प्रशिक्षण का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं, उद्देश्य, आवश्यकता, लाभ

कर्मचारी द्वारा किसी विशिष्ट कार्य को सम्पादित करने हेतु उसके ज्ञान एवं कौशल में वृद्धि की प्रक्रिया प्रशिक्षण कहलाती है। प्रशिक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा विशिष्ट कार्य के सम्पादन हेतु कर्मचारियों की अभिवृत्तियो निपुणताओं एवं योग्यताओं में अभिवृद्धि की जाती है। प्रशिक्षण का अर्थ साधारण शब्दों में, प्रशिक्षण किसी कार्य विशेष को सम्पन्न करने …

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पदोन्नति का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, महत्व, उद्देश्य, आधार

सामान्यतः लोग पदोन्नति का अर्थ ऐसे कार्य-परिवर्तन से लगाते हैं, जिसके फलस्वरूप किसी कर्मचारी की आय अथवा वेतन में वृद्धि हो जाये, परन्तु एक ही कार्य पर रहते हुए यदि कर्मचारी को अधिक वेतन दिया जाये तो इसे पदोन्नति नहीं कहा जा सकता। यह तो मात्र वेतन-वृद्धि होगी। पदोन्नति का सम्बन्ध अनिवार्य रूप से वेतन-वृद्धि से …

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चयन का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, महत्व, चरण

चयन एक प्रक्रिया है जो संगठन के भीतर व बाहर से वर्तमान स्थिति एवं भविष्य की स्थिति के लिए उपयुक्त अभ्यार्थियों को चुनती है। चयन का अर्थ इसके अंतर्गत विभिन्न कार्यों के लिए योग्य प्रार्थियों को चुना जाता है जिसके लिए रोजगार, परीक्षाएँ लेना, साक्षात्कार एवं चिकित्सकीय जाँच शामिल है। चयन, एक संगठन के अन्तर्गत रिक्त …

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कार्य विश्लेषण का क्या अर्थ है? कार्य विश्लेषण की विविध तकनीकों/ विधियों का वर्णन

साधारण शब्दों में कार्य विश्लेषण को एक काम के विषय में सूचनाओं को एकत्र करने के लिए एक प्रक्रिया के रूप में समझा जा सकता है। दूसरे शब्दों में, कार्य विश्लेषण, कार्याें का एक औपचारिक एवं विस्तृत निरीक्षण है। यह एक कार्य के विषय में सूचनाओं के संग्रहण की एक प्रक्रिया है। इस प्रकार, कार्य विश्लेषण, कार्य …

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गैर सरकारी संगठन (NGO) क्या है गैर सरकारी संगठन तथा स्वयं सेवी संगठन में अन्तर ?

गैर सरकारी संगठन (NGO) के अन्तर्गत ऐसे समूह व संस्थान आते हैं जो पूर्ण रुप से या अधिकांश रुप से गैर-सरकारी होते हैं। इनका उद्देश्य व्यावसायिक न होकर मुख्यतः मानव मात्र के कल्याण और सहकारी तौर पर काम करना होता है। औद्योगिक देशों में ये प्राइवेट एजेंसियां होती हैं ये (एजेसियां) संगठन अंतर्राष्ट्रीय विकास के लिए …

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सामाजिक क्रिया का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएं, उद्देश्य, सिद्धांत

सामाजिक क्रिया समाज कार्य की सहायक व्यवस्था है। शुरु से ही समाज कार्य का आधार मानवता रही है। सामाजिक क्रिया का जिसे शुरुआत में समाज सुधार का नाम दिया गया है, समाज कार्य के अभ्यास में एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। 1922 में मेरी रिचमंड ने सामाजिक क्रिया का उल्लेख समाज कार्य की चार प्रमुख प्रणालियों …

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सामुदायिक विकास कार्यक्रम क्या है? सामुदायिक विकास कार्यक्रम का क्या उद्देश्य है?

सामुदायिक विकास सम्पूर्ण समुदाय के विकास की एक ऐसी पद्धति है जिसमें जन-सहभाग के द्वारा समुदाय के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयत्न किया जाता है। भारत की लगभग 74 प्रतिशत जनसंख्या ग्रामों में रहती है। जनसंख्या के इतने बडे़ भाग की सामाजिक-आर्थिक समस्याओं का प्रभावपूर्ण समाधान किये बिना हम कल्याणकारी राज्य के लक्ष्य को …

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सामुदायिक संगठन क्या है, परिभाषा, उद्देश्य, सिद्धांत

सामुदायिक संगठन एक प्रक्रिया है। सामुदायिक संगठन का तात्पर्य किस समुदाय या समूह में लोगों द्वारा आपस में मिलकर कल्याण कार्यों की योजना बनाना तथा इसके कार्यान्वयन के लिए उपाय तथा साधनों को निश्चित करना है किसी समुदाय से सम्बन्धित प्रक्रियाएं अनेक प्रकार की हो सकती है अत: सामुदायिक संगठन की प्रक्रिया का अभिप्राय केवल उस …

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जनजातीय विकास क्या है जनजातीय विकास के विभिन्न मुद्दे एवं चुनौतियाँ ?

जनजातीय विकास का आशय है जनजातीय आबादी की अधिकारहीनता की प्रस्थिति को सुधारते हुए उनके जीवन में गुणात्मक उन्नति करना। भारत का संविधान अनुसूचित जनजातियों को वैधानिक संरक्षण एवं सुरक्षा प्रदान करता है ताकि उनकी सामाजिक निर्योंग्यताएं हटाई जा सकें तथा उनके विविध अधिकारों को बढ़ावा मिल सके। संवैधानिक प्राविधानों के अतिरिक्त जनजातियों के सामाजिक-आर्थिक उन्नयन …

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नगरीय विकास क्या है नगरीय विकास से सम्बद्ध समस्यायें ?

भौगोलिक एवं प्राकृतिक भू-भाग को समाज वैज्ञानिकों ने विविध आधारों पर बाँटा है: महाद्वीप एवं महादेशीय आधार पर वर्गीकरण, राष्ट्र-राज्यों के आधार पर वर्गीकरण, सामाजिक-आर्थिक प्रणालियों के आधार पर वर्गीकरण, इत्यादि। समाज ऐतिहासिक विकास की प्रक्रिया को आधार बनाकर विश्व के भू-भागों को दो श्रेणियों में विभक्त किया जा कसता है: ग्रामीण क्षेत्र एवं नगरीय क्षेत्र। …

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