कन्यादान योजना क्या है योजना का मुख्य उद्देश्य

सामाजिक महत्व की महत्वाकांक्षी “कन्यादान योजना” प्रदेश में राज्य नगरीय विकास अभिकरण द्वारा वर्ष 2003 में प्रारम्भ की गई । इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के आर्थिक रूप से विपन्न परिवारों की वयस्क कन्याओं के विवाह हेतु सूडा द्वारा प्रतीकात्मक रूप से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है  इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश की शहरी मलिन …

Read more

माध्यम भाषा किसे कहते हैं

माध्यम भाषा उसे कहते हैं, जो ‘माध्यम’ में प्रयुक्त होती है । जिस भाषा के द्वारा शिक्षण-प्रशिक्षण औ पठन-पाठन की व्यवस्था की जाती है, उसे ‘माध्यम भाषा’ कहते हैं । माध्यम भाषा का यह सामान्य अर्थ है माध्यम भाषा को अंग्रेजी में ‘Medium Language’ कहते हैं । भारत में उच्च स्तर पर ज्ञान-विज्ञान, तकनीकी मॅनेजमेंट आदि …

Read more

सृजनात्मक भाषा किसे कहते हैं?

दैनिक जीवन व्यवहार में बोलचाल की भाषा का प्रयोग होता है । जब बोलचाल की भाषा में कल्पना, नूतनता एवं मुहावरे आदि का प्रयोग होता है, तो सर्जनात्मक भाषा का रूप विकसित होता है । कुछ विद्वानों का मत है कि, भाषा में होने वाले नए प्रयोग या परिवर्तन को सर्जनात्मक कहा (Creative language) जाता है …

Read more

राष्ट्रपति की शक्तियां एवं कार्य

राष्ट्रपति सरकार का औपचारिक प्रधान है। उसे औपचारिक रूप से बहुत-सी कार्यकारी, विधायी, कानूनी और आपात शक्तियाँ प्राप्त हैं। संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति वास्तव में इन शक्तियों का प्रयोग मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही करता है। प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को लोकसभा में बहुमत प्राप्त होता है और वे ही वास्तविक कार्यकारी हैं। अधिकतर मामलों में राष्ट्रपति …

Read more

लोकसभा स्पीकर के कार्य और शक्तियाँ

लोकसभा स्पीकर बहुत शक्तिशाली व्यक्ति होता है। वह सदन के अन्दर सर्वोच्च सत्ताधारी होता है। देश के सर्वोच्च व्यक्तियों में उसका 7वां स्थान है और उसको भारत के मुख्य न्यायाधीश के समान स्तर प्राप्त होता है। स्पीकर लोक सभा की सर्वोच्चता का प्रतिनिधित्व करता है, उसका पद बहुत गौरव वाला होता है जिसका सभी सदस्यों के …

Read more

सर्वोच्च न्यायालय का गठन, न्यायाधीशों की नियुक्ति, योग्यता, महाभियोग

भारतीय संविधान की धारा 124 के अन्तर्गत सर्वोच्च न्यायालय की व्यवस्था की गई है। (“There shall be a Supreme Court of India.”) सर्वोच्च न्यायालय में प्रारंभ में एक मुख्य न्यायाधीश और 7 अन्य न्यायाधीश होते थे। 1957 में संसद में एक कानून पास हुआ, जिसके अनुसार मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर बाकी न्यायाधीशों की संख्या 7 से …

Read more

मंत्रिपरिषद का गठन और कार्य एवं शक्तियां

संविधान के अनुच्छेद 74(9) में मंत्रिपरिषद की व्यवस्था है। 44वें संविधान संशोधन के बाद इस अनुच्छेद का स्वरूप इस प्रकार है- राष्ट्रपति को अपने कार्यों का संपादन करने में सहायता और मंत्रणा देने के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी जिसका प्रधान, प्रधानमंत्री होगा। राष्ट्रपति अपने कार्यों के निर्वहन में उसकी मंत्रणा के अनुसार चलेंगे। राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद है …

Read more

महर्षि वाल्मीकि का जीवन परिचय

रामायण के रचनाकार महर्षि वाल्मीकि ने स्वयं अपने को प्रचेता का दशम पुत्र बतलाया है। महर्षि के विषय में अन्य प्रामाणिक जानकारी के सूत्र का अभाव होते हुए भी यत्र-तत्र प्राप्त सामग्री के आधार पर उनके जीवन का एक संक्षिप्त चित्र प्रस्तुत किया जा सकता है।  महर्षि वाल्मीकि का जीवन परिचय महर्षि वाल्मीकि का जन्म एक …

Read more

महाभारत का प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय संस्करण

वेदों का विभाग करने के कारण ही इसका नाम व्यास पड़ा है। ये महाभारत के पात्रों के समकालीन एवं उनके निकट के संबन्धी भी थे। वेद का व्यास या विस्तार करने के कारण इनका नाम व्यास पड़ा। महाभारत के रचयिता भारतीय परम्परा के अनुसार महर्षि वेदव्यास ही महाभारत के रचयिता हैं और इसके प्रमाण ग्रन्थ में उपलब्ध …

Read more

उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार व शक्तियाँ

संविधान की धारा 214 के अन्तर्गत राज्य स्तर पर प्रत्येक राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय (High Court) की व्यवस्था की गई है। (“There shall be a High Court of each state.”) इसके साथ ही अनुच्छेद 231 में यह भी कहा गया है कि संसद दो या दो से अधिक राज्यों और केन्द्र प्रशासित क्षेत्रों के …

Read more