वैष्णव धर्म का उद्भव एवं विकास
वैष्णव धर्म का विकास भागवत धर्म से हुआ। मान्यता के अनुसार इसके प्रवर्तक वृष्णि (सत्वत) वंशी कृष्ण थे जिन्हें वसुदेव का पुत्र होने के कारण वासुदेव कृष्ण कहा गया। छान्दोग्य उपनिषद में उन्हें देवकी-पुत्र कहा गया है तथा घोर अंगिरस का शिष्य बताया गया है। कृष्ण के अनुयायी उन्हें भगवत् कहते थे। अतः उनके द्वारा प्रवर्तित …