नवपाषाण काल की प्रमुख विशेषताएं

नवपाषाण शब्द उस काल को सूचित करता है जब मनुष्य को धातु के बारे में जानकारी नही थी। परन्तु उसने स्थायी निवास, पशु-पालन, कृषि कर्म, चाक पर निर्मित मृदभांड बनाने शुरू कर दिए थे। इस काल की जलवायु लगभग आज कल के समान थी इसलिए ऐसे पौधे पैदा हुए जो लगभग आज के गेंहू तथा जौ …

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पुरापाषाण काल की प्रमुख विशेषताएं

पुरापाषाण काल की प्रमुख विशेषताएं मानव ने अपनी आवश्यकता के अनुरूप औजार बनाने की प्रक्रिया संभवत: लकड़ी तथा अन्य कार्बनयुक्त पदार्थ के औजार बनाने से शुरू की जो आज उपलब्ध नहीं है। परन्तु जब उसने पाषाण उपकरण बनाने शुरू किए तब से हमें पुरातात्विक प्रमाण उपलब्ध होने लगे। ये उपकरण मानव ने अपनी जरूरतों के अनुसार …

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विक्रय बजट क्या है विक्रय बजट बनाने के प्रमुख उद्देश्य?

कार्यानुसार बजट, वह बजट है जो किसी व्यवसाय के एक विशेष कार्य से सम्बन्धित होता है, जैसे उत्पादन बजट, विक्रय बजट आदि। कार्यानुसार बजट प्रत्येक कार्य के आधार पर तैयार किये जाते हैं। इसके पश्चात् सभी बजटों का समन्वय करके मास्टर बजट तैयार किया जाता है। विक्रय बजट, बजट अवधि की कुल बिक्री की भविष्यवाणी या …

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विक्रय प्रशिक्षण का अर्थ, परिभाषा, विशेषताएँ, उद्देश्य

विक्रय प्रशिक्षण, का अर्थ है विक्रय के सम्बन्ध में प्रशिक्षण देना। इस प्रशिक्षण द्वारा विक्रयकर्ताओं को यह सिखाया जाता है कि वे किस प्रकार विक्रय के कार्य को अच्छी प्रकार से पूरा कर सकते हैं। प्रशिक्षण के द्वारा विक्रेताओं के गुणों और योग्यताओं को और अधिक विकसित किया जाता है ताकि उनकी विक्रय प्रतिभा में और …

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वैयक्तिक विक्रय क्या है अनेक विद्वानों एवं प्रमुख संस्थाओं द्वारा वैयक्तिक विक्रय को परिभाषित किया गया है

वैयक्तिक विक्रय विक्रयकला से विस्तृत अवधारणा है। यह विपणन के अन्य तत्त्वों जैसे मूल्य निर्धारण, विज्ञापन, उत्पाद विकास तथा अनुसन्धान तथा वस्तुओं के भौतिक वितरण को लागू करने का एक साधन है। विक्रय कला वैयक्तिक विक्रय का एक पहलू है। यह वैयक्तिक विक्रय में प्रयोग की जाने वाली कला कौशल है।  स्टिल एवं कनडिफ के अनुसार, …

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विक्रय कला का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, वर्गीकरण, विशेषताएँ

विक्रय-कला शब्द दो शब्दों के योग से बना है- (i) विक्रय और (ii) कला। विक्रय का अर्थ किसी वस्तु के स्वामित्व का हस्तान्तरण होने से है, अर्थात् ‘‘विक्रेता किसी मूल्य के प्रतिफल स्वरूप अपनी वस्तु के स्वामित्व का हस्तांतरण उस मूल्य देने वाले क्रेता को करता है जिसे हम ‘विक्रय’ कहते हैं।’’ अगर इसका व्यापक अर्थ …

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विक्रय प्रबंध का अर्थ, परिभाषा, तत्व या विशेषताएँ या लक्षण

विक्रय प्रबंध का अर्थ प्रारम्भ में, ‘विक्रय-प्रबंध’ का अर्थ विक्रेतओं के निर्देशन अथवा पर्यावेक्षण’ से लगाया जाता था। किन्तु बाद में विक्रय-प्रबंध में प्रबंध के अन्य पहलु भी शामिल किये जाने लगे तथा 20वीं सर्दी में प्रबंध का अर्थ अत्यंत रूप से व्यापाक हो गया जिसमें विज्ञापन, विपणन, अनुसंधान, विक्रय-संवर्धन, कीमत निर्धारण, भौतिक वितरण उत्पादन नियोजन …

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खाद्य परिरक्षण किसे कहते हैं खाद्य परिरक्षण का एक महत्त्वपूर्ण सिद्धांत है।

खाद्य परिरक्षण वह है जिसके द्वारा खाद्य पदार्थों को उनकी सही तथा अच्छी अवस्था में ही काफी लम्बे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। एक अति सरल उदाहरण लें-दूध का उबलना। हम दूध क्यों उबालते हैं? इसे लम्बे समय तक सुरक्षित रखने के लिए। आप जानते हैं कि दूध को उबाल देने से दूध लम्बे …

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ओगबर्न और निमकोफ ने परिवार के कार्य को छह श्रेणियों में विभाजित किया। ये छह श्रेणियां हैं:

परिवार के प्रकार्य की परिवार की संरचना पर निर्भर करते हैं और इसी तरह स्वयं समाज की प्रकृति भी परिवार के प्रकार्यों को निर्धारित करती है। आदिम समाज में परिवार के जो प्रकार्या होते हैं वे निश्चित रूप से औद्योगिक समाज के परिवारों से भिन्न होते हैं। आदिम समाज के परिवार में श्रम विभाजन बहुत थोड़ा …

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हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना की विशेषताओं की विवेचना

हड़प्पा की सभ्यता, जिसे सिंधु घाटी की सभ्यता भी कहते हैं। हड़प्पा की सभ्यता की खोज 1920.22 में की गई थी, जब इसके दो बहुत ही महत्त्वपूर्ण स्थलों पर खुदाई की गई थी। ये स्थान थे, रावी नदी के किनारे बसा हड़प्पा और सिंधु नदी के किनारे बसा मोहनजोदड़ो। पहले स्थान की खुदाई की गई थी …

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