कौन-कौन से कार्य कंपनी प्रवर्तकों को करने पड़ते हैं

प्रवर्तक वह व्यक्ति हैं जो कम्पनी का निर्माण करता है या उसमें सहायता करता है। प्रवर्तक एक व्यक्ति, फर्म व्यक्तियों का समूह या कम्पनी कोई भी हो सकता है। लेकिन निर्माण या प्रवर्तन से संबंधित प्रत्येक व्यक्ति प्रवर्तक नहीं होता है। लेकिन अधिवक्ता पर वकील, जो प्रवक्ता की ओर प्रस्तावित कम्पनी के प्रवर्तन से संबंधित आवश्यक …

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उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 6 के अंतर्गत उपभोक्ता को दिए गए अधिकार

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 एक महत्वपूर्ण अधिनियम के रूप में पेश किया गया। इस अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ता को संरक्षण प्रदान किया गया है। यह अधिनियम दिसम्बर 1986 में संसद द्वारा पास किया गया और 15 अप्रैल, 1987, को इसे लागू कर दिया गया। दिसम्बर 1993 में इस अधिनियम में कुछ संशोधन किए गए। यह अधिनियम …

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विपत्र क्या है एक विपत्र में इन तत्वों का होना आवश्यक है

धारा 5 के अनुसार, ‘‘विपत्र एक ऐसा लेखपत्र है जिसमें एक शर्तरहित आदेश, इसके लिखने वाले के हस्ताक्षर के अन्तर्गतए किसी विशेष व्यक्ति को एक निश्चित रकम, किसी निश्चित व्यक्ति के आदेशानुसार अथवा विलेख के वाहक को, देने का होता है।’’ विपत्र के आवश्यक तत्व एक विपत्र में इन तत्वों का होना आवश्यक है – एक …

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विनिमय साध्य लेखपत्र का अर्थ, परिभाषा, लक्षण एवं प्रकार

विनिमय साध्य का अर्थ है, सुपुर्दगी द्वारा हस्तांतरणीय: तथा ‘‘लेखपत्र‘‘ (विलेख) वह लिखित दस्तावेज है जो किसी व्यक्ति के पक्ष में कोई अधिकार निर्मित करता है। अत: विनिमय साध्य लेखपत्र से आशय ऐसे लिखित लेखपत्रों से है जो किसी व्यक्ति के हित में अधिकार उत्पन्न करता है और जो सुपुर्दगी द्वारा हस्तांतरणीय होता है। विनिमय साध्य …

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गिरवी क्या है भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 172 के अनुसार

भारतीय अनुबंध अधिनियम की धारा 172 के अनुसार ‘‘किसी श्रेणी के भुगतान अथवा किसी वचन के निष्पादन के लिये जमानत के रूप में निक्षेप को गिरवी कहते हैं। इस दशा में जो व्यक्ति गिरवी रखता है अर्थात् निक्षेपी को गिरवी रखने वाला (Plege or Pawnee) कहते हैं, एवं जिस व्यक्ति के पास वस्तु रखी जाती है …

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हानि रक्षा अनुबंध क्या है Sec. 124 के अनुसार

Sec. 124 के अनुसार ‘‘हानिरक्षा अनुबंध एक ऐसा अनुबंध है, जिसके अंतर्गत एक पक्षवार दूसरे पक्षवार को स्वयं अथवा किसी दूसरे व्यक्ति के आयरण से होने वाली हानि से बचाता है। या बचाने का वचन देता है।’’ जो व्यक्ति हानिपूर्ति का वचन देता है उसे हानिरक्षण (Indemnifier) तथा जिसको ऐसा वचन दिया जाता है उसे हानिरक्षाधारी …

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रोमन साम्राज्य (सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक जीवन)।

प्राचीन धारणाओं के अनुसार रोम की स्थापना रोमुलस तथा रमेस नामक दो जुडवां भाइयों ने की थी। रोमन कवि विरजिल (virgil) ने भी इससे मिलती-जुलती कहानी अपनी कविता इनीउहद (Aeneid) में बताई है कि ट्रोजन का नायक जब ट्राय (Troy) से विध्वंश होने के बाद अपने पिता को अपनी पीठ पर उठा कर ले गया तथा …

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यूनानी सभ्यता (सामाजिक, धार्मिक एवं आर्थिक जीवन)

यूनान एक पहाड़ी प्रायद्वीप है, जो पूर्वी भूमध्यसागर पर स्थित है। पहाडी क्षेत्र होने के कारण यहां का एक चौथाई भाग ही कृषि योग्य है। इसका तट चारों तरफ से पहाडियों द्वारा कटा-फटा होने के कारण यहां पर कई अच्छी बन्दरगाहें स्थित होने तथा एशिया और अफ्रीका के समीप होने के कारण यहां के नागरिक बैबीलोन, …

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मिस्र सभ्यता की लिपि कौन सी थी ?

मिस्र को अकसर नील नदी का तोहफा कहते हैं, जो बिल्कुल सही है। हर साल नदी में बाढ़ आती और उसके किनारे जनमग्न हो जाते। वहां गाद की एक मोटी तह जमा हो जाती, जो जमीन को बेहद उपजाऊ बना देती। इस तरह वहां बारिश नही के बराबर होने के बावजूद किसान अच्छी फसल उपजाते। प्राचीन …

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मेसोपोटामिया सभ्यता की विशेषताएं

मेसोपोटामिया का शाब्दिक अर्थ है, नदियों के बीच की जमीन। यह दजला और फरात नदियों के बीच स्थित थी और आधुनिक नाम इराक है । इन नदियों मे अक्सर बाढ़ आ जाया करती थी। इस प्रक्रिया में उनके किनारों पर ढेर सारी मिट्टी और गाद जमा हो जाती थी। यह किनारों के पास की जमीन को …

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