अंकेक्षण का अर्थ, आवश्यकता, उद्देश्य, क्षेत्र एवं लाभ

जिस प्रकार शरीर की व्यवस्थता की जाँच डॉक्टर से कराना आवश्यक है, उसी प्रकार लेख-पुस्तकों की जाँच अंकेक्षण से कराना आवश्यक है। डॉक्टर शरीर जाँच के बाद यह प्रमाणित करता है कि शरीर में दोष है या नहीं; यदि है तो किस प्रकार का है, ऐसा रिपोर्ट में लिख देता है। उसी प्रकार लेखा पुस्तकों का …

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उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत उपभोक्ता के अधिकार

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 एक महत्वपूर्ण अधिनियम के रूप में पेश किया गया। इस अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ता को संरक्षण प्रदान किया गया है। यह अधिनियम दिसम्बर 1986 में संसद द्वारा पास किया गया और 15 अप्रैल, 1987, को इसे लागू कर दिया गया। दिसम्बर 1993 में इस अधिनियम में कुछ संशोधन किए गए। यह अधिनियम …

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आभास लगान का अर्थ

आभास लगान की धारणा का प्रयोग डॉ. मार्शल ने भूमि के अतिरिक्त मनुष्य द्वारा बनाए गए उन साधनों से प्राप्त अतिरिक्त आय के लिये किया है जिनकी पूर्ति अल्पकाल में स्थिर रहती है। मार्शल के अनुसार वर्तमान पुस्तक में आभास लगान शाब्द का प्रयोग उस आय के लिए किया जाएगा जो कि उत्पादन के लिए मनुष्य …

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लगान का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं सिद्धान्त

लगान शब्द का प्रयोग उत्पादन के उन साधनों को दिए जाने वाले भुगतान के लिए किया जाता है जिनकी पूर्ति अपूर्ण लोचदार होती है। इस सम्बन्ध में प्रमुख उदाहरण भूमि का दिया जाता है। जबकि साधारण बोलचाल की भाषा में लगान या किराया शब्द का प्रयोग उस भुगतान के लिए किया जाता है जो किसी वस्तु …

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कीमत विभेद का अर्थ, परिभाषा एवं प्रकार

जब एकाधिकारी अपनी वस्तु के लिये भिन्न-भिन्न क्रेताओं से भिन्न-भिन्न कीमतें लेता है। तो उसे कीमत विभेद या विभेदात्मक एकाधिकार कहते हैं जैसे हरियाणा बिजली बोर्ड, घरेलू उपयोग के लिए बिजली की दर अधिक वसूल करता है तथा उद्योगों के लिए बिजली की प्रति ईकाई कम दर पर वसूल करता है। अर्थात कीमत विभेद वह स्थिती …

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वस्तु विभेद का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएं

वस्तु विभेद का अर्थ है कि वस्तुएँ एक-दूसरे के निकट स्थानापन्न (Close Substitute) तो होती हैं परन्तु वे समरूप (Homogeneous) नहीं होतीं और उनमें रंग, नाम, पैकिंग, क्वालिटी आदि का अन्तर पाया जाता है। बाजार में आपको फोरहन्स, बिनाका, कॉलगेट, सिगनल आदि कई प्रकार के टूथपेस्ट, लिमका, कैम्पा कोला, पेप्सी कोला, कोका कोला, थम्स अप आदि …

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वर्षण के रूप, प्रकार एवं वितरण

जब जल तरल (जल बिन्दुओं) या ठोस (हिमकणों) रूप में धरातल पर गिरता है तो उसे वर्षण कहते हैं। वायु में संघनन की सतत प्रक्रिया के परिणामस्वरूप जल बिन्दुओं या हिम कणों का भार अधिक व आकार बड़ा हो जाता है तथा वे वायु में तैरते हुये रूक नहीं पाते तो पृथ्वी के धरातल पर गुरुत्वाकर्षण …

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वायुदाब किसे कहते हैं वायुमंडलीय दाब का वितरण?

वायुमंडल पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के कारण उसके चारों ओर लिपटा रहता है। वायु का एक स्तम्भ जो धरातल पर अपना भार डालता है उसे वायुदाब या वायुमंडलीय दाब कहते हैं। वायुमंडलीय दाब को वायुदाब मापी यंत्रा (बेरोमीटर) से मापा जाता है। आजकल वायुमंडलीय दाब को मापने के लिये सामान्यतया फोंटिंग एवं अनीरोइड बेरोमीटर का प्रयोग किया …

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पर्वत कितने प्रकार के होते है?

पर्वतों द्वारा पृथ्वी की सम्पूर्ण सतह का 27 प्रतिशत भाग घिरा हुआ है। पर्वत पृथ्वी की सतह के ऊपर उठे हुये वे भाग हैं, जो आसपास की भूमि से बहुत ऊँचे हैं। परन्तु धरातल के सभी ऊपर उठे हुये भाग पर्वत नहीं कहलाते। किसी भी स्थलरूप को पहचानने के लिये ऊँचाई और ढाल दोनों को सम्मिलित …

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भू संतुलन : एयरी और प्रैट के विचार

आइसोस्टेसी (भूसंतुलन) शब्द ग्रीक भाषा के ‘आइसोस्टेसियॉज’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है संतुलन की स्थिति। आप जानते हैं और आपने ऐसा देखा भी होगा कि पर्वतों के बहुत से शिखर होते हैं और उनकी ऊँचाई भी अधिक होती है। इसी तरह से पठार का ऊपरी भाग सपाट होता है और मैदान समतल होते हैं। …

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