व्यवस्थापिका का अर्थ, परिभाषा, कार्य व भूमिका

किसी देश या राज्य के शासन को सुचारु रूप से चलाने के लिए सरकार की आवश्यकता पड़ती है। सरकार ही वह यन्त्र होता है जो राज्य के उद्देश्यों या लक्ष्यों को अमली जामा पहनाता है। अपने उत्तरदायित्वों का वहन करने के लिए सरकार शासन कार्यों को अपने तीन अंगों में बाँटकर उन्हें पूरा करने का प्रबन्ध …

Read more

न्यायपालिका की परिभाषा, कार्य

न्यायपालिका सरकार का वह अंग है जिसका प्रमुख कार्य संविधान की व्याख्या करना तथा कानूनों को भंग करने वालों को दण्ड देना है। इस तरह कानूनों की व्याख्या करने व उनका उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को दण्डित करने की संस्थागत व्यवस्था को न्यायपालिका कहा जाता है।  न्यायपालिका सरकार का ऐसा अंग है जो सरकार की निरंकुशता …

Read more

कार्यपालिका का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं कार्य

साधारण अर्थ में कानूनों का क्रियान्वयन करने वाली संस्था कार्यपालिका कहलाती है। आज इसका अर्थ सीमित और व्यापक दोनों अर्थों में किया जाता है। आधुनिक राज्यों के कल्याणकारी स्वरूप ने कार्यपालिका के साथ नौकरशाही को भी मिला दिया है। सीमित अर्थ में तो राज्य के प्रधान तथा उसके मन्त्रीमण्डल को ही कार्यपालिका कहा जाता है। व्यापक …

Read more

राजनीतिक संस्कृति का अर्थ, परिभाषा, प्रकार , प्रकृति व विशेषताएं

राजनीतिक संस्कृति की अवधारणा राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में बिल्कुल नई संकल्पना है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद राजनीतिक विश्लेषकों ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि समान राजनीतिक संरचनात्मक ढांचे वाली राजनीतिक व्यवस्था में अन्तर क्यों आ जाता है तथा राजनीतिक विकास की दिशाएं भी अलग-अलग क्यों हो जाती है। इसके लिए राजनीतिक विश्लेषकों …

Read more

राजनीतिक समाजीकरण का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएं

विश्व की राजनीतिक व्यवस्थाओं का अवलोकन करने से जो महत्वपूर्ण बात हमारे सामने आती है, वह राजनीतिक व्यवहार की विभिन्नता है। इसका प्रमुख कारण राजनीतिक संस्कृतियों में पाए जाने वाले अन्तर को माना जाता है। राजनीतिक संस्कृति की विभिन्नता के कारण ही भारत और ब्रिटेन में संसदीय व्यवस्थाओं का कार्य-व्यवहार आपस में काफी प्रतिकूल है। राजनीतिक …

Read more

राजनीतिक संचार का अर्थ, परिभाषा, अभिकरण व संरचनाएं

संचार साधनों के विकास ने मनुष्य को न केवल सामाजिक बल्कि राजनीतिक मानव भी बना दिया है। संचार साधनों की आवश्यकता को ध्यान में रखकर ही राजनीति विज्ञान में राजनीतिक संचार की संकल्पना का विकास किया गया है। आज राजनीतिक संचार राजनीति विज्ञान की वह महत्वपूर्ण अवधारणा बन चुका है जिसके बिना किसी राजनीतिक व्यवस्था के …

Read more

राजनीतिक दल का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं

दलीय व्यवस्था लोकतन्त्र की आत्मा है। आज विश्व के सभी लोकतन्त्रीय शासन व्यवस्थाओं वाले देशों में राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुनरो ने तो स्वतन्त्र राजनीतिक दलों के शासन को ही लोकतन्त्रीय शासन कहा है। आज लोकतन्त्र और राजनीतिक दल एक दूसरे के पूरक हैं। लोकतन्त्र में जनता का ही शासन होता है और राजनीतिक …

Read more

प्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली व अप्रत्यक्ष चुनाव के गुण/दोष

आधुनिक समय में चुनावों का बहुत महत्व है। चुनाव से जनता के हाथ में वे अस्त्र हैं, जिनके द्वारा वे अपनी इच्छा को व्यक्त करते हैं और अपने जनाधार द्वारा राजनीतिकदलों को सरकार बनाने के योग्य बनाते हैं। चुनाव ही राजनीतिक शक्ति की वैधता की परीक्षा करते हैं और सत्ता को औचित्यपूर्ण बनाते हैं। प्रत्येक देश …

Read more

कानून के शासन का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं विचार

कानून का शासन कानून की अवधारणा पर आधारित है। कानून सम्प्रभु का आदेश होता है जो सभी को मान्य होता है, क्येांकि वह सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित होता है। इसी कारण सभी लोग कानून की आज्ञा का पालन करते हैं। जिस राजनीतिक समाज में कानून को उचित महत्व दिया जाता है। वहीं पर कानून …

Read more

जनसंचार के माध्यम क्या है?

शब्दार्थ की दृष्टि से इस शब्द का अर्थ हे, ‘‘बड़ी संख्या में लोगों के साथ संप्रेषण का मुख्य साधन या माध्यम, विशेष रूप से टेलीविजन, रेडियो और समाचार-पत्रों।’’ जनसंचार माध्यम का तात्पर्य यह हे कि जिनके द्वारा हम एक बड़े श्रोता या दर्शक समूह तक चाहे वे पास हों या दूर हों अपने भावों, विचारों को …

Read more