दान क्या है और उसके प्रकार?
शब्द शास्त्र की दृष्टि से ‘दान’ शब्द का अर्थ किसी वस्तु से अपना सत्व (अर्थात् अधिकार) निवृत्ति करके दूसरे का अधिकार स्थापित कर देना है। दान देना धर्म का एक श्रेष्ठ अंग कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, दान से बढ़कर कोई धर्म नही है- ‘दानधर्मात् परोधर्मो भूतानां नेह विद्यते’ । जब कोई व्यक्ति अपनी न्यायोपार्जित …