उद्योग किसे कहते है?

व्यावसायिक क्रिया के उत्पादन पक्ष को उद्योग कहते हैं। यह ऐसी व्यावसायिक क्रिया है जो उत्पादों के बढ़ाने, उत्पादन, प्रक्रियण अथवा निर्माण से संबंधित है। ये उत्पाद, उपभोक्ता वस्तुएँ या उत्पादक माल हो सकते हैं। उपभोक्ता वस्तुएँ वे हैं जिनका उपयोग अंतत: उपभोक्ता द्वारा किया जाता है जैसे- अनाज, कपड़ा, सौन्दर्यसवर्धक आदि। उत्पादक माल वे वस्तुएँ …

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संघात्मक सरकार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, गुण एवं दोष

संघात्मक शासन प्रणाली ऐसी प्रणाली होती है जिसमें शक्तियों का विभाजन केन्द्र व इकाइयों के मध्य संविधान या कानूनी सीमाओं के अन्तर्गत किया जाता है। अपने अपने क्षेत्रों में स्वतन्त्र होते हुए भी केन्द्र व इकाइयां देश के संविधान के प्रति उत्तरदायी होते हैं। एक दूसरे के अधीन न होकर भी केन्द्रीय व प्रादेशिक सरकारें एक …

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एकात्मक सरकार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, गुण एवं दोष

एकात्मक सरकार के अन्तर्गत शासन की सारी शक्तियां केन्द्रीय सरकार के पास ही केन्द्रित रहती हैं। सारे देश में एक कार्यपालिका, एक विधायिका व एक न्यायपालिका ही होती है। यद्यपि उनको केन्द्रीय सरकार द्वारा कोई महत्वपूर्ण शक्ति नहीं दी जाती। यदि कोई शक्ति दे भी जाती है तो वे केन्द्रीय सरकार के नियन्त्रण में ही कार्य …

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संविधानवाद का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं एवं तत्व विकास

संविधानवाद का इतिहास भी उतना ही पुराना है, जितना राजनीतिक संस्थाओं का इतिहास। राजनीतिक संस्थाओं और राजनीतिक शक्ति के प्रादुर्भाव ने मानव को इनकी निरंकुशता के बारे में सोचने को बाध्य किया है। शक्ति मनुष्य को भ्रष्ट करती है और जब इसका सम्बन्ध राजनीतिक संस्थाओं या राजनीति से जुड़ जाता है तो इसके पथभ्रष्ट व दुरुपयोग …

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तुलनात्मक राजनीति का विकास

तुलनात्मक राजनीति केवल आधुनिक युग की देन नहीं है, बल्कि इसका गौरवपूर्ण अतीत है। तुलनात्मक राजनीति के विकास की गाथा अरस्तु से प्रारम्भ होती है। अरस्तु ने ही सर्वप्रथम 158 देशों के संविधानों का तुलनात्मक अध्ययन करके राज्य सम्बन्धी सिद्धान्तों की नींव रखी। अरस्तु के बाद अनेक विचारक सदैव यही बात सोचते रहे हैं कि कौन …

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प्रार्थना के प्रकार एवं रूप

प्रार्थना के प्रकार समूह प्रार्थना प्रार्थना के अन्य भेदों में सकाम तथा निष्काम प्रार्थना है। इन दोनों में कौन सी अधिक महत्त्वपूर्ण है यह निर्णय करने से पूर्व हमें इनका विभिन्न स्वरूप समझना चाहिए। पाश्चात्य देशों में सर्वत्र सकाम प्रार्थना का प्रचार है। इसके विपरीत प्राचीन आर्यों में निष्काम प्रार्थना का ही अधिक महत्व था। सकाम …

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हीगल का जीवन परिचय, सिद्धान्त एवं राजनीतिक विचार

जर्मनी के प्रसिद्ध आदर्शवादी दार्शनिक हीगल का जन्म 1770 ई0 में स्टटगार्ट नामक नगर में हुआ। हीगल के पिता वुर्टमवर्ग राज्य में एक सरकारी कर्मचारी थे। वे हीगल को धार्मिक शिक्षा दिलाना चाहते थे। 18 वर्ष की आयु तक हीगल ने स्टटगार्ट के ‘ग्रामर स्कूल’ में शिक्षा ग्रहण की। 1788 ई0 में उसने ट्यूबिनजन के विश्वविद्यालय …

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प्लेटो के दार्शनिक राजा की अवधारणा

प्लेटो ने तत्कालीन एथेन्स की राजनीतिक दुर्दशा देखकर एक शक्तिशाली शासन की आवश्यकता महसूस की ताकि स्वार्थी तत्त्वों से आसानी से निपटा जा सके। उसने महसूस किया कि राजा इतना शक्तिशाली होना चाहिए कि वह आसानी से एथेन्स को राजनीतिक भ्रष्टाचार, व्यक्तिवाद व अस्थिरता के गर्त से निकाल सके और राज्य में शान्ति व्यवस्था कायम कर …

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प्रबंधन सूचना प्रणाली का अर्थ, परिभाषा एवं विशेषताएँ

प्रबंधन प्रणाली एक ऐसी प्रणाली है जिसमें विभिन्न प्रबंधन कार्यों से सम्बन्धित परिभाषित समंको व सूचनाओं को एकित्रत, प्रविधियत एवं संचारित किया जाता है यह प्रबंधन को सही समय पर तथा सही रूप में आवश्यक सूचनाएँ तैयार करने एवं प्रस्तुत करने की एक समन्वित व्यवस्था है। इस पद्धति के द्वारा निर्णय लेने, उनको क्रियान्वित करने तथा …

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प्रशिक्षण का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएं

प्रशिक्षण कर्मचारी के ज्ञान निपुणताओं, व्यवहार, अभिरूचियों तथा मनोवृत्तियों में सुधार करता है, परिवर्तन उत्पन्न करता है तथा ढालता है। इस प्रकार प्रशिक्षण एक सीखने का अनुभव है। प्रशिक्षण, कार्यों को सही एवं प्रभावपूर्ण ढंग से सम्पन्न करने के लिए कर्मचारियों को जानकारी प्रदान करने की प्रक्रिया है, जिससे कि उनकी कार्य के प्रति समझ, कार्यक्षमता …

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