निर्गुण भक्ति धारा की शाखाएँ || निर्गुण भक्तिधारा की विशेषताएं

निर्गुण भक्ति धारा के अन्तर्गत ईश्वर के निराकार रूप की उपासना तथा ज्ञान और प्रेम द्वारा ईश्वर पा्रप्ति की बात कही गयी। तो सगुण भक्ति-धारा में ईश्वर के साकार सगुण रूप की उपासना राम और कृष्ण रूप में भगवान विष्णु के अवतारों की कल्पना करके सख्य और सेवक भाव से भक्ति कर ईश्वर की प्राप्ति का …

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मार्क्स के अतिरिक्त मूल्य का सिद्धांत और उसकी आलोचना

एँगेल्स के शब्दों में, इतिहास की भौतिकवादी धारणा और अतिरिक्त मूल्य द्वारा पूंजीवादी उत्पादन के रहस्य का उद्घाटन-इन दो महान् आविष्कारों के लिए हम मार्क्स के आभारी हैं। इन आविष्कारों के साथ समाजवाद एक विज्ञान बन गया। लेनिन ने अतिरिक्त मूल्य के सिद्धांत को मार्क्स की अर्थशास्त्राीय शिक्षा की आधारशिला कहा है। पूंजीवादी अर्थव्यवस्था का गहन …

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जॉन स्टुअर्ट मिल का जीवन परिचय एवं रचनाएं

जाॅन स्टुअर्ट मिल (John Stuart Mill) का जन्म लन्दन में 20 मई, सन् 1806 को हुआ था। उसके पिता जेम्स मिल एक प्रसिद्ध इतिहासकार एवं उपयोगितावादी विचारक थे। जाॅन के पिता अपने पुत्र को एक तेजस्वी विद्वान बनाना चाहते थे। अपने बच्चों की शिक्षा के बारे में उनके विचार कुछ विलक्षण ही थे। उनका कहना था कि …

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बेंथम का राज्य की उत्पत्ति का सिद्धांत

राज्य की उत्पत्ति के बारे में बेन्थम ने विचार किया था। बेन्थम से पूर्व राज्य की उत्पत्ति के बारे में सामाजिक संविदा सिद्धांत का बोलबाला था। बेन्थम ने संविदा सिद्धांत को अस्वीकार करते हुए उसका उग्र विरोध किया। उसने कहा कि ऐसा कोई भी संविदा नहीं हुआ था और यदि कोई ऐसा हुआ भी हो तो …

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मार्क्सवाद क्या है कार्ल मार्क्स के प्रमुख सिद्धांत कौन कौन से हैं?

कार्ल मार्क्स को वैज्ञानिक समाजवाद का प्रवर्तक माना जाता है। मार्क्स के पूर्ववर्ती विचारकों ने नवयुग के सामने लिए थे, किन्तु मार्क्स ने उन सपनों को साकार बनाने के लिए प्रयास किया। मार्क्स ने अपने विचारों को ‘वैज्ञानिक समाजवाद’ बतलाया। उसने अपने विचारों को वैज्ञानिक इसलिए कहा है कि उसने एक वैज्ञानिक की भांति समाज के …

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प्लेटो का आदर्श राज्य विशेषताएं और आलोचना। Plato’s ideal state

प्लेटो एक ऐसे आदर्श राज्य की रचना करना चाहता था। पूर्णरूपेण ‘आदर्श माॅडल’ हो अर्थात् उसकी रचना, उसकी ढृढ़ता, उसके सौन्दर्य एवं उसकी आदर्शवादिता में कहीं भी किसी भी प्रकार की वह त्रुटि नहीं रखना चाहता था। आदर्श की आदर्श के हेतु उपासना ही रिपब्लिक में उसके चिन्तन का एकमात्र लक्ष्य था। उसको एक बात की …

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मिल के स्वतंत्रता संबंधी विचार । Mill’s view on Liberty । J S Mill

जाॅन स्टुअर्ट मिल का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक चिन्तन ‘आन लिबर्टी’ (1859) नामक ग्रन्थ में निहित है। राजनीति दर्शन को यह ग्रन्थ उसकी अनुपम देन है। मिल का स्वतंत्रता संबंधी ग्रन्थ अंग्रेजी भाषा में स्वतंत्रता के समर्थन में लिखा गया, सबसे महत्वपूर्ण वक्तव्य माना जाता है। इसकी तुलना में मिल्टन के ऐरियोपेजिटिका ग्रन्थ को ही रखा जा …

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इतिहास की आर्थिक या भौतिकवादी व्याख्या

मानववादी विकास को समझने के लिए द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद के सिद्धांत को ऐतिहासिक विकास पर लागू करने के मार्क्स के प्रयोग को हम ‘इतिहास की भौतिक व्याख्या’ के सिद्धांत के नाम से पुकारते हैं। इतिहास या समाज का विकास द्वन्द्व की प्रणाली से होता है और भौतिक पदार्थ उस विकास को चलायमान करते हैं, यह इतिहास की …

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मैकियावेली का जीवन परिचय एवं महत्त्वपूर्ण रचनाएँ

मैकियावेली का जन्म इटली के पुनर्जागरण आन्दोलन के अग्रणी नगर फ्रलोरेन्स के एक सामान्य कुल में सन् 1469 में हुआ। उसको कोई बहुत उच्च शिक्षा तो प्रदान नहीं की गई पर लेटिन का अच्छा ज्ञान कराया गया। वह विभिन्न यूरोपियन देशों में 23 बार दूत नियुक्त हुआ । 1512 ई. में फ्रलोरेन्स के गणराज्य में राजनीतिक …

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पुनर्जागरण क्या है पुनर्जागरण की मुख्य विशेषताएँ?

पुनर्जागरण एक फ्रेंच शब्द (रेनेसाँ) है, जिसका शाब्दिक अर्थ है-‘फिर से जागना’। इसे ‘नया जन्म’ अथवा ‘पुनर्जन्म’ भी कह सकते हैं। परन्तु व्यावहारिक दृष्टि से इसे मानव समाज की बौद्धिक चेतना और तर्कशक्ति का पुनर्जन्म कहना ज्यादा उचित होगा। प्राचीन यूनान और रोमन युग में यूरोप में सांस्कृतिक मूल्यों का उत्कर्ष हुआ था। परन्तु मध्यकाल में …

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