धर्म का अर्थ, परिभाषा, धार्मिक व्यवहार

धर्म शब्द का अर्थ बाँधना है। अर्थात मनुष्य और ईश्वर के बीच संबंध स्थापित करने को धर्म कहते है। धर्म एक आस्था है। जो प्रत्येक मनुष्य के हृदय में होती है किसी में कम तो किसी में ज्यादा। धर्म मनुष्य को मनुष्य होने का बोध कराता है। वह सही गलत में फर्क बताता है धर्म के …

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संस्कृति का अर्थ, परिभाषा, प्रकार एवं विशेषताएँ

संस्कृति जीवन की विधि है। जो भोजन आप खाते हैं, जो कपड़े आप पहनते हैं, जो भाषा आप बोलते हैं और जिस भगवान की आप पूजा करते हैं, ये सभी संस्कृति के पक्ष हैं। सरल शब्दों में हम कह सकते हैं कि संस्कृति उस विधि का प्रतीक है जिसमें हम सोचते हैं और कार्य करते हैं। इसमें …

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समिति का अर्थ, परिभाषा और विशेषताएं

समिति व्यक्तियों का एक समूह है जो कि किसी निश्चित उद्देश्य की पूर्ति हेतु बनाया जाता है। उस उद्देश्य की पूर्ति हेतु समाज द्वारा मान्यता प्राप्त नियमों की व्यवस्था को संस्था कहते हैं। बहुत से लोग इन दोनों को समान अर्थों में प्रयोग करते हैं जो कि उचित नहीं है। ऐसा भ्रम इन दोनों शब्दों के …

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समुदाय का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं

समुदाय व्यक्तियों का एक विशिष्ट समूह है जोकि निश्चित भौगोलिक सीमाओं में निवास करता है। इसके सदस्य सामुदायिक भावना द्वारा परस्पर संगठित रहते हैं। समुदाय में व्यक्ति किसी विशिष्ट उद्देश्य की अपेक्षा अपनी सामान्य आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु प्रयास करते रहते हैं। समुदाय का शाब्दिक अर्थ समुदाय’ शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘कम्यूनिटी’ (Community) शब्द का हिन्दी …

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सामाजिक मूल्य का अर्थ, परिभाषा प्रकार एवं महत्व

मूल्य समाज के प्रमुख तत्त्व हैं तथा इन्हीं मूल्यों के आधार पर हम किसी समाज की प्रगति, उन्नति, अवनति अथवा परिवर्तन की दिशा निर्धारित करते हैं। इन्हीं मूल्यों द्वारा व्यक्तियों की क्रियाएँ निर्धारित की जाती हैं तथा इससे समाज का प्रत्येक पक्ष प्रभावित होता है। सामाजिक मूल्यों के बिना न तो समाज की प्रगति की कल्पना …

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लेनिन का सिद्धांत (पूंजीवादी साम्राज्यवाद, द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद, सर्वहारा-वर्ग की तानाशाही )

व्लादीमीर इलिच लेनिन का जन्म 9 अप्रैल, 1870 को रुस के यूलियानोवस्क मे हुआ। उनका वास्तविक नाम व्लादीमीर इलचि उल्यानोव था। लेनिन बी0ए0 पास करने के बाद कलान विश्वविद्यालय में कानून की शिक्षा प्राप्त करने चला गया, वहां पर उसे क्रांतिकारी क्रियाकलापों के कारण एक बार विश्वविद्यालय से निष्कासित किया गया।  लेनिन ने अपनी कुशाग्र बुद्धि …

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न्यायिक पुनरावलोकन का अर्थ, परिभाषा एवं महत्व

न्यायिक पुनरावलोकन का अर्थ है किसी भी निर्णय की समीक्षा करना। न्यायिक पुनरावलोकन का उन देशों में काफी महत्व है जहाँ पर लिखित संविधान है, क्योंकि उन देशों मे सीमित सरकार की अवधारणा लागू होती है। न्यायिक पुनरावलोकन इस अर्थ मे माना जाता है कि इससे किसी विधायिका की शक्तियों की मान्यता कहाँ तक उचित है …

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कानून के शासन का अर्थ, परिभाषा, उत्पत्ति, विशेषताएं, आलोचना

कानून का शासन कानून की अवधारणा पर आधारित है। कानून सम्प्रभु का आदेश होता है जो सभी को मान्य होता है, क्येांकि वह सामाजिक न्याय की भावना पर आधारित होता है। इसी कारण सभी लोग कानून की आज्ञा का पालन करते हैं। जिस राजनीतिक समाज में कानून को उचित महत्व दिया जाता है। वहीं पर कानून …

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नौकरशाही का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं

औद्योगिक क्रान्ति के तुरन्त बाद सामाजिक व राजनीतिक ढांचे में आए परिवर्तनों ने संगठन की जिस प्रणाली को वह जन्म दिया, वह नौकरशाही ही है। सामाजिक आर्थिक परिवर्तन के दौर में परम्परागत समाज को संतुलित, व्यवस्थित और विकसित होने हेतु नौकरशाही जैसे तन्त्र की अत्यधिक आवश्यकता महसूस की गई। यद्यपि विशिष्ट वर्ग के रूप में नौकरशाही …

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नौकरशाही का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, विशेषताएं, आलोचना

राजनीति का अस्तित्व, सत्ता से है। राजनीतिक सत्ता का अंतरंग भाग नौकरशाही है, सत्ता का महत्व उसके पद से आँका जाता है। क्षमता तथा दायित्व के निर्वाह के लिए एक सत्ता को ऐसे द्वितीयक समूह का निर्माण करना पड़ता है जो सत्ता की रीति-नीति का क्रियान्वयन कर सके। सत्ता का अस्तित्व तभी तक है जब तक …

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