वैष्णव धर्म का उद्भव एवं विकास

वैष्णव धर्म का विकास भागवत धर्म से हुआ। मान्यता के अनुसार इसके प्रवर्तक वृष्णि (सत्वत) वंशी कृष्ण थे जिन्हें वसुदेव का पुत्र होने के कारण वासुदेव कृष्ण कहा गया। छान्दोग्य उपनिषद में उन्हें देवकी-पुत्र कहा गया है तथा घोर अंगिरस का शिष्य बताया गया है। कृष्ण के अनुयायी उन्हें भगवत् कहते थे। अतः उनके द्वारा प्रवर्तित …

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सभ्यता का अर्थ

संस्कृत-व्याकरण की दृष्टि से ‘सभ्यता’ पद की रचना इस प्रकार हुई है – ‘‘सभायां साधुः’’ अर्थ में सभा पद से यत् प्रत्यय लगाकर सभ्य पद निष्पन्न होता है। सभा+यत्= सभ्य। सभ्य पद का अर्थ है – वह व्यक्ति, जो सभाओं एवं समाज में उचित आचरण करता है, सामाजिक व्यवहारों को जानता है और इनका पालन करता …

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श्रीमती एनी बेसेंट का जीवन परिचय एवं एनीबीसेंट की भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में भूमिका

एनी बेसेंट का जन्म 1 अक्टूबर 1847 में लंदन के एक मध्यम वर्गीय परिवार में एनी वुड के रूप में हुआ था।  वह आयरिश मूल की थीं। जब वह केवल पांच साल की थीं तभी उनके पिता का देहांत हो गया था। परिवार के पालन-पोषण के लिए एनी की मां ने हैरो में लड़कों के लिए एक छात्रावास …

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20+ Best Love & Romantic Quotes For Him & Her 2022

20+ Best Love & Romantic Quotes For Him & Her 2022 Most people, especially codependents, desire to find love. For us, attachments provide our lives purpose and meaning, and love is arguably the highest ideal. They inspire us and give us life. When we struggle to take action on our own, a partner offers a companion. …

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भारतीय नागरिकों को प्राप्त 6 मूल अधिकार कौन से हैं ?

भारतीय नागरिकों को प्राप्त 6 मूल अधिकार मौलिक अधिकार भारत एक लोकतांत्रिक राज्य है, जिसमें लोगों के सर्वागीण विकास के लिए भारतीय नागरिकों को संविधान द्वारा 6 मूल अधिकार दिये गये हैं । नागरिकों को शोषण से बचाने और उनको सुखी जीवन प्रदान करने के लिए इनके अंतर्गत अवसर प्रदान किये गये हैं ।  भारतीय नागरिकों …

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भारत के 22 भाषाओं के नाम

भारत में विभिन्न भाषाओं और बोलियों को बोलने वाले लोग रहते हैं । भारत की विशाल जनसंख्या अलग-अलग क्षेत्र, समाज एवं समुदाय में बंटा है । अलग-अलग क्षेत्र, समाज और समुदाय के अपने रहन-सहन, आचार-विचार और भाषाएँ भी उनकी अपनी हैं ।  भाषा के आधार पर एक सर्वेक्षण किया गया जिसके आधार पर यहाँ लगभग 179 …

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भारत में बोली जाने वाली भाषाओं के नाम

भारत में बोली जाने वाली भाषाओं के नाम कुछ मुख्य भारतीय भाषाओं की चर्चा इस प्रकार है,  1. असमिया – इस भाषा का प्रयोग असम प्रांत में किया जाता है । इस भाषा को बोलने वालों की संख्या 1.30 करोड़ अर्थात् 1.55 प्रतिशत है । बंगाल और असम दोनों पड़ोसी राज्य की बंगला और असमी भाषाएँ बहुत …

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कमजोर वर्ग किसे कहते हैं या कमजोर वर्ग कौन है?

संवैधानिक दृष्टि से कमजोर/दुर्बल या दलित वर्ग के अन्तर्गत अनुसूचित जातियाँ, अनुसूचित जनजातियाँ तथा कुछ अन्य पिछड़े हुए समूह आते हैं । इसमें समाज के साधन हीन वर्ग को सम्मिलित किया गया है । वे व्यक्ति जो अपने जीवन की न्यूनतम बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा न कर सके । भोजन, वस्त्र, आवास तथा चिकित्सा की सुविधा …

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पाठ्यचर्या क्या है पाठ्यचर्या निर्माण के सिद्धांत

पाठ्यचर्या, शिक्षा के व्यापक औपचारिक स्वरुप का आकारिक ढाँचा है। पाठ्यचर्या (Curriculum) शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के ‘currere’ शब्द से हुई है जिसका अर्थ है- दौड़ का मैदान (Race Course) शिक्षा के क्षेत्र में इसका तात्पर्य विद्यार्थी के दौड़ के मैदान है। मैदान का अर्थ पाठ्यचर्या से है और दौड़ का अर्थ छात्रों द्वारा अनुभव …

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लोकतंत्र का मुख्य सिद्धांत क्या है ?

लोकतंत्र शब्द दो यूनानी (Greek) शब्दों के योग से बना है- ‘‘Demos और Kratos । ‘‘Demos’’ का अर्थ होता है लोग ‘और’ Kratos का ‘अर्थ’ पावर । ‘‘लोकतंत्र’’ का शाब्दिक अर्थ है ‘‘लोगों की शक्ति’ । प्रजातंत्र का अंग्रेजी रूपांतर (Democracy) है । प्रजातंत्र को लोकतंत्र या जनतंत्र भी कहा जाता है ।  अब्राहम लिंकन के अनुसार …

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