मीराबाई का जीवन परिचय | भाव पक्ष | कला पक्ष | साहित्य में स्थान एवं रचनाएं

मीरा मेडतियाँ राठौर वंश की थी, मीरा मेडतियाँ के राव दूदा के पुत्र रत्नसिंह की पुत्री थी।102 ये मेड़तियाँ राठौर की उस शाखा के थे जो जोधपुर आकर मेड़ता में बस गए थे। इस प्रकार यह शाखा मारवाड़ी राठौर की एक उपशाखा थी, मारवाड़ी शाखा के मूल पुरूष राव सीहा जी थे जो कन्नौज के राजा …

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छंद के प्रकार और उदाहरण

निश्चित चरण, वर्ण, मात्रा, गति, यति, तुक और गण आदि के द्वारा नियोजित पद्य रचना को छंद कहते हैं। छंद के प्रकार और उदाहरण 1. मात्रिक छंद – जिन छंदों की रचना मात्राओं की गणना के आधार पर होती हैं, उन्हें मात्रिक छंद कहते है। जैसे-दोहा, चौपाई, रोला आदि।  मात्रिक छंद तीन प्रकार के होते हैं-  वर्णिक छंद- जिन …

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मार्क्सवाद के सिद्धान्त – वर्ग संघर्ष, ऐतिहासिक भौतिकवाद

मार्क्सवाद को सर्वप्रथम वैज्ञानिक आधार प्रदान करने का श्रेय कार्ल मार्क्स व उसके सहयोगी एंजिल्स को जाता है। फ्रांसीसी विचारकों सेण्ट साईमन तथा चाल्र्स फोरियर ने जिस समाजवाद का प्रतिपादन किया था, वह काल्पनिक था। कार्ल मार्क्स ने अपनी पुस्तकों ‘Das Capital’ तथा ‘Comunist Manifesto’ के वैज्ञानिक समाजवाद का प्रतिपादन किया।  कार्ल मार्क्स के सिद्धांत कार्ल मार्क्स …

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सामाजिक सामूहिक कार्य का उद्देश्य

सन् 1935 में सामूहिक कार्यकताओं मे व्यावसायिक चेतना जागृत हुई इस वर्ष समाज कार्य की राष्ट्रीय कान्फ्रेंस में सामाजिक सामूहिक कार्य को एक भाग के रूप में अलग से एक अनुभाग बनाया गया इसी वर्ष सोशल वर्कयर बुक में सामाजिक सामूहिक सेवा कार्य पर अलग से एक खण्ड के रूप में क लेख प्रकाशित किये गये। …

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सामाजिक विकास की प्रकृति क्या है?

सामाजिक संरचना के उन विभिन्न पहलुओं और सामाजिक कारकों का अध्ययन है जो समाज के त्रीव विकास में बाधा उत्पन्न करते है। इसका उद्देश्य किसी समुदाय के समक्ष उस आदर्श प्रारूप को भी प्रस्तुत करना है जो उस समुदाय के लोगों को विकास की ओर अग्रसर कर सके। जब से विभिन्न देशों में, विशेषत: तृतीय विश्व …

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किशोरावस्था का अर्थ, किशोरावस्था में शारीरिक विकास का वर्णन

किशोरावस्था विकास की अत्यंत महत्वपूर्ण सीढ़ी है। किशोरावस्था का महत्व कई दृष्टियों से दिखाई देता है प्रथम यह युवावस्था की ड्योढी है जिसके ऊपर जीवन का समस्त भविष्य पाया जाता है। द्वितीय यह विकास की चरमावस्था है। तृतीय यह संवेगात्मक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। किशोरावस्था का अर्थ किशोरावस्था के लिए अंग्रेजी का शब्द …

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बाल्यावस्था किसे कहते हैं ? इसकी विशेषताओं का वर्णन।

6 से 12 वर्ष की अवस्था को बाल्यावस्था कहते हैं । बालक के विकास की दूसरी अवस्था बाल्यावस्था है। शैशवावस्था के पश्चात बालक बाल्यावस्था में प्रवेश करता है। जब शैशवावस्था होती है तो बालक का शरीर एवं मन दोनों ही अविकसित होते हैं। जैसे ही वह बाल्यावस्था में प्रवेश करता है उसका पर्याप्त तथ सर्वांगीण विकास होता …

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शैशवावस्था का अर्थ, परिभाषा, प्रमुख विशेषताएं, शैशवावस्था में शारीरिक विकास

सामान्यता: मनोवैज्ञानिकों ने शैशवावस्था का अर्थ उस अवस्था से लगाया जो औसतन जन्म से 5-6 वर्ष तक चलती है।  शैशवावस्था की परिभाषा 1. हरलाॅक यह जन्म से लेकर दो सप्ताह तक चलती है। दो सप्ताह बाद बालपन आरम्भ होता है और दो वर्ष तक रहता है। दो वर्ष बाद प्रारम्भिक बाल्यावस्था आती है और 6 वर्ष …

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जन्म पूर्व शारीरिक विकास की अवस्थाएं

ज्यों ही अण्ड शुक्राणु से मिलकर निशेचित होता है, त्यों ही मानव जीवन का प्रारम्भ हो जाता है। निशेचित अण्ड सर्वप्रथम दो कोषों में विभाजित होता है, जिसमे से प्रत्येक कोष पुन: दो-दो में विभाजित हो जाते हैं। कोष विभाजन की यह प्रक्रिया अत्यंत तीव्र गति से चलने लगती है। इनमें ये कुछ कोष प्रजनन कोष …

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लागत लाभ विश्लेषण का अर्थ, लागत लाभ विश्लेषण के गुण

सिंचाई तथा परिवहन परियोजनाओं में निवेश के मूल्यांकन के लिये लागत-लाभ विश्लेषण तकनीक का विकास अमरीका में किया गया। अल्पविकसित देशों में परियोजनायें अक्सर तदर्थ (Adhoc) आधार पर चुनी जानी है तथा लागतों और लाभों के रूप में उनके मूल्यांकन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है। क्योंकि सभी परियोजनायें विकास के उद्देश्य से सम्बद्ध होती …

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