डोमेन नेम क्‍या है | डोमेन नाम के प्रकार | What is Domain Name in Hindi

डोमेन नाम वेबसाइट का नाम होता है। डोमेन नाम वह पता है, जहां इंटरनेट यूजर संबंधित वेबसाइट तक पहुंच सकते हैं। इंटरनेट पर वेबसाइट खोजने और पहचानने के लिए डोमेन नाम का उपयोग किया जाता है। कम्प्यूटर आईपी एड्रेस का उपयोग करते हैं, जो संख्या की एक श्रृंखला है। डोमेन नाम अक्षरों और संख्याओं का कोई …

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वेब सर्वर क्या है | What is Web Server in Hindi

यह एक तरह का कम्प्यूटर प्रोग्राम है जिस पर हम वेब ब्राउज़र में किसी भी पेज को चलाते हैं। वेब सर्वर का सामान्य काम उपयोगकर्ता के वेब पेजों को संग्रहित करना और उन वेब पेजों को चलाने में मदद करना होता है। एचटीटीपी इसकी जानकारी को इधर-उधर पहुंचाने के काम में आता है। कोई भी सर्वर …

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वेब पोर्टल क्या हैं | What is Web Portal in Hindi?

वेबसाइट्स के समूह को वेब पोर्टल कहा जाता है। वेब पोर्टल का शाब्दिक अर्थ होता है इंटरनेट का प्रवेश द्वार | वेब पोर्टल वास्तव में स्वयं भी एक वेबसाइट होती है, जिससे दूसरे कई अन्य सम्बन्धित वेबसाइट पर पहुंचा जा सकता है। इंटरनेट से जुड़ने पर कई प्रकार के वेब पोर्टल मिलते हैं। वेब पोर्टल पर …

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इंटरनेट कनेक्शन के प्रकार | Types of Internet connection in hindi

इंटरनेट कनेक्शन के अनेक प्रकार हैं। जो इंटरनेट सर्विस के लिए बहुत ही मददगार होते हैं। जब हम ट्रांसमिशन टेक्नोलॉजी के बारे में सोचते हैं, तो डायलअप और ब्रॉडबैंड ही मुख्य प्रकार हैं। इंटरनेट कनेक्शन की पहुंच के लिए सबसे पहले डायलअप कनेक्शन का ही आविष्कार किया गया था, परन्तु वर्तमान में यह अपना अस्तित्व खोता …

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इंटरनेट प्रोटोकॉल क्या है प्रकार और कैसे काम करता है | Internet Protocol In Hindi

सामान्य जीवन में जब हम किसी को कोई डाक भेजते हैं तो उसके लिए हमें उस व्यक्ति के पोस्टल पते की आवश्यकता पड़ती है, जिससे भेजा गया सामान सही पते पर पहुंच सके। ठीक इसी प्रकार इंटरनेट की दुनिया में भी एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर तक जानकारी (डाटा) भेजने के लिए पते की आवश्यकता पड़ती …

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अरस्तू का विरेचन सिद्धान्त

पृष्ठभूमि अरस्तू के विरेचन सिद्धान्त को समझने से पहले हमें अरस्तू के गुरु प्लेटो के आदर्श को समझना होगा जिसके अन्तर्गत प्लेटो ने घोषित किया था कि आदर्श राज्य के आदर्श नागरिक से यह आशा की जाती है कि वह अपनी क्षुद्र वासनाओं का दमन करे, उनका निराकरण करे। प्लेटो की यह भी धारणा यो कि …

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योग का संक्षिप्त इतिहास

‘योग दर्शन’ भारत की एक प्राचीन दार्शनिक पद्धति है । इसका प्रादुर्भाव कब हुआ इसका निश्चित काल किसी भी प्राचीन ग्रंथ में उपलब्ध नहीं है। अलग–अलग विद्वानों के अनुसार अलग-अलग दर्शन काल. बताया जाता है । प्राचीन ऐतिहासिक पुरातत्व के अवशेष एवं साहित्य इसकी प्राचीनता को प्रमाणित करते हैं। यदि हम सिन्धु घाटी की सभ्यता से …

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स्वास्थ्य के विभिन्न आयाम क्या है?

स्वास्थ्य के आयाम स्वास्थ्य के विभिन्न आयाम बतलाए गए हैं जैसे शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, बौद्धिक एवं व्यावसायिक । किंतु मुख्य रूप से स्वास्थ्य के तीन प्रमुख आयाम हैं- शारीरिक आयाम मानसिक आयाम आध्यात्मिक आयाम 1. शारीरिक आयाम— शारीरिक रूप से स्वस्थ होने से तात्पर्य है कि मनुष्य की प्रत्येक कोशिका, अंग, कार्यप्रणाली, चयापचय अधिकतम क्षमता से …

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प्रकृति के तीन गुण सत्व, रजस, तमस की परिभाषा

वामन शिवराम आप्टे के संस्कृत हिन्दी कोश के अनुसार प्र + कृ + क्तिन् के योग में बने ‘प्रकृति’ शब्द का अर्थ है किसी वस्तु की मूल स्थिति, माया, जड़, जगत् तथा स्वाभाविक रूप से । प्रकृति की परिधि में सृष्टि के प्रमुख उपकरणों भूमि, जल, अग्नि, वायु तथा आकाश की गणना होती है । ‘ …

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पंचमहाभूत क्या है?

भारतीय दर्शन सांख्य दर्शन तथा योग-दर्शन के अनुसार सृष्टि पंच महाभूतों से मिलकर बनी है, अतः इन्हीं में समाहित भी हो जाती है मानव शरीर भी इन पंच तत्वों से मिलकर बना है। पंचतन्मात्राओं से पंचमहाभूतों की उत्पत्ति होती है । पंच तन्मात्राओं से 5 महाभूतों की स्वतंत्र रूप से सृष्टि होती है । ‘शब्द’ तन्मात्रा …

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