अनुशासन क्या है ? अनुशासन को स्थापित करने के सिद्धांत

अनुशासन शब्द अंग्रेजी के शब्द Discipline का हिन्दी रूपान्तरण है। इस शब्द की व्युत्पत्ति Discipline शब्द से मानी जाती है। इसका अर्थ है शिष्य, छात्र या शिक्षक का अनुगामी। इस प्रकार शिक्षक का अनुमान करना अर्थात् आज्ञा का पालन करना ही अनुशासन है।  अनुशासन का अर्थ  सामान्य शब्दों में अनुशासन का अर्थ आज्ञा को मानना अथवा …

Read more

प्रयोजनवाद (Pragmatism)-अर्थ, परिभाषा, सिद्धान्त, उद्देश्य

प्रयोजनवाद के लिये अंग्रेजी का शब्द ‘‘Pragmatism’’ है। इस शब्द की उत्पत्ति यूनानी शब्द प्रैग्मा से हुयी जिसका अर्थ है किया गया कार्य, व्यवसाय, प्रभावपूर्ण कार्य।  कुछ विद्वानों ने इस शब्द की उत्पत्ति दूसरे यूनानी शब्द ‘‘प्रेग्मिटिकोस’’ से बताया है, जिसका अर्थ है प्रौक्टिकेबल अर्थात् व्यावहारिक इसके अनुसार प्रैग्मैटिज्म का अर्थ है व्यवहारिकता। इस दृष्टि से …

Read more

साहित्यिक चोरी क्या है | What is plagiarism in hindi?

कॉपीराइट उल्लंघन में कई प्रकार की प्लेगरिज्म Plagiarism पायी जाती है, जो कि कॉपीराइट कानून द्वारा परिभाषित की जाती है परन्तु दण्डनीय नहीं हैं। प्लेगरिज्म Plagiarism परिभाषित नहीं है।  व्यक्ति जो प्लेगरिज्म Plagiarism या साहित्यिक चोरी करता है उसे कानून द्वारा दण्डित नहीं किया जाता है, वह उस संस्थान द्वारा दण्डित किया जाता है जहाँ वह …

Read more

Internet का अर्थ – कैसे काम करता है, इतिहास, प्रकार और परिभाषा

‘इंटरनेट‘ का अर्थ है आपस में जुड़े हुए कम्प्यूटरों का जाल । इंटरनेट की शुरूआत सन् 1960 में अमेरिका के Department of Defence को Advanced Research Project Agency (ARPA) ने किया । सन् 1969 में कम्प्यूटरों का जाल बनाने के लिए चार Host Computers को आपस में जोड़ा गया । आज सूचना संचार तकनीकी के युग …

Read more

प्लेटो का न्याय सिद्धांत

प्लेटो का न्याय सिद्धांत उसके दर्शन की आधारशिला है। ‘रिपब्लिक’ में वर्णित आदर्श राज्य का मुख्य उद्देश्य न्याय की प्राप्ति है। ‘रिपब्लिक’ में प्लेटो न्याय के स्वरूप तथा निवास स्थान (Nature and Habitation) की विस्तृत चर्चा करता है। ‘रिपब्लिक’ का प्रारम्भ और अन्त न्याय की चर्चा से होता है। प्लेटो ने न्याय को कितना महत्त्व दिया …

Read more

प्लेटो का शिक्षा का सिद्धांत

प्लेटो अपने आदर्श राज्य में न्याय की प्राप्ति के लिए जिन दो तरीकों को पेश करता है, उनमें से शिक्षा एक सकारात्मक तरीका है। समाज में शिक्षा की बहुत आवश्यकता होती है। शिक्षा द्वारा ही समाज में भ्रातृभाव और एकता की भावना पैदा होती है। शिक्षा के महत्त्व को स्वीकारते हुए प्लेटो कहता है- “राज्य वृक्षों …

Read more

प्लेटो के साम्यवाद का सिद्धांत

प्लेटो ने अपने आदर्श में न्याय की प्राप्ति के लिए जो दो तरीके अपनाए हैं, उनमें से साम्यवाद का निषेधात्मक व भौतिक तरीका भी शामिल है। प्लेटो का मानना है कि आदर्श राज्य की स्थापना में तीन बाधाएँ – अज्ञान, निजी सम्पत्ति व निजी परिवार है। इन बाधाओं को दूर करने के लिए प्लेटो शिक्षा का …

Read more

अरस्तु का जीवन परिचय एवं महत्त्वपूर्ण रचनाएँ

अरस्तु का जन्म एथेन्स से 200 मील उत्तर में स्थिति यूनानी उपनिवेश स्तागिरा में 384 ई0 में हुआ था। अरस्तु के पिता निकोमाकस एक राजवैद्य थे और उनकी माता फैस्टिस एक गृहिणी थी। उसका बचपन मेसीडोनिया की राजधानी पेल्ला में बीता जहाँ उसके पिता राजवैद्य थे। उसकी बाल्यावस्था में ही उसके सिर से माँ-बाप का साया …

Read more

अरस्तू का राज्य की उत्पत्ति व प्रकृति का सिद्धांत

अपने ग्रन्थ ‘पोलिटिक्स’ (Politics) में अरस्तू ने राज्य की उत्पत्ति, स्वरूप तथा लक्ष्य के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा करते हुए कहा है कि ‘मनुष्य एक सामाजिक तथा राजनीतिक प्राणी है’ (Man is a Social and Political Animal)। अरस्तू के अनुसार मनुष्य का अस्तित्व और विकास राज्य में ही सम्भव है। तत्कालीन यूनान के सोफिस्टों का मानना …

Read more

संत ऑगस्टाइन का जीवन परिचय एवं राजनीतिक विचार

संत ऑगस्टाइन का जन्म उत्तरी अफ्रीका के रोमन प्रान्त न्यू मीडिया (अल्जीरिया) के थिगस्ते नामक स्थान पर 354 ई0 में हुआ। उसके पिता एक मूर्तिपूजक (Pagan) थे और एक बड़े जमींदार थे। उसकी माँ ईसाईधर्म में विश्वास रखने वाली महिला थी। वह बचपन से ही एक प्रतिभाशाली बालक था। उसकी प्रतिभा से प्रभावित होकर उसके पिता …

Read more