाना और सराय …

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यूरोपीय संघ क्या है इसके सदस्य देश

यूरोपीय संघ द्वितीय विश्व युद्ध के बाद शुरू हुए एकीकरण की प्रक्रिया का नवीनतम चरण है, शुरू में यह छह पश्चिमी यूरोपीय देशों द्वारा, अन्योन्याश्रितता को बढ़ावा देने और यूरोप में एक और युद्ध के खतरे को कम करने के लिए बनाया गया था। यूरोपीय संघ में वर्तमान में 27 सदस्य राज्य हैं (31 जनवरी 2020 को …

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संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य, सिद्धांत, अंग

संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 में द्वितीय विश्व युद्ध के बाद 51 देशों द्वारा अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने राष्ट्रों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को विकसित करने और सामाजिक प्रगति, बेहतर जीवन स्तर और मानव अधिकारों को बढा़वा देने के लिए की गई थी। इससे पहले प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 1919 में …

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G. S. Ghurye (गोविन्द सदाशिव घुर्ये) का जीवन परिचय और उनकी रचनाएं

G. S. Ghurye (गोविन्द सदाशिव घुर्ये) का जन्म 12 दिसम्बर,1893 को महाराष्ट्र में हुआ था और वर्ष 1984 में 91 साल की उम्र में बंबई में उनका निधन हो गया। उन्हें भारतीय समाजशास्त्र में उनके योगदान के लिए ‘भारतीय समाजशास्त्र के पिता’ के रूप में जाना जाता है। वे भारतीय समाजशास्त्रियों की पहली पीढ़ी का निर्माण …

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भारत में कितनी भाषाएँ बोली जाती हैं?

1971 की जनगणना के अनुसार भारत में 1652 प्रकार कि भाषाओं का उपयोग होता था। अधिकांश भाषाएं उत्तर भारत में बोली जाती थी। भाषाओं की यह बहुलता भारत में पहले से जाति और वंश के आधार पर विभाजित जनसंख्या में नई सामाजिक दरार पैदा करती है और देश के अन्दर संचार के कार्य को मुश्किल बनाती …

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भारत में कितने धर्म के लोग निवास करते हैं?

भारत में लगभग सभी प्रमुख धर्म पाए जाते हैं। यहां हिंदू धर्म, इस्लाम धर्म, ईसाई धर्म, सिख धर्म, बौद्ध धर्म, जैन धर्म, पारसी मानने वाले लोग रहते है। ये सभी मुख्य धर्म कई सम्प्रदायों में विभाजित है। भारत में कितने धर्म के लोग निवास करते हैं? 1. हिंदू धर्म  – 1991 की जनगणना के अनुसार, भारत …

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जनसंख्या वृद्धि के परिणाम

जनसख्या वृद्धि से कई सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय समस्याएँ भी पैदा हो रही है। जनसंख्या वृद्धि के साथ-साथ मानवीय आवश्यकताओं में असीमित वृद्धि हो रही है, जिससे पृथ्वी के सीमित संसाधनों पर विशेष रूप से भूमि, वायु तथा पानी पर दबाव पड़ रहा है। ये तीनों तत्व जहाँ मनुष्य के लिए आवश्यक हैं वहीं मनुष्य के …

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जनसंख्या विस्फोट किसे कहते हैं इसे रोकने के उपाय

जनसंख्या की तीव्र एवं अनियंत्रित वृद्धि को जनसंख्या विस्फोट कहा जाता है। किसी देश या प्रदेश की जनसंख्या जब उसकी पोषण-क्षमता में अधिक हो जाती है अर्थात् खाद्य पदार्थों तथा जीवनोपयोगी वस्तुओं व साधनों की कमी हो जाती है और जीवन स्तर नीचे गिरने लगता है, तब अति जनसंख्या या जनसंख्या विस्फोट की समस्या उत्पन्न होती …

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पंडिता क्षमा राव का जीवन परिचय एवं प्रमुख रचनाएँ

पण्डिता क्षमाराव का जन्म 4 जुलाई 1890 को हुआ था। उन्होंने संस्कृत साहित्य में नूतन विधाओं तथा विषयवस्तु का अवतरण किया। गांधी जी के सत्याग्रह से प्रभावित कोंकर उन्होंने सत्याग्रहगीता नामक महाकाव्य की रचना की जो 1932 में पेरिस से प्रकाशित हुआ। अपने पिता की जीवनी लेखन से पण्डिता क्षमा ने संस्कृत साहित्य में नई विधा …

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अप्पा शास्त्री राशिवडेकर का जीवन परिचय

अप्पाशास्त्री राशिवडेकर का जन्म महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के राशिवडेकर ग्राम में 2 नवम्बर 1873 ईसवी में हुआ था। उनके पिता श्री सदाशिव शास्त्री अपने समय के विख्यात वैदिक पण्डित, ज्योतिषी एवं कर्मकाण्ड के ज्ञाता थे। संस्कृतमय परिवेश में जन्मे, नैसगिर्क कवि अप्पाशास्त्री ने आठ वर्ष की बाल्यावस्था से ही देव वाणी में काव्यरचना प्रारम्भ कर दी …

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