इब्नबतूता कौन था वह किस काल में भारत आया था?

इब्नबतूता का जन्म 24 फरवरी, सन् 1304 ई0 को अफ्रीका के तंजा नाम के स्थान पर हुआ था । 1333 ई0 में वह भारत की सैर करने के लिए आया । जब वह मुहम्मद तुगलक के दरबार में पहुँचा तो सुल्तान उससे बहुत प्रसन्न हुआ । अतः उसने इब्नबतूता को 9 जून, 1334 ई0 को दिल्ली …

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जैन धर्म के प्रमुख सिद्धांत

वर्द्धमान महावीर जैन-धर्म के चौबीसवें तीर्थङ्कर थे। जैन परम्परा के अनुसार प्रथम तीर्थङ्कर थे ऋषभदेव और तेईसवें थे पार्श्वनाथ। शेष तीर्थङ्करों के क्रमशः ये नाम मिलते है – अजितनाथ, सम्भवनाथ, अभिनन्दन, सुमतिनाथ, पद्यप्रभ, सुपार्श्वनाथ, चन्द्रप्रभ सुविधिनाथ, शीतलनाथ, श्रेयांशनाथ, वासुपूज्य, मिलनाथ, अनन्तनाथ, धर्मनाथ, शांतिनाथ, कुन्थुनाथ, अरनाथ, मल्लिनाथ, मुनि सुव्रत, नमिनाथ तथा नेमिनाथ ( अरिष्ट नेमिनाथ)  इन तीर्थङ्करों …

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अपराध और बाल अपराध में अंतर

बाल अपराध (Child crime) कम आयु बालकों द्वारा किए समाज विरोधी कार्यों या अपराधों को बाल अपराध कहते हैं। यह अपराध निश्चित आयु से कम के बच्चों के द्वारा किया जाता है।  बाल अपराधियों की उच्चतम आयु सीमा मिस्र, इराक, लेबनान तथा सीरिया में 15 वर्ष, फिलीपाइन्स, लंका, बर्मा तथा इंग्लैण्ड में 16 वर्ष, भारत में लड़कियों …

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रघुनाथ दास गोस्वामी का जीवन परिचय

रघुनाथ दास गोस्वामी का जन्म 1494 ई. को बंगाल के हुगली जिले के धार्मिक कायस्थ परिवार में यहाँ हुआ था। श्री चैतन्य के चरित्र से प्रभावित होकर इन्होंने गृह त्याग कर दिया था । अनेक कष्ट झेलते हुये भी ये नीलाचल श्री चैतन्य से मिले। श्री चैतन्य ने प्रसन्न होकर अपने अन्तरंग शिष्य दामोदर की देखरेख …

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पर्यावरण शिक्षा क्या है ?

पृथ्वी पर रहने वाले मानव को यह ज्ञान कराना कि इसके कृत्यों से ही पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, विशाल प्राकृतिक संसाधनों के भंडार वाली पृथ्वी रिक्त हो चली है, भविष्य की बात तो दूर, वर्तमान पीढ़ी का जीवन भी कठिन हो गया है। इस स्थिति पर नियंत्रण करके भावी विनाश को रोका जा सकता है। …

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दिल्ली घराना का इतिहास, दिल्ली घराने की विशेषताएँ

यह घराना मुहम्मदशाह रंगीले के दरबार में पनपा । मुहम्मदशाह रंगीले के दरबारी गायक नियामत खाँ, जिन्हें सदारंग तथा अदारंग के नाम से जाना जाता है, अनेक ख्याल बनाए, बल्कि भातखण्डे क्रमिक पुस्तक मालिका में सदारंग और अदारंग के नाम से सैकड़ों ख्यालों का संग्रह विद्यमान है। ये दोनों गायक ध्रुवपद कलाकार थे साथ ही उत्तम कोटि …

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जयपुर घराने का इतिहास, जयपुर घराने की विशेषताएँ

जयपुर घराना का आरम्भ जयपुर के करामत अली और मुबारक अली (लखनऊ वालों) से माना जा सकता है। ये दोनों महाराज रामसिंह के दरबारी गायक थे। कोल्हापुर के सुप्रसिद्ध गायक स्व. अल्लादिया खाँ जयपुर के माने हुए कलाकार थे। ये ध्रुवपद की डागुरवाणी के कलाकारों के वंषज थे। इस घराने में जयपुर, ग्वालियर और लखनऊ घरानों …

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शब-ए-बारात क्यों मनाया जाता है?

शबेबरात का त्यौहार मुस्लिम समुदाय में प्रतिवर्ष शाबान के महीने की पन्द्रहवीं रात को मनाया जाता है। मुस्लिम समुदाय के लोग शबेबरात पर्व में मकानों की सफाई करते हैं, तरह-तरह से सजाते है और ‘शीतचंपक’ जलाते हैं। शबेबरात के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग पूरी रात जागकर अल्लाह से प्रार्थना करते हैं तथा पवित्र कुरान की …

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भारत-बांग्लादेश के मध्य विवाद का मुख्य कारण

1971 में बांग्ला देश की जनता ने न केवल पाकिस्तानी सैनिक गुट के विरूद्ध विद्रोह किया वरन् वहां की जनता ने अपने रक्त से एक नया इतिहास लिख कर दक्षिण एशिया के शक्ति संतुलन को भी नया आयाम प्रदान किया ।’ मुजीब की हत्या के बाद बांग्लादेश के सम्बन्ध में धीरे-धीरे निम्न प्रमुख मुद्दों को लेकर …

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हिन्दू शब्द की उत्पत्ति कब और कैसे हुई

‘हिन्द’ और ‘हिन्दू’ शब्द संस्कृत के ‘सिंध’ और ‘सिन्धु’ से विकसित हुए हैं। वेदों में कई जगह ऐसे प्रमाण हैं, जहाँ ‘स’ के स्थान पर ‘ह’ का प्रयोग किया गया है, जैसे ‘सरितो’ से ‘हरितो’ और ‘सरस्वत्यो’ से ‘हरस्वत्यो’ इत्यादि प्रयोग देखे जा सकते हैं। ईरान में प्राचीन भाषा ‘अवेस्तन’ (Avesten) में ‘सिन्धु’ देश हिन्दू के …

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