प्रतिनिधित्व का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं सिद्धान्त

कोई भी समूह या गुट आज आवश्यक निर्णय लेने तथा आवश्य बातचीत के लिए अपने बड़े आकार के कारण प्रत्येक अवसर पर अपने सभी सदस्यों को एकत्रित नहीं कर सकते। इसके लिए वे अपने कुछ प्रतिनिधि सदस्यों का चुनाव कर लेते हैं, जो भविष्य में प्रत्येक निर्णय में भागीदार बनते हैं और समूह या गुट का …

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राजनीतिक अभिजन का अर्थ, प्रकृति, प्रकार एवं सिद्धान्त

राजनीतिक अभिजन की अवधारणा राजनीति विज्ञान की आधुनिक व प्रमुख धारणा है, यद्यपि इस धारणा के बीज प्लेटो व अरस्तु के समय में भी मौजूद थे। यह धारणा इस मान्यता पर आधारित है कि शासन करने के गुण थोड़े से व्यक्तियों में ही होते हैं। इसी कारण इसे सामाजिक डार्विनवाद का रूप माना जाता है। अभिजन …

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प्रतिनिधि नौकरशाही का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं महत्व

साधारण तौर पर प्रतिनिधि नौकरशाही एक ऐसी नौकरशाही है जिसमें समाज में विद्यमान प्रत्येक जाति, वर्ग, समुदाय एवं धर्म के लोगों का उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व पाया जाता है।  एस. एन. झा के अनुसार – प्रतिनिधि नौकरशाही का सिद्धान्त इस बात पर जोर डालता है कि नौकरशाही की सामाजिक आर्थिक बनावट समाज के समस्त …

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भारत की सीमाओं का विस्तृत वर्णन

भारत एक महान, सुसम्पन्न एवं सुसंस्कृत देश है। महामानव ‘भरत’ के नाम पर ही इस महादेश का नामकरण ‘भारत’ हुआ। सिन्धु नदी के तटीय निवासियों को हिन्दू एवं इस भू-भाग को हिन्दुस्तान की संज्ञा ईरानियों की देन है। बाद में रोमवासियों ने सिन्धु नदी को इण्डस तथा देश को इण्डिया कहा।  इसका क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर …

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भूटान का संक्षिप्त परिचय

भूटान आर्थिक दृष्टि से बहुत कमजोर राष्ट्र है। इसकी राजधानी थिम्फू है तथा प्रमुख शहर दा—गा-ना–जोंग, पारो, हियांग व देवठांग आदि हैं। इसका – क्षेत्रफल 47000 वर्ग किमी० है जिसमें 1840000 जनसंख्या निवास करती है, जो प्रमुखतः बौद्ध व हिन्दू धर्म को मानते हैं । यहाँ की मुद्रा न्गुलट्रम है। यहाँ की प्रमुख नदियाँ – आमो …

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श्रीलंका का संक्षिप्त परिचय

श्रीलंका की राजधानी कोलम्बो है। यहाँ सिंहली व तमिल भाषा बोली जाती है | श्रीलंका का क्षेत्रफल 65,610 वर्ग किमी0 है, यहाँ 1,85,95,000 की जनसंख्या निवास करती है। यहाँ के प्रमुख शहर – कोलम्बो, अनुराधपुर, कैन्डी, ट्रिंकोमली, कथिरावेली, कुरूनेगला, जाफना और गाले हैं तथा यहाँ पर वर्ष भर बहने वाली प्रमुख नदियाँ – पदमा, गंगा, मेघना …

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बुन्देलखण्ड का संक्षिप्त परिचय

बुन्देलखण्ड भारत के उत्तरी भाग में अवस्थित वह भूखण्ड है जिसके उत्तर भारत में यमुना नदी उत्तर पश्चिम में चम्बल दक्षिण में नर्मदा नदी तथा सागर जबलपुर के डिवीजन और दक्षिण पूर्व मे रीवा या बुन्देलखण्ड तथा मिर्जापुर की पहाडिया है। इसके पश्चात् भारत की स्वतत्रता-प्राप्ति के पूर्व बुन्देलखण्ड के उत्तरी भाग मे हमीरपुर जालौन झॉसी …

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साक्षरता का अर्थ एवं परिभाषा

साक्षरता वह वैयक्तिक गुण है जो व्यक्ति के पढ़ने और लिखने की योग्यता को प्रकट करती है। पढ़ने और लिखने की कला के विकास से पूर्व समाज को साक्षरता पूर्व सांस्कृतिक अवस्था में विभाजित किया जा सकता है। साक्षरता पूर्व अवस्था से साक्षरता अवस्था में परिवर्तन 400 ई० पूर्व प्रारम्भ हुआ जो चित्रकारी विद्या से प्रारम्भ …

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हिन्दुओं के प्रमुख देवी देवता कौन-कौन से हैं?

हिन्दुओं के प्रमुख देवी देवता 1. पौराणिक देवताः— (क) ब्रह्मा :- वेदों में ब्रह्मा को प्रजापति के नाम से अभिहित किया गया है। ऋग्वेद के एक सूत्र में प्रजापति की प्रख्याति आकाश, पृथ्वी, जल और समस्त जीवित प्राणियों के रूप में की गयी है। शपथपथ ब्राह्मण के अनुसार, सृष्टि के आरम्भ में बह्मा का ही अस्तित्व था। …

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स्वर्ग-नरक क्या है नरक के प्रकार ?

प्राचीन काल से ही स्वर्ग-नरक की कल्पना जनसामान्य में व्याप्त थी। अथर्ववेद में स्वर्ग-नरक का वर्णन मिलता है। स्वर्ग की कल्पना प्रकाशमय स्थान से की जाती है, जहाँ दूध, घी, दही आदि के साथ अप्सराएँ होती है। स्वर्ग में मनुष्य सभी मर्नावांछित इच्छा की पूर्ति करता है, जबकि नरक की कल्पना अधिकारयुक्त स्थान से की गई …

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