सगुण भक्ति धारा क्या है सगुण भक्तिधारा की कितनी शाखाएँ है ?

सगुण भक्ति-धारा में ईश्वर के साकार सगुण रूप की उपासना राम और कृष्ण रूप में भगवान् विष्णु के अवतारों की कल्पना करके सख्य और सेवक भाव से भक्ति-कर ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग बताया गया। हिन्दी साहित्य के भक्तिकाल (1375-1700 वि.) में भक्ति की दो धाराएं सगुण तथा निर्गुण प्रवाहित हुईं। सगुण धारा के अन्तर्गत राम-कृष्ण …

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नेहरू महालनोविस माॅडल की विशिष्ट उपलब्धियां और कमियां

नेहरू महालनोविस माॅडल नेहरू विकास माॅडल की विशिष्ट उपलब्धियां इस प्रकार हैं  कृषि उत्पादकता में भारी वृद्धि के कारण उर्वरक व तकनीकी का प्रयोग जिससे देश में खाद्यान्नों में आत्मनिर्भरता।  भारत में औद्योगिक क्षमता के विस्तार को कारण पूंजी वस्तुओं में कामगार व सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका।  संचालन शक्ति, सिचाई, परिवहन एवं संचार आदि के रूप …

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शिया और सुन्नी सम्प्रदाय में विवाद की शुरूआत कैसे हुई ?

सुन्नी-शिया सम्प्रदाय इस्लाम में सबसे बड़ा और एक सबसे शुरू का विभाजन ‘शिया’ मत के प्रकट होने का परिणाम था। अरबी शब्द ‘शिया’ का अर्थ है-दल, सम्प्रदाय अथवा संघ-भेद। बहुत से विद्वानों का मानना है कि शिया आन्दोलन विजेता अरबों के विरुद्ध ईरानियों के असन्तोष तथा संघर्ष की अभिव्यक्ति था। यह आंशिकतः सही भी है मगर …

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सामाजिक सर्वेक्षण क्या है सामाजिक सर्वेक्षण के उद्देश्य, कार्य

सामाजिक सर्वेक्षण सामाजिक विज्ञानों की एक महत्त्वपूर्ण अध्ययन-पद्धति है। यह सामाजिक समस्याओं के अध्ययन व समाधान का एक वैज्ञानिक साधन है। वैज्ञानिक इस अर्थ में है कि इसमें सर्वेक्षण कर्ता घटनाओं के प्रत्यक्ष संपर्क में आता है और कोई भी निदान या निष्कर्ष वास्तविक निरीक्षण-परीक्षण के आधार पर करता है। परंतु इस संबंध में कुछ और …

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John Calvin (जॉन केल्विन) कौन है और उसने क्या किया ?

जाॅन कैल्विन जाॅन कैल्विन लूथर से भी उग्र सुधरक था। वह चाहता था कि ईसाई लोग बाइबिल की शिक्षा के अनुसार ही जीवन व्यतीत करें। लूथर का तो मतभेद केवल सैद्धांतिक था तथा वह गिरजाघरों के प्रबंध में अधिक परिवर्तनों के पक्ष में नहीं था, लेकिन कैल्विन इस क्षेत्र में भी आमूल परिवर्तन करने के पक्ष में …

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John Wycliffe (जॉन वाइक्लिफ) कौन था और धर्म सुधार में उसका क्या योगदान था ?

जाॅन वाइक्लिफ आक्सपफोर्ड विश्वविद्यालय का एक प्राध्यापक था। उसने कैथोलिक धर्म के बहुत से उपदेश तथा चर्च के क्रियाकलापों की आलोचना की। उसने घोषित किया कि पोप पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि नहीं है तथा भ्रष्ट एवं विवेकहीन पादरियों द्वारा दिये जाने वाले धार्मिक उपदेश निरर्थक हैं। उसका कहना था कि ऐश्वर्य एवं विलासिता का जीवन …

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बेरोजगारी क्या है भारत में बेरोजगारी के कारण ?

बेरोजगारी से आशय एक ऐसी स्थिति से है जिसमें व्यक्ति वर्तमान मजदूरी की दर पर काम करने को तैयार होता है परन्तु उसे काम नहीं मिलता। किसी देश में बेरोजगारी की अवस्था वह अवस्था है जिसमें देश में बहुत-से काम करने योग्य व्यक्ति हैं परन्तु उन्हें विभिन्न कारणों से काम नहीं मिल रहा है।  बेरोजगारी का …

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मार्टिन लूथर कौन थे और उन्होंने क्या किया ?

मार्टिन लूथर (1483-1546)-चर्च में व्याप्त भ्रष्टाचार तथा बुराइयों के विरुद्ध सबसे अधिक असन्तोष जर्मनी में फैला हुआ था और जर्मनी में ही चर्च के विरुद्ध एक व्यापक तथा सशक्त आन्दोलन भी चला। इस आन्दोलन का नेता था मार्टिन लूथर।  मार्टिन लूथर का जन्म एक निर्धन परिवार में हुआ था परन्तु वह बचपन से ही मेधावी था। 1505 …

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शिक्षा मनोविज्ञान क्या है? उसका क्या अर्थ है?

शिक्षा-मनोविज्ञान, मनोविज्ञान की एक महत्त्वपूर्ण शाखा है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है-‘शिक्षा’ और ‘मनोविज्ञान’। इसका शाब्दिक अर्थ है-शिक्षा सम्बन्धी मनोविज्ञान अर्थात् यह शिक्षा की प्रक्रिया में मानव-व्यवहार का वैज्ञानिक अध्ययन है तथा यह शैक्षिक समस्याओं को हल करने में मनोवैज्ञानिक सिद्धान्तों का प्रयोग करता है।  स्किनर के शब्दों में शिक्षा-मनोविज्ञान, अपना अर्थ शिक्षा से, …

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सहसंबंध का अर्थ, परिभाषा, प्रकार

सहसंबंध क्या है? सहसंबंध के अर्थ को स्पष्ट करते हुए  कटारिया ने लिखा है कि हम प्रायः यह जानना चाहते हैं कि दो पद-श्रेणियों के बीच क्या संबंध है। यह देखा जाता है कि किसी वस्तु की माँग में वृद्धि होने पर उसके मूल्य में भी वृद्धि होती है वर्षा अधिक होने पर उत्पादन अधिक होता …

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