श्यामपट्ट कितने प्रकार के होते हैं

श्यामपट्ट का आविष्कार सर्वप्रथम जेम्स विलियम ने किया था। श्यामपट्ट का साधारणत इन कार्याे में उपयोग किया जाता है- पाठ का सारांश लिखने के लिए। पाठ की रूप रेखा लिखने के लिए। नियम, परिभाषा तथा शिक्षण बिन्दु देने के लिए। सूचना अंकन, तिथि का ज्ञान देने तथा तालिका आलेखन के लिए। मुख्य निर्देश तथा आदेश लिखने …

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संविधानवाद क्या है संविधानवाद की उत्पत्ति और विकास

  संविधानवाद शासन की वह पद्धति है जिसमें शासन जनता की आस्थाओं, मूल्यों व आदर्शों को परिलक्षित करने वाले संविधान के नियमों व सिदान्तों  के आधार पर ही किया जाए व ऐसे संविधान के माध्यम से ही शासकों को प्रतिबंधित व सीमित रखा जाए जिससे राजनीतिक व्यवस्था की मूल व्यवस्थाएँ सुरक्षित रहें और व्यवहार में हर …

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भारतीय संविधान में 11 मौलिक कर्तव्य कौन कौन से हैं?

भारतीय संविधान में मौलिक कर्तव्य भारत के मूल संविधान में मूल अधिकारों को ही सम्मिलित किया गया था । प्रारंभ में मौलिक कर्तव्यों का संविधान में उल्लेख नहीं था । 42वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद 51क, भाग 4 में इसे स्थान दिया गया जिसमें कुल 10 मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख है ।  86वें संविधान संशोधन द्वारा …

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संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रमुख उद्देश्य

इस संस्था का गठन द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात राष्ट्र संघ के स्थान पर किया गया। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान ही दुनियाभर ने स्थायी शांति एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, कई सम्मेलनों के पश्चात 24 अक्टूबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ का उद्भव एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन के रूप में हुआ ताकि विश्व में मानव जाति …

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चित्रकला का अर्थ, परिभाषा, भारतीय चित्रकला की कौन-कौन सी विशेषता है

चित्रकला दो शब्दों से मिलकर बना है। चित्रकला अर्थात् वह कला जिसमें चित्र बनायें जाते है चित्रकला के माध्यम से अपने मनोभावों सपनों अनुभूतियों को प्रस्तुत करता है, हृदय की भावनाओं को रेखाओं दृश्य एवं प्रदर्शनकारी कला के विभिन्न रूप के माध्यम से प्रकट करके उन्हें रंगों द्वारा सुन्दर एवं सजीव बना देना हीं कला है। आन्तरिक भावनाओं …

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बहुभाषावाद या बहुभाषिता से तात्पर्य, बहुभाषिता के लाभ क्या है ?

बहुभाषावाद या बहुभाषिता से तात्पर्य एक से अधिक भाषाओं के प्रयोग से है। किसी व्यक्ति अथवा समुदाय द्वारा दो या दो से अधिक भाषाओं का प्रयोग बहुभाषिता कहलाता है। यह बहुभाषिता विभिन्न स्तर पर हो सकती है। कुछ लोग लिखने, बोलने या पढ़ने में दो या अधिक भाषाओं का प्रयोग कर लेते हैं, भले ही भाषाओं …

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गुणवत्ता का आशय, परिभाषा एवं विशेषताएँ

गुणवत्ता का आशय किसी वस्तु के गुणों को कोई कितना महत्व देता है, से है । प्रत्येक वस्तु की उपयोगिता एवं उत्तमता अलग-अलग होती है ओर प्रत्येक व्यक्ति गुणवत्ता का उल्लेख भी अपने ढंग से करता है । जैसे-‘चावल’ । आमतौर पर कई गुणों से युक्त होने के कारण इसे लोग गुणकारी कहेंगे परन्तु, यह कहना …

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संगीत में लय कितने प्रकार की होती हैं ?

संगीत में स्वर का लय में निबद्ध होना अनिवार्य है। लय भी सप्तकों के समान तीन स्तरों से गुजरती है, सामान्य लय को मध्य लय कहा जाता है। सामान्य से तेज लय को द्रुत लय एवं सामान्य से कम लय को विलिम्बत लय कहा जाता है। संगीत में लय के प्रकार संगीत में लय चार प्रकार …

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संविधानवाद की समस्याएं व सीमाएं और उनका निराकरण

  संविधानवाद की समस्याएं व सीमाएं संविधानवाद आधुनिक लोकतन्त्र का मूल मन्त्र है। संविधानवाद के बिना लोकतन्त्रीय आदर्शों व सिद्धान्तों का न तो विकास सम्भव है और न ही उनकी रक्षा। राष्ट्र संघ की स्थापना के बाद संविधानवाद को साम्यवादी क्रान्ति ने उदारवादी प्रजातन्त्रीय सिद्धान्तों को चोट पहुंचाई और इटली में फासीवाद, जर्मनी में नाजीवाद तथा …

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भू-आकृति विज्ञान क्या है? भू-आकृति की परिभाषा

भू-आकृति विज्ञान के अंतर्गत पृथ्वी के धरातल पर पाये जाने वाले स्थलीय रूपों यानि स्थलाकृतियों की उत्पत्ति, उनके विकास का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है । भू-आकृति विज्ञान, जिसे ग्रीक भाषा में जियोमॉर्फोलॉजी (Geomorphology) कहते हैं, का अर्थ है पृथ्वी के रूप का विवरण । भू-आकृति विज्ञान, पृथ्वी के रूप का सुव्यवस्थित और क्रमबद्ध विवरण है …

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