मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय, प्रमुख कृतियाँ

मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय मुंशी प्रेमचंद जी का जन्म एक मध्यम वर्गीय परिवार में 31 जुलाई, 1880 ई, शनिवार को बनारस के पास ‘लहमी’ नाम के एक गाँव में हुआ। विक्रमी संवत् के अनुसार 1937 संवत् के सावन बदी दशम को हुआ था। प्रेमचन्द का वास्तविक यानी मूल नाम धनपतराय था। वे बचपन में धनपतराय …

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मुंशी प्रेमचंद का जीवन परिचय, कहानियाँ, उपन्यास, नाटक

मुंशी प्रेमचंद का जन्म शनिवार 31 जुलाई, 1880 ई. में बनारस के लमही नामक गाँव में कायस्थ परिवार में हुआ था। प्रेमचदं का बचपन का नाम धनपतराय था, हालाँकि उनके चाचा-ताऊ स्नेहवश उन्हें नवाबराय के नाम से भी सम्बोधित करते थे। अपने साहित्यिक जीवन का शुभारंभ उन्होंने नवाबराय के नाम से ही किया था किन्तु पत्राचार …

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उदार लोकतंत्र क्या है उदार लोकतंत्र की प्रमुख विशेषताएं

उदार लोकतंत्र वह व्यवस्था होती है जिसमें लोग सर्वोच्च शक्ति धारक होते हैं। वे ही सरकार बनाते हैं तथा समय-समय पर सरकार को परिवर्तित कर सकते है। लोग अपने राजनीतिक दलों तथा हित समूह के द्वारा राजनीतिक व्यवस्था में भाग लेते हैं। सरकार जनमत के प्रति लगातार उत्तरदायी होती है। लोगों को विस्तृत अधिकार और स्वतंत्रता …

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भारत में सिंचाई के प्रमुख साधन

भारत में सिंचाई के प्रमुख साधन भारत में सिंचाई के प्रमुख साधन हैं- नहर, कुआँ, नलकूप, तालाब तथा अन्य साधन। 1. नहर देश के सभी राज्यों में नहरों के द्वारा सिंचाई होती हैं। नहरों से शुद्ध सिंचित क्षेत्र का एक-तिहाई से कम (31.3 प्रतिशत) क्षेत्र ही सींचा जाता है। नहर द्वारा सिंचाई में मिजोरम (100 प्रतिशत)जम्मू-काश्मीर …

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लॉर्ड कर्जन की शिक्षा नीति का वर्णन

लाॅर्ड कर्जन की शिक्षा नीति 1899 में लाॅर्ड कर्जन भारत का गर्वनर जनरल नियुक्त हो कर आ गया। उसने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया। उसने शिक्षा विभाग में केन्द्रीकरण की नीति का अनुसरण किया एवं निरीक्षण स्थापित करने की प्रयत्न किया। उसने डायरेक्टर जनरल आफ एज्युकेशन की नियुक्ती एवं शिक्षा संबंधी समस्याओं पर विचार …

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चंदेल वंश के शासकों के नाम और उनका परिचय

अभिलेखों के वर्णन से ज्ञात होता है कि चंद्रवंश में चंद्रात्रेय  से चंदेल उत्पन्न हुए थे। चंद्रात्रेय इनके आदिपुरुष होने के कारण इनको चंदेल कहा गया। चंदेलों के निवास स्थान का विवरण हमें अभिलेखों से मिलता है, जिससे यह पता चलता है कि इनका मूल निवास बुंदेलखंड था। इसके अतिरिक्त कालिंजर, खजुराहो, महोबा और अजयगढ़ से चंदेलों के …

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राजपूत वंश के प्रमुख शासकों का वर्णन

राजपूत शब्द संस्कृत के ‘राजपुत्र’ का बिगड़ा हुआ स्वरूप है। प्राचीन काल में राजपुत्र शब्द का प्रयोग राजकुमारों तथा राजवंशों के लोगों के लिए होता था। प्रायः क्षत्रिय ही राजवंश के होते थे, इसलिए ‘राजपूत’ शब्द सामान्यतः क्षत्रियों के लिए प्रयुक्त होने लगा। जब मुसलमानों ने भारत में प्रवेश किया तब उन्हें राजपुत्र शब्द का उच्चारण …

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पुलकेशिन द्वितीय द्वारा साम्राज्य विस्तार

कीर्तिवर्मन का पुत्र पुलकेशिन द्वितीय था जिसने अपने चाचा से विद्रोह करके सिंहासन प्राप्त किया। पुलकेशिन ने जिस समय विद्रोह किया था, उस समय इस गृहयुद्ध का संपूर्ण लाभ अधीनस्थ सामंतों तथा आंतरिक शत्रुओ ने उठाया इसलिए सत्ता में आते ही पुलकेशिन को धैर्य, साहस, दढृता तथा सफलता के साथ परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। एहाले अभिलेख …

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यशोवर्मन की सैनिक उपलब्धियां

कन्नौज में 75 वर्षों के पश्चात हर्ष के पुत्र यशोवर्मन का शासन रहा। वह एक शक्तिशाली तथा महत्वाकांक्षी शासक था। उसके प्रारंभिक जीवन वृत्त के विषय में हमें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती है। उसके नाम को लेकर विद्वानों में मतभेद है; उसके नाम के साथ ‘वर्मन’ शब्द जुड़ा है, जिससे विद्वान आशंका व्यक्त करते हैं …

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भारत में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम कौन कौन से हैं उनके नाम

देश के लिए एक स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए एक अलग मंत्रालय अर्थात् पर्यावरण विभाग 1980 में स्थापित किया गया था।  भारत में पर्यावरण संरक्षण के लिए मुख्य अधिनियम भारत में पर्यावरण संरक्षण के लिए मुख्य अधिनियम इस प्रकार हैं-  वन संरक्षण अधिनियम, 1980।  वायु और जल प्रदूषण की रोकथाम, 1974, 1981, (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण …

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