वाकाटक वंश का इतिहास \ History Of Vakataka Dynasty

वाकाटक राज्य प्राचीन दक्षिण भारत का एक मजबूत राज्य था। तीसरी शताब्दी ई0 से छठी शताब्दी तक दक्षिण भारत में जिन राजवंशों का उदय हुआ, उनके वाकाटक राजवंश सर्वश्रेष्ठ था।’’ उत्तर भारत में सबसे शक्तिशाली गुप्त साम्राज्य के साथ-साथ दक्षिण भारत में वाकाटक साम्राज्य बना रहा। वाकाटक प्रारंभ में सातवाहनों के सामन्त थे। वाकाटकों का प्रारंभ …

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हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों का वर्णन \\ हड़प्पा सभ्यता का अंत कैसे हुआ?

भारत में कांस्य युगीन सभ्यता सिंधु घाटी और इसके अगल-बगल के क्षेत्रों में विकसित हुई। इसे इसके सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण शहरों में से एक शहर हड़प्पा के नाम से हड़प्पा सभ्यता कहते हैं; इसे विस्तृत सिन्धु घाटी सभ्यता भी कहा जा सकता है। इस सभ्यता के नगर 1920 के दशक में तब प्रकाश में आए, जब पुरातत्वविदों …

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व्यापार

विदेशी व्यापार (Foreign trade) का अर्थ उस व्यापार से है जिसके अंतर्गत दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं आरै सेवाओं का विनिमय किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि भारत अमेरिका से व्यापार करता है तो यह विदेशी व्यापार होगा। इसे इस प्रकार भी समझा जा सकता है कि प्रत्येक देश अन्य देशों …

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पूर्ति का अर्थ । परिभाषा । प्रकार । पूर्ति का नियम | पूर्ति तालिका एवं वक्र

पूर्ति शब्द का अर्थ किसी वस्तु की उस मात्रा से लगाया जाता है, जिसे को विक्रेता ‘एक निश्चित समय’ तथा ‘एक निश्चित कीमत’ पर बाजार में बेचने के लिए तैयार रहते हैं।  उदाहरण के लिए, यदि यह कहा जाये कि बाजार में गेहूँ की पूर्ति 1,000 क्विटंल की है, तो यह कथन उचित नहीं है, क्योंकि …

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भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं

भारतीय अर्थव्यवस्था एक विकासशील अर्थव्यवस्था है। जो निरंतर गति से चलायमान है। आज के समय में विश्व के राष्ट्रों के बीच बढ़ते हुये आर्थिक अंतर ने विकास के प्रयत्नों की आवश्यकता को और अधिक आवश्यक बना दिया है। किसी भी अर्थव्यवस्था में आर्थिक विकास का तात्पर्य नये दृष्टिकोण में भौतिक कल्याण में वृद्धि गरीबी का निवारण …

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आर्थिक वृद्धि और आर्थिक विकास की अवधारणा

आर्थिक वृद्धि की अवधारणा किसी अर्थव्यवस्था द्वारा उत्पादित वस्तुओं सेवाओं की कुल मात्रा में वृद्धि करना आर्थिक वृद्धि कहलाता है । यह वृद्धि निरंतर व दीर्घकाल तक जारी रहनी चाहिये । यदि आकस्मिक रूप से वस्तुओं और सेंवाओं की मात्रा में हुई वृद्धि आर्थिक वृद्धि नहीं कहलायेगी । जैसे एक साल सभी परिस्थितियों के अनुकूल रहने पर …

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अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं- अर्थव्यवस्था के प्रकार

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था उसके विकसित, अविकसित या विकासशील कहे जाने का निर्धारण करती हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था एक विकासशील अर्थव्यवस्था हैं, जो निरंतर गति से बढ़ रही हैं।  अर्थव्यवस्था वह संरचना है, जिसके अंतर्गत सभी आर्थिक गतिविधियों का संचालन होता है। उत्पादन उपभोग व निवेश अर्थव्यवस्था की आधारभूत गतिविधियाँ है। अर्थव्यवस्था की ईकाईयाँ मानव द्वारा गठित …

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कांच के प्रकार और उनके उपयोग

बाजार में काँच के अनेक प्रकार उपलब्ध है। इसके साधारण खिड़की के शीशे से लेकर गोली रोधी कांच के रूप में, विभिन्न अनुप्रयोग होते है।  कांच के प्रकार कुछ प्रकार के काँच और उनका उपयोग नीचे वर्णित किया गया है। 1. सोडा काँच या मुलायम काँच – यह साधारणतया प्रयोग होने वाला सस्ता, निम्न वर्ग का काँच …

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बहुलक | polymer | बहुलकों का वर्गीकरण

बहुत सी छोटी छोटी इकाइयो से मिलकर बने उच्च अणुभार वाले यौगिक बहुलक कहलाते है। वह छोटी संरचनात्मक इकाई जिसकी पुनरावर्ती से बहुलक का निर्माण होता है एकलक कहलाती हैं। बहुलक निर्माण की प्रक्रिया को बहुलकीकरण कहते है। बहुलक का वर्गीकरण 1. उत्पति के आधार पर बहुलक का वर्गीकरण 1. प्राकृतिक बहुलक – प्रकृति (पादप और जीवों) …

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रेडियोधर्मी प्रदूषण किसे कहते हैं? इसके स्त्रोत तथा प्रभावों का उल्लेख।

रेडियोधर्मी प्रदूषण के कारण मनुष्यों में अत्यंत खतरनाक रोग जैसे रक्त कैंसर, अस्थि कैंसर और अस्थि टी.बी. आदि हो जाते हैं। 6 अगस्त 1945 को हिरोशिमा और 9 अगस्त 1945 को नागासाकी पर अमेरिका ने परमाणु बम का विस्फोट कर इन दोनों जापानी शहरों को नष्ट कर दिया रोडियोधर्मी विकिरण के प्रभाव से लोग झुलस-झुलस कर …

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