कान की संरचना एवं कार्यों का वर्णन कीजिए |

कान के कार्य एवं संरचना  कान या कर्ण शरीर का एक आवश्यक अंग है, जिसका कार्य सुनना (Hearing) एवं शरीर का सन्तुलन (Equilibrium) बनाये रखना है तथा इसी से ध्वनि (Sound) की संज्ञा का ज्ञान होता है। कान की रचना अत्यन्त जटिल होती है, अत: अध्ययन की दृष्टि से इसे  तीन प्रमुख भागों में विभाजित किया जाता है- …

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नाक की संरचना एवं कार्यों का वर्णन कीजिए |

नाक के कार्य एवं संरचना  नासा गुहा (Nasal cavity) की श्लेष्मा, तीन छोटी अस्थियों (Nasal conchae) द्वारा कई कक्षों में बँट जाती है, जो नाक की बाहरी भित्ति से आरम्भ होते हैं। तीनों अस्थियों (Nasal conchae) के कारण इस स्थान पर तीन छोटे टीलों के समान उभार बन जाते हैं। सम्पूर्ण क्षेत्र पर नेजल म्यूकस मेम्बे्रन …

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मेरुरज्जु के कार्यों का वर्णन कीजिए।

मेरुरज्जु (merurajju) का आकार अंडाकार होता है, एक सिलेंडर की तरह और एक औसत व्यक्ति में इसकी लम्बाई लगभग 45 सेन्टीमीटर होती है। मेरुरज्जु बहुत नाजुक संरचना है इसलिए यह कपाल हड्डियों और कशेरूक द्वारा संरक्षित और चारों तरफ से घिरी होती है। मेरूदण्डीय तंत्रिका (Spinal Nerves) के जोडे सुष्मना के 31 अलग – मेरूदण्ड स्तर …

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मस्तिष्क के विभिन्न भाग एवं उनके कार्य

मानव मस्तिष्क के भाग पूर्णरूप से विकसित मानवीय मस्तिष्क शरीर के भार का लगभग 1/50 होता है और कपाल गुहा (Cranial cavity) में अवस्थित रहता है।  मानव मस्तिष्क के भाग मानव मस्तिष्क के कितने भाग होते हैं, मानव मस्तिष्क के भाग और कार्य – अग्र मस्तिष्क मध्य मस्तिष्क पश्च मस्तिष्क 1. अग्र मस्तिष्क- मस्तिष्क का 80-85 भाग ज्ञान,चेतना,सोचने …

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मनुष्य के वृक्क की संरचना तथा कार्यों का वर्णन करें।

मानव शरीर की उदरीय गुहा के पश्च भाग में रीढ के दोनों ओर दो वृृक्क स्थित होते हैं। ये बैगंनी रंग की रचनायें होती है जो आकार में बहुत बडी नहीं होती है। इन वृृृक्कों के पर टोपी के समान अधिवृक्क ग्रन्थियां नामक रचना पायी जाती हैं। ये वृक्क शरीर में रक्त को छानकर, रक्त की …

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मानव श्वसन तंत्र की संरचना और कार्य

वायुमण्डलीय आक्सीजन और कोशिकाओं में उत्पन्न co2के आदान प्रदान (विनिमय) की प्रक्रिया को श्वसन कहते है। श्वसन के दो भाग होते है- (i) चालन भाग (ii) श्वसन भाग/विनिमय चलन भाग → वाह्य नासारन्ध्र से अंतस्थ श्वसनिकाओं तक वायु का पहुँचना । श्वसन/विनिमय भाग →कूपिकाओं तथा उनकी नलिकाओं एवं रक्त के बीच आक्सीजन एवं co2 का आदान-प्रदान विनिमय …

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पाचन तंत्र के प्रमुख अंग / सहायक अंग

व्यक्ति साधारण रूप में जो भी भोजन हम ग्रहण करते हैं वह वास्तव में भी तभी हमारे लिए उपयोगी होता है जब हम इस लायक हो जाये कि शरीर के अन्तर्गत रक्त कोशिकाओं एवं अन्य कोशिकाओं तक पहुंच कर शक्ति व ऊर्जा उत्पन्न कर सके। यह कार्य पाचन प्रणाली के विभिन्न अंग मिलकर करते हैं। पाचन …

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मानव हृदय की संरचना किस प्रकार की है हृदय भित्ति का निर्माण किस प्रकार से होता है ?

हृदय गुलाबी रंग का शंक्वाकार अन्दर से खोखला मांसल अंग होता है। यह शरीर के वक्ष भाग के वक्ष भाग में फेफडो के बीच स्थित होता है। हृदय ये ही रूधिर वाहिनियॉ रक्त को पूरे शरीर में ले जाती है। तथा फिर इसी से वापस लेकर आती है। सामान्यत: मनुष्य शरीर में रक्त की मात्रा 5 …

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रक्त में किन पदार्थों का मिश्रण पाया जाता है इनके विषय में विस्तारपूर्वक विवरण

शरीर के भीतर जो एक लाल रंग का द्रव-पदार्थ भरा हुआ है, उसी को रक्त (Blood) कहते हैं। रक्त का एक नाम रुधिर भी है रुधिर को जीवन का रस भी कहा जा सकता है। यह संपूर्ण शरीर में निरन्तर भ्रमण करता तथा अंग-प्रत्यंग को पुष्टि प्रदान करता रहता है। जब तक शरीर में इसका संचरण …

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मांसपेशियों के प्रकार, मानव शरीर की मुख्य पेशियों का संक्षिप्त परिचय

अनेकों कोशिकाओं एवं उनके समूह ऊतकों द्वारा ही शरीर के विभिन्न अंगों का निर्माण होता है। इन्हीं कोशिकाओं से ही मांसपेशी की उत्पत्ति होती है। मांसपेशी के प्रत्येक तन्तु में अनेक कोशिकाएं होती है। मनुष्य शरीर का अधिकांश वाह्य व आन्तरिक भाग मांसपेशियेां से ढका रहता है। शरीर का ऊपरी हिस्सा पूर्ण रूपेण मांसाच्छादित होने के …

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