अग्नि बीमा किसे कहते हैं अग्नि बीमा के क्षेत्र?

अग्नि बीमा में दावेदार को सिद्ध करना होता है कि हानि अग्नि द्वारा ही हुई है और इसके लिए दो बातों को साबित करना आवश्यक होता है : (1) उस अग्नि में ज्वाला (ignition) प्रकट हुई थी, (2) वह अग्नि आकस्मिक (accidental) थी। 1. अग्नि में यदि ज्वाला नहीं प्रकट हुई हो तब बीमा की संविदा …

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समुद्री बीमा क्या है समुद्री बीमा की आवश्यक शर्तें?

समुद्री बीमा सबसे प्राचीनतम बीमा का स्वरूप है व्यापारिक जगत में लोग सामुद्रिक हानि आपस में बाँट लेते हैं। सामुद्रिक बीमा का प्रारम्भ कब, कहां शुरू हुआ इसका निर्णय अभी तक नहीं हो पाया। प्राचीन काल में समुद्री मार्गों से व्यापार करने वाले देशों में समुद्री हानियों से क्षतिपूर्ति प्रदान करने की रीतियां प्रचलित थी। 13वीं …

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स्वस्थ व्यक्तियों पर मूत्र चिकित्सा का प्रभाव \ रोगी व्यक्तियों पर मूत्र चिकित्सा का प्रभाव

शाब्दिक रुप से देखने पर मूत्र चिकित्सा का अर्थ स्वत: ही स्पष्ट हो जाता है-’’ मूत्र द्वारा विविध रोगों की चिकित्सा करना मूत्र चिकित्सा कहलाता है। इसके अन्तर्गत प्रमुख रुप से स्वमूत्र एवं गौमूत्र द्वारा चिकित्सा करने का वर्णन आता है। मूत्र चिकित्सा को प्राचीन शास्त्रों में शिवाम्बु कल्प का नाम देते हुए कहा गया है …

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संगीत हमारे स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करता है?

ध्वनि चिकित्सा के जितने भी रूप है, उनमें संगीत चिकित्सा सर्वाधिक लोकप्रिय है। यदि हम गहराई से अनुभव करें तो पायेंगे कि ब्रह्माण्ड की सम्पूर्ण संरचना ही संगीतमय है। सृष्टि के आदि में भी सर्वप्रथम अनाहत नाद अर्थात् ऊँकार की ध्वनि ही उत्पन्न हुयी थी और उसके बाद फिर सृष्टि रचना का क्रम आरींा हुआ। इस …

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प्रार्थना का अर्थ, परिभाषा, प्रार्थना का निर्माण करने वाले कौन-कौन पृथक्-पृथक् तत्व हैं ?

प्रार्थना मनुष्य की जन्मजात सहज प्रवृत्ति है। संस्कृत शब्द प्रार्थना तथा आंग्ल (इंग्लिश) भाषा के Prayer शब्द, इन दोनों में अर्थ का दृष्टि से पूरी तरह से समानता है –  संस्कृत में ‘‘प्रकर्षेण अर्धयते यस्यां सा प्रार्थना’’ अर्थात प्रकर्ष रूप से की जाने वाली अर्थना (चाहना अभ्यर्थना)   आंग्ल भाषा का Prayer यह शब्द Preier, precari, prex, prior …

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प्राण चिकित्सा क्या है प्राण चिकित्सा की सावधानियॉ

प्राण चिकित्सा के अन्तर्गत उपचारक अपने हाथों के माध्यम से ब्रह्माण्डीय प्राणऊर्जा को ग्रहण करके हाथों द्वारा ही रोगी व्यक्ति में प्रक्षेपित करता हैं। इस प्रकार इस चिकित्सा पद्धति में चिकित्सक रोगी की प्राणशक्ति को प्रभावित करके उसे स्वास्थ्यलाभ प्रदान करता है। प्राण चिकित्सा के द्वारा न केवल दूसरों का वरन् स्वयं का भी उपचार किया …

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एक्यूप्रेशर चिकित्सा क्या है इस चिकित्सा पद्धति के लाभ

एक्यूप्रेशर (Acupressure) वह चिकित्सा पद्धति है। जो अधिक प्रभावशाली व प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। इस चिकित्सा पद्धति का सिद्धान्त पूरी तरह प्राकृतिक है। इस पद्धति के एक अन्य विशेषता यह है कि यह चिकित्सा पद्धति बिल्कुल सुरक्षित चिकित्सा पद्धति है। इस में किसी प्रकार की नुकसान की सम्भावना नहीं होती है। इस पद्धति में शरीर के …

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एक्यूप्रेशर चिकित्सा का इतिहास || Acupressure in Hindi

Acupressure एक्यूप्रेशर चिकित्सा वह पद्धति है जिससे पैरो, हाथों व चेहरे के कुछ खास केन्द्रों पर दबाव डाला जाता है इन केन्द्रों को Respopnse Center या Reflex Center भी कहते है हिन्दी में इसे प्रतिबिम्ब केन्द्र कहते है। रोग की अवस्था में इन केन्द्रो पर जब प्रेशर देते है तो वहाँ पर बहुत तेज दर्द होता …

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मनोवैज्ञानिक परीक्षण क्या है ? इसकी विभिन्न परिभाषा और उद्देश्यों का विस्तृत विवेचन

मनोविज्ञान व्यावहारिक जीवन का विज्ञान है। यह ज्ञान की वह शाखा है जो प्राणियों के व्यवहार एवं मानसिक प्रक्रियाओं जैसे कि बुद्धि, स्मृति, चिन्तन, सीखना, समस्या समाधान, निर्णय प्रक्रिया, विस्मरण का क्रमबद्ध एवं व्यवस्थित अध्ययन करती है। भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में प्राणी (मानव एवं पशु दोनों) किस प्रकार का व्यवहार करते है? उनके इस प्रकार व्यवहार करने …

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मनोचिकित्सा का अर्थ, परिभाषा, उद्देश्य, विधियां

मनोचिकित्सा शब्दार्थ में मन की चिकित्सा है। मन की प्रवृत्ति को भी सकारात्मक एवं नकारात्मक दो प्रकार का माना जाता है। जब मन की प्रवृत्ति सकारात्मक होती है तब व्यक्ति का सृजनात्मक मानसिक विकास होता है। वहीं जब मन की प्रवृत्ति नकारात्मक हो जाती है तब यही मन रोगमय हो जाता है फलत: इसकी चिकित्सा की …

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