संस्कृति किसे कहते हैं ?

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और समाज निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण होता है, जो कि संस्कृति युक्त धर्म के पालन से ही सम्भव हो सकता है। प्रत्येक समाज की अपनी विशेष संस्कृति होती है। संस्कृति वस्तुतः मानवता की मेरुदण्ड है। सामान्यतः सुसंस्कारों की योजना को संस्कृति मान लिया जाता …

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अंधविश्वास का अर्थ एवं परिभाषा

 ‘अन्धविश्वास’ शब्द दो शब्दों के मेल से बना है- ‘अन्ध’ और ‘विश्वास’ । ‘अन्ध’ से अभिप्राय अन्धकार या अँधेरे से है तथा ‘विश्वास’ का अर्थ आस्था से है । अर्थात् किसी वस्तु का प्रमाणिक आधार न होने के बाद भी उस पर विश्वास कर लेना ही अन्धविश्वास कहलाता है ।  अन्धविश्वास प्रायः समाज में प्रचलित रूढ़ियों, …

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समाज : अर्थ, परिभाषा एवं स्वरूप

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । साधारणतः मानव समूह से समाज बनता है। मनुष्य समाज में रहकर ही जीवन के विविध आयामों को प्राप्त करता है । जीवन को सुव्यवस्थित और सुनियोजित रूप देने की इच्छा, परस्पर सम्बन्ध आपसी सहयोग, व्यवहार आदि से समाज का निर्माण हो सका है। व्यक्ति की सुरक्षा के लिए भी समाज-व्यवस्था …

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शिल्प का अर्थ, परिभाषा, स्वरूप एवं विशेषताएं

शिल्प वह माध्यम है, जिसके द्वारा रचनाकार अपने मनोभावों की अभिव्यक्ति करता है। मन में उठने वाले अमूर्त भावों को मूर्त अथवा साकार रूप प्रदान करने के लिए रचनाकार जिन प्रविधियों भाषा, शैली, बिम्ब आदि का प्रयोग करता है, वास्तव में वहीं प्रविधियां शिल्प कहलाती हैं। लेखक की शिल्प-विधि विशेष के द्वारा ही कोई साहित्यिक कृति …

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संवेदना : अर्थ, परिभाषा, प्रकार विशेषताएं, एवं स्वरूप

संवेदना ज्ञान का सरल और सहज रूप है, सामान्यतः मनोवैज्ञानिक ऐसा मानते हैं। उद्वेग का सम्बन्ध जैसे शरीर के रूप भेद से है, ठीक वैसे ही संवेदना का सम्बन्ध भी शरीर के रूप भेद से है। मानसिक जगत् का सम्पर्क जहाँ बाह्य जगत् से होता है, वहीं संवेदना होती है। एक प्रकार से संवेदना हमारे लिए …

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सामुदायिक कार्यक्रम का अर्थ

कार्यक्रम का अर्थ सरल है। उसका वही अर्थ है जो योजना का है, इस तरह भी कहा जा सकता है कि कार्यक्रम और योजना एक ही शब्द के दो पर्याय हैं। इसके विपरीत समुदाय शब्द के अनेक अर्थ हैं । किन्तु यहाॅ समुदाय का अर्थ ‘एक ही स्थान में रहने वाले तथा समान अधिकारों आदि का …

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पंचायती राज का इतिहास

प्राचीन भारत के आदिम समाज से ही पंचायतें शासन की रीढ रही हैं, जो काल के प्रभाव से प्रभावित हुए बिना ही अब तक की अपनी विकास यात्रा निर्वाध रूप से पूरी करते हुए अपने वर्तमान स्वरूप तक आयीं । यद्यपि प्राचीन भारत का प्रशासनिक इतिहास निर्विवाद रूप से राजतंत्रात्मक रहा है किन्तु गणतन्त्र की झांकी …

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पाकिस्तान का सामान्य परिचय

पाकिस्तान (Pakistan) भारत का ही एक अंग था। इसकी राजधानी इस्लामाबाद है । क्षेत्रफल की दृष्टि से पाकिस्तान का विस्तार 8.87,811 वर्ग किमी0 में है, जहाँ लगभग 12,93,00,900 व्यक्तियों की जनसंख्या निवास करती है। यहाँ की मुद्रा “रूपया” है । इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, पेशावर, हैदराबाद, मुल्तान, साहीवाल तथा फैसलावाद आदि पाकिस्तान के प्रमुख नगर हैं। नदियों …

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नेपाल का सामान्य परिचय

विश्व का एकमात्र हिन्दू राष्ट्र नेपाल की राजधानी काठमांडू है, इस राष्ट्र का क्षेत्रफल 1,47,181 वर्ग किमी0 है, जहाँ 2,35,01,000 जनसंख्या निवास करती है, यहाँ नेपाली भाषा बोली जाती है। यहाँ बहने वाली प्रमुख नदियाँ कर्नाली, गंडक, कोसी आदि (मंची, सागरमाथा, जनकपुर ) हैं । यहाँ पर लकड़ी काटना, डेरी, पशुपालन, घी, मक्खन, पनीर, ऊन, चमड़ा, …

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नाड़ी शोधन प्राणायाम की विधि और लाभ

इस प्राणायाम को नाड़ी शोधन प्राणायाम के नाम से इसलिये जाना जाता है, क्योंकि इसके निरंतर अभ्यास से हमारे शरीर की सभी नाड़ियों का शुद्धिकरण भलि प्रकार से हो जाता है। यानि हमारे शरीर के अंदर जो 72.864 नाड़ियाँ है वे सभी नाड़ी शोधन के अभ्यास से शुद्ध हो जाती है इसलिये इसे नाड़ी शोधन प्राणायाम …

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