निर्यात व्यापार किसे कहते हैं? माल निर्यात करने की विधि क्या है ?

किसी अन्य देश को माल बेचना निर्यात व्यापार कहलाता है। देश को समृद्धशाली बनाने के लिए निर्यात में वृद्धि आवश्यक है। आयतों के मूल्य का भुगतान निर्यात करते हैं अत: निर्यात द्वारा ही विदेशी मुद्रा अर्जित की जा सकती है और इस अर्जित मुद्रा से ही आवश्यक वस्तुए मशीन, दवाइयां, कच्चा माल आदि विदेशों से मंगाया …

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विभागीय भंडार किसे कहते हैं ?

विभागीय भण्डारों को फैशन प्रेमी फ्रांस की देन माना गया है। सर्वप्रथम सन् 1850-52 के बीच पेरिस में सबसे पहला विभागीय भण्डार स्थापित हुआ था। तदुपरान्त योरोप के अन्य देशों एवं अमेरिका में इन भण्डारों की स्थापना तेजी से की जाने लगी। फ्रांस के बोन मार्क एवं लूअर तथा भारत के वाइट वे एण्ड लेडला स्टोर्स …

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विदेशी व्यापार किसे कहते हैं भारत में विदेशी व्यापार का क्या महत्व है?

मनुष्य की आवश्यकताएँ अनन्त हैं। कुछ आवश्यकता की वस्तुए तो देश में ही प्राप्त हो जाती है तथा कुछ वस्तुओं को विदेशों से मंगवाना पड़ता है। भोगोलिक परिस्थितियों के कारण प्रत्येक देश सभी प्रकार की वस्तुए स्वयं पैदा नहीं कर सकता है। किसी देश में एक वस्तु की कमी है तो दूसरे देश में किसी दूसरी …

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थोक व्यापार किसे कहते हैं? इसकी परिभाषा विशेषताएं व कार्य

थोक व्यापारी से आशय ऐसे व्यापारी से है, जो उत्पादकों से बड़ी मात्रा में वस्तुओं को क्रय करके थोड़ी-थोड़ी मात्रा में फुटकर व्यापारियों को बेचता है। थोक व्यापारी निर्माता एवं फुटकर व्यापारियों के बीच की कड़ी है। यह निर्माता और फुटकर व्यापारियों के बीच मध्यस्थ का कार्य करता है। ‘थोक व्यापारी फुटकर अथवा अन्य व्यापारियों के …

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सुपर बाजार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, लाभ

भारत में प्रचलित सुपर बाजारों का स्वरूप पाश्चात्य देशों के विभागीय भण्डारों से मिलता-जुलता है। किन्तु ‘स्वयं सेवा’ तथा मूल्यों में अन्तर को देखकर ग्राहकों का पता चलता है कि वे सुपर बाजार में ‘चिन्तामणी’, ‘सहकारी मण्डली’, ‘सस्ता बाजार’, ‘जनता बाजार’, ‘अपना बाजार’, ‘मिला-जुला भण्डार’ एवं ‘सहकारी बाजार’ भी कहा जाता है।  ये बाजार जनता एवं …

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फुटकर व्यापार का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, कार्य

फुटकर व्यापारी से तात्पर्य ऐसे व्यापारी से है, जो थोडी़ -थोड़ी मात्रा में थोक व्यापारियों से माल खरीदकर उपभोक्ताओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार थोडी़ -थोडी़ मात्रा में विक्रय करता रहता है फुटकर व्यापारी कहते हैं।  फुटकर व्यापार का शाब्दिक अर्थ वस्तुओं को टुकड़ों में बेचने से है यह शब्द फ्रेंच भाषा के शब्द से लिया गया …

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बीजक क्या है बीजक कितने प्रकार के होते हैं?

विक्रेता द्वारा क्रेता को बेचे हुए माल का विवरण तैयार करके दिया जाता है, उसे बीजक कहते है। इस विवरण में बेचे हुए माल की मात्रा, माल की किस्म, माल की दर, माल का मूल्य एवं क्रेता को दी जाने वाली छूटों का वर्णन रहता है इसमे माल पर किये जाने वाले व्ययों को जोड़कर कुल …

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आंतरिक व्यापार से क्या तात्पर्य है?

आंतरिक व्यापार से तात्पर्य उस व्यापार से है, जिसमें एक देश की सीमा के भीतर रहकर क्रेता एवं विक्रेता वस्तुओं का क्रय-विक्रय करते हैं अर्थात् एक देश के निवासी अपन ही देश में वस्तु का क्रय-विक्रय करते है इसे देशी व्यापार भी कहा जाता है। वस्तुओं का क्रय एवं विक्रय व्यापारिक क्रिया का एक मुख्य अंग …

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बहमनी साम्राज्य के शासक \\ बहमनी साम्राज्य के पतन के कारण

बहमनी साम्राज्य की स्थापना दक्षिण भारत में मुहम्मद तुगलक के खिलाफ विद्रोह से हुई । 1347 ई. में हसन गंगु, अलाउद्दीन बहमनशाह के नाम से गद्दी पर बैठा और दक्षिण में मुस्लिम राज्य की नींव रखी । यह मुस्लिम राज्य भारत में बहमनी साम्राज्य के नाम से प्रसिद्ध हुआ । बहमनी साम्राज्य के शासक 1. अलाउद्दीन …

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विजयनगर साम्राज्य का पतन \ Decline of Vijaynagar Empire

विजयनगर साम्राज्य के संस्थापक हरिहर प्रथम तथा बुक्काराय थे । उन्होंने सल्तनत की कमजोरी का फायदा उठाकर होयसल राज्य का (आज का तैमूर) हस्तगत कर लिया तथा हस्तिनावती (हम्पी) को अपनी राजधानी बनाया । इस साम्राज्य पर राजा के रूप में तीन राजवंशों ने राज्य किया – संगम वंश,  सालुव वंश,  तुलव वंश । विजयनगर साम्राज्य का …

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