गुप्त वंश की उत्पत्ति, प्रारम्भिक शासक, प्रशासनिक व्यवस्था

गुप्त वंश (Gupta dynasty) की स्थापना श्रीगुप्त ने की थी जो संभवतया वैश्य जाति से संबंधित थे। वे मूलत: मगध (बिहार) तथा प्रयाग (पूर्वी उ.प्र.) के वासी थे। उसके पुत्र घटोत्कच जिसने महाराजा की उपाधि धारण की थी, एक छोटा-मोटा शासक प्रतीत होता है, किन्तु उसके विषय में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। यह भी पढ़ें: गुप्त …

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अर्थव्यवस्था में लोक व्यय के लिए नियमों की आवश्यकता है या नहीं?

इसमें एडोल्फ वैगनर तथा वाइजमैन पीकॉक के नियमों को आप अच्छी तरह से समझ सकेंगे जो लोक व्यय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखते है तथा लोक व्यय के विभिन्न पक्षों को वास्तविकता के साथ स्पष्ट करते है। इसके साथ वैगनर तथा वाइजमैन पीकॉक के नियमों की भी समीक्षा से आप परिचित हो सकेंगे।  यह भी …

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हैरोड-डोमर मॉडल की मुख्य आलोचनाएं

हैरोड और डोमर दोनों अर्थशास्त्रियों ने केन्ज के आय, उत्पादन और रोजगार सम्बन्धी विचार को अधिक व्यापक दीर्घकालीन रुप में प्रस्तुत किया है। हैरोड और डोमर के मॉडल की व्याख्या अलग-अलग ढ़ंग से होने पर भी दोनों मॉडल का सारांश एक ही है। इसी कारण से दोनों मॉडल को एक साथ ही पढ़ा जाता है। हैरोड-डोमर …

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नव उपनिवेशवाद क्या है नव उपनिवेशवाद के प्रकार?

यह एक नई अवधारणा है। इसका प्रयोग नए प्रकार के साम्राज्यवाद के लिए किया जाता है। इसे डॉलर साम्राज्यवाद, आर्थिक साम्राज्यवाद, नया-साम्राज्यवाद आदि नामों से भी जाना जाता है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अधिकतर पराधीन राष्ट्र राजनीतिक रूप से तो स्वतन्त्र हो गए लेकिन फिर भी अप्रत्यक्ष रूप से किसी न किसी तरह साम्राज्यवाद का …

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राज्यपाल की नियुक्ति कैसे होती है अनुच्छेद 158 कुछ अन्य योग्यताओं का वर्णन

राज्यपाल (Governor) की नियुक्ति अनुच्छेद 153 के अधीन भारत का संविधान यह व्यवस्था करता है कि, प्रत्येक राज्य का एक राज्यपाल होगा। परन्तु साथ ही यह व्यवस्था भी की गई है कि एक व्यक्ति दो या इससे अधिक राज्यों के राज्यपाल के रूप में कार्य कर सकता है। यह भी पढ़ें: संविधान द्वारा राज्यपाल को पर्याप्त व्यापक …

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प्रतिनिधि नौकरशाही क्या है प्रतिनिधि नौकरशाही की मुख्य विशेषताएं?

साधारण तौर पर प्रतिनिधि नौकरशाही (Representative bureaucracy) एक ऐसी नौकरशाही है जिसमें समाज में विद्यमान प्रत्येक जाति, वर्ग, समुदाय एवं धर्म के लोगों का उनकी जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व पाया जाता है।  एस. एन. झा के अनुसार – प्रतिनिधि नौकरशाही का सिद्धान्त इस बात पर जोर डालता है कि नौकरशाही की सामाजिक आर्थिक बनावट समाज …

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जन्म से मृत्यु तक 16 संस्कारों का विधान किया गया है। ये संस्कार इस प्रकार हैः

हिन्दू समाज में व्यक्तिगत एंव सामाजिक जीवन को सुव्यवस्था प्रदान करने हेतु जिन संस्थागत आधारों को विकसित किया गया है उनमें संस्कार भी एक हैं। संस्कारों का परम्परागत रूप से हिन्दू सामाजिक संगठन में विशेष महत्व रहा है। मानव जीवन को संगठित, अनुशासित एवं सुसंस्कृत करने के लिये संस्कारों की व्यवस्था की गई है, ताकि वह …

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मापन किसे कहते हैं हमारे पूर्वज किस प्रकार मापन करते थे?

माना कि आपको एक खेल के मैदान की लम्बाई नापने के लिए कहा जाता है तो आप क्या करेंगे? सम्भवत: आप मैदान के एक सिरे से दूसरे सिरे तक चलकर अपने कदमों की संख्या को नापेंगे। एक अन्य सम्भावना है कि आप किसी मापक फीता या किसी मीटर पैमाने की व्यवस्था करें और फिर उसकी सहायता …

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मानव विकास सूचकांक क्या है पॉल स्ट्रीटेन ने विकास के छ: कारणों की पहचान की। वे कारण हैं-

मानव विकास सूचकांक एक संयुक्त सूचकांक है जिसके द्वारा किसी देश के मानव विकास की औसत उपलब्धियों को मानव विकास के तीन आधारभूत आयामों के आधार पर माप सकते हैं। ये तीन आधारभूत आयाम हैं:  दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन,  ज्ञान प्राप्त करना तथा  एक शिष्ट और शालीन जीवन जीना।  इन तीनों आयामों को निम्नांकित तरीकों से …

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जल संभर प्रबंधन क्या है जल संभर प्रबंधन कार्यक्रमों में 2 अरब डालर खर्च कर चुकी है सरकार

वह भूमि जिसका जल प्रवाहित एक ही झील या नदी में आता है, वह एक जल संभर कहलाती है। जल संभर का अभिप्राय एक ऐसे क्षेत्र से है जिसका जल एक बिन्दु की ओर प्रवाहित होता है। इस जल का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग अच्छे परिणाम देने वाला बन सकता है। संबंधित क्षेत्र एक इकाई के …

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