उपन्यास किसे कहते हैं/प्रेमचंद के अनुसार उपन्यास की परिभाषा

उपन्यास ऐसी विधा है जिसतें लेखक अपने विचार या बात उपन्यास माध्यम से व्यक्त करते हैं। उपन्यास एक सशक्त विधा है जिसमें लेखक आज के आधुनिक युग में क्या घटित हो रहा है जैसे भ्रष्टाचार, आतंकवाद, अत्याचार, – जातिवाद, भेदभाव, सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक आदि परिस्थितियों को उल्लेखित करते हैं। उपन्यास शब्द का व्युत्पत्तिपरक अर्थ उसके …

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हिन्दू धर्म के प्रमुख सम्प्रदाय कौन – कौन से हैं?

उपास्य देवों की उपासना पद्धतियों में आंतरिक भिन्नता होने के कारण प्रत्येक मत में कालक्रम से अनेक सम्प्रदायों का प्रवर्तन होना स्वभाविक है। मत की अपेक्षा सम्प्रदाय में वैचारिक संकीर्णता तथा एकदेशीयता की प्रवृत्ति दृष्टिगोचर होती है। डा. राधकृष्णन के मत में सम्प्रदाय सीमित होते हैं और इन्हें अंतिम और सार्वभौमिक सत्य नहीं कहा जा सकता। …

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बाल साहित्य का अर्थ, परिभाषा एवं अवधारणा

जो साहित्य बालकों की समझ से परे न होकर उसके मन की गहराई तक पहुँचे । भाषा बच्चों की सरलता से सामंजस्य रखे साथ ही जिसे पढ़कर उसका बहुमुखी विकास संभव हो, वह साहित्य ‘बाल साहित्य’ है।  बाल साहित्य का अर्थ ‘साहित्य’ शब्द में ‘बाल’ शब्द उपसर्ग के रूप जाता है तब वह बाल साहित्य माना …

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मनोविज्ञान का अर्थ एवं परिभाषा, विकास एवं सिद्धांत

मनोविज्ञान मानव मन का विश्लेषणात्मक रूप है। मन के भावों या मनोवेगों का आलय, मनोविकारों या अनुभूतियों का कोष है और मनोविज्ञान में इन्हीं भावों, अनुभूतियों, उद्वेगों की व्याख्या प्रस्तुत की जाती है। मनोविज्ञान के विषय की ओर मानव मन सदा आकर्षित रहा है। उसे अपने और दूसरों के स्वभावों, गुणों, व्यवहारों, संबंधों, प्रयासों, सुख-दुःख तथा …

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बाल मनोविज्ञान का अर्थ एवं परिभाषा

बाल मनोविज्ञानः– मनोविज्ञान शब्द में बाल ‘उपसर्ग’ लगने से बना बाल मनोविज्ञान जिसका तात्पर्य बच्चों का मनोविज्ञान या बाल व्यवहार का अध्ययन । बालकों का मनोविज्ञान बहुत रोचक है। इसमें बाल्यावस्था में होने वाले क्रमिक विकास व्यक्तित्व संबंधी विशेषताओं और मनोदशा का अध्ययन किया जाता है। यदि हम बाल मनोविज्ञान पर शाब्दिक दृष्टि से ही विचार …

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दलित साहित्य का अर्थ, परिभाषा, उद्भव व विकास

हिन्दी में दलित साहित्य की अवधारणा, अवधारणा के रूप में भले ही बाद में आई हो किंतु इसके बीज मध्यकाल में तब से दिखाई देते है, जब इस्लाम का आगमन हुआ और उन्होने समता, स्वतंत्रता तथा भाईचारे के दृष्टिकोण को अपनाया। उनके इस दृष्टिकोण से दलित वर्ग आकर्षित होकर उनके धर्म को भी स्वीकार करने लगा …

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इला भट्ट का जीवन परिचय

इला भट्ट भारत की एक प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता हैं। इला भट्ट का जन्म 7 सितम्बर सन् 1933 को अहमदाबाद, गुजरात में हुआ था। इनके पिता सुमत भट्ट एक सफल वकील थे। जिन्होंने भारत की महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। 1972 में सेल्फ-एम्पलॉयड वीमन ऐसोसिशन (सेवा) नामक महिला व्यापार संघ …

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स्वयं सहायता समूह से क्या लाभ है?

यह स्वेच्छा और आपसी सद्भावना के आधार पर निर्मित 15 से 20 व्यक्तियों का एक छोटा समूह होता हैं। इसका निर्माण एक विशेष उद्देश्य को ध्यान में रखकर किया जाता हैं। इस समूह के सदस्य अपनी बचत ऋण तथा सामाजिक सहभागिता के आधार पर अपने उत्थान का मार्ग प्रशस्त करते हैं। स्वयं सहायता समूह 15 से …

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बैंक का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, कार्य

बैंक, साख तथा मुद्रा का लेन-देन करने वाली व्यावसायिक संस्था है, जो अपने ग्राहकों के खातें में रुपया स्वीकार करती है और उसका भुगतान वह चेक, ड्राफ्ट आदि के द्वारा माँगें जाने पर करती है। दूसरे शब्दों में बैंकिंग का अर्थ है- कर्ज देने अथवा अन्य प्रकार से काम में लाने के लिए जनता से जमा …

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खरगौन जिले का इतिहास, प्रमुख स्थल

मध्यप्रदेश के 51 जिलों में से एक खरगौन जिला है। खरगौन मध्यप्रदेश के इन्दौर संभाग के अन्तर्गत आता है। खरगौन को सफेदसोना (कपास) उत्पादक जिला के रूप में जाना जाता है। खरगौन जिले को सफेद सोना (कपास) क्षेत्र कहा जाता है। खरगौन को पूर्व में पश्चिय निमाड़ क्षेत्र के रूप में जाना जाता है । खरगौन …

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